10 अगस्त 2026
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तलवारबाजी में भारत उभरता हुआ देश, जेरोम गुथ बोले — विदेशी कोच और जापानी मॉडल से बदलेगी तस्वीर

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तलवारबाजी में भारत उभरता हुआ देश, जेरोम गुथ बोले — विदेशी कोच और जापानी मॉडल से बदलेगी तस्वीर

सारांश

जापान सेबर कोच जेरोम गुथ ने नई दिल्ली में कहा — भारत उभरता फेंसिंग देश है, पर 140 करोड़ की आबादी के बावजूद टीम सिर्फ 2-3 खिलाड़ियों की। विदेशी कोच और जापानी मॉडल अपनाने से बदल सकती है तस्वीर।

मुख्य बातें

जापान सेबर कोच जेरोम गुथ ने 23 जून 2026 को सीनियर एशियन फेंसिंग चैंपियनशिप 2026 , भारत मंडपम, नई दिल्ली में भारतीय फेंसिंग पर अपने विचार रखे।
गुथ ने कहा — भारत सेबर में उभरता हुआ देश है, लेकिन असली क्षमता अभी अनछुई है।
भवानी देवी को बताया पिछले 10 सालों की सबसे उल्लेखनीय भारतीय महिला फेंसर।
जापान सेबर टीम ने पिछले 3-5 सालों में 45 अंतरराष्ट्रीय पदक जीते; पेरिस 2024 में कांस्य पदक हासिल किया।
नई दिल्ली चैंपियनशिप में जापान ने 4 पोडियम फिनिश — 1 स्वर्ण, 2 रजत, 1 कांस्य — हासिल किए।
गुथ ने भारत में विदेशी कोचों की नियुक्ति और सरकारी निवेश को बताया सफलता की कुंजी।

जापान की पुरुष और महिला सेबर तलवारबाजी टीमों के हेड कोच जेरोम गुथ ने 23 जून 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित सीनियर एशियन फेंसिंग चैंपियनशिप 2026 के दौरान कहा कि भारत तलवारबाजी में एक उभरता हुआ देश है, लेकिन उसकी असली क्षमता अभी भी अनछुई है। 41 वर्षीय गुथ ने यह भी कहा कि बेहतर परिणामों के लिए भारत को विदेशी कोच और संरचित हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम की ज़रूरत है।

भारत दौरे का पहला अनुभव

गुथ ने भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) से बातचीत में कहा, "यह मेरा भारत में पहला दौरा है। मैं पहले कभी यहाँ नहीं आया। हम जब से दिल्ली आए हैं — होटल, शटल, प्रतियोगिता का आयोजन, समय — सब कुछ बहुत अच्छी तरह से व्यवस्थित है।" उन्होंने आयोजन की व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि यह अनुभव मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह सकारात्मक रहा है।

भवानी देवी और भारत की फेंसिंग विरासत

सेबर में भारत की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए गुथ ने कहा, "सेबर के मामले में भारत अभी भी एक उभरता हुआ देश है। पिछले 10 सालों में भवानी देवी एक बहुत अच्छी महिला फेंसर रही हैं। वह टोक्यो ओलंपिक में थीं और मैं उन्हें अक्सर सर्किट पर देखता हूँ।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये उपलब्धियाँ तब मिली हैं जब देश में फेंसिंग को मुख्य खेल का दर्जा अभी तक नहीं मिला है।

जनसंख्या की ताकत, पर टीम छोटी क्यों?

गुथ ने भारत की विशाल जनसंख्या और उसकी फेंसिंग टीम के आकार के बीच के अंतर पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा, "भारत दुनिया का सबसे ज़्यादा आबादी वाला देश है। इसलिए मेरे लिए यह समझना मुश्किल है कि भारतीय टीम सिर्फ दो या तीन फेंसर के साथ प्रतियोगिता में क्यों जाती है, न कि 12 लोगों की पूरी टीम के साथ।" उनका मानना है कि भारत की असली क्षमता का अभी तक पूरी तरह दोहन नहीं हुआ है।

जापानी मॉडल — भारत के लिए सबक

गुथ ने बताया कि जापान की सफलता का राज़ मजबूत नेतृत्व, हाई-परफॉर्मेंस सपोर्ट और ग्रासरूट प्लानिंग का एकीकरण है। उन्होंने कहा, "15-20 साल पहले जापान में फेंसिंग एक बहुत छोटा खेल था। सरकार ने निवेश किया और परिणाम आज सबके सामने है।" यह ऐसे समय में आया है जब जापान की सेबर टीम ने पिछले 3-5 सालों में 45 अंतरराष्ट्रीय पदक जीते हैं और पेरिस ओलंपिक 2024 में पहली बार क्वालीफाई करते हुए कांस्य पदक भी हासिल किया। गुथ ने भारत में विदेशी कोचों की नियुक्ति की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

नई दिल्ली चैंपियनशिप में जापान का प्रदर्शन

गुथ की कोचिंग में जापान की सेबर टीम ने सीनियर एशियन फेंसिंग चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन किया। महिला सेबर में स्वर्ण पदक, पुरुष और महिला टीम सेबर इवेंट्स में रजत पदक, और पुरुष सेबर में कांस्य पदक — कुल चार पोडियम फिनिश — इस प्रतियोगिता में जापान की श्रेष्ठता को दर्शाते हैं। गुथ के अनुसार, यदि भारत भी इसी राह पर चले, तो अगले दो दशकों में वह वही यात्रा तय कर सकता है जो जापान ने की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह सवाल खेल प्रशासन की प्राथमिकताओं पर सीधा प्रहार है। गौरतलब है कि भवानी देवी की सफलता व्यक्तिगत प्रतिभा की जीत है, न कि किसी सुनियोजित प्रणाली की। जापान ने जो रास्ता अपनाया — सरकारी निवेश, ग्रासरूट ढाँचा, विदेशी विशेषज्ञता — वह कोई रहस्य नहीं, बल्कि इच्छाशक्ति का सवाल है। जब तक फेंसिंग को भारत में नीतिगत प्राथमिकता नहीं मिलती, प्रतिभा की खोज और उसका रूपांतरण पदकों में महज संयोग बना रहेगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेरोम गुथ कौन हैं और उन्होंने भारतीय फेंसिंग पर क्या कहा?
जेरोम गुथ जापान की पुरुष और महिला सेबर तलवारबाजी टीमों के हेड कोच हैं। उन्होंने 23 जून 2026 को नई दिल्ली में सीनियर एशियन फेंसिंग चैंपियनशिप के दौरान कहा कि भारत सेबर में उभरता हुआ देश है, लेकिन विदेशी कोच और सरकारी निवेश के बिना इसकी असली क्षमता बाहर नहीं आ सकती।
भारत की फेंसिंग टीम इतनी छोटी क्यों है?
गुथ के अनुसार, भारत दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सिर्फ 2-3 फेंसर के साथ उतरता है। उनका मानना है कि फेंसिंग को मुख्यधारा के खेल का दर्जा न मिलना और ग्रासरूट ढाँचे की कमी इसकी बड़ी वजह है।
जापान का फेंसिंग मॉडल भारत के लिए क्यों प्रासंगिक है?
जापान में 15-20 साल पहले फेंसिंग एक छोटा खेल था। सरकारी निवेश, मजबूत नेतृत्व और हाई-परफॉर्मेंस सपोर्ट के दम पर जापान ने पिछले 3-5 सालों में 45 अंतरराष्ट्रीय पदक जीते और पेरिस 2024 में कांस्य पदक हासिल किया। गुथ का कहना है कि यही मॉडल भारत भी अपना सकता है।
भवानी देवी भारतीय फेंसिंग में कितनी अहम हैं?
भवानी देवी पिछले 10 वर्षों में भारत की सबसे उल्लेखनीय महिला फेंसर रही हैं और टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने वाली पहली भारतीय फेंसर थीं। गुथ ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय सर्किट पर एक जानी-मानी खिलाड़ी बताया और कहा कि उनकी उपलब्धियाँ बिना किसी मजबूत प्रणाली के हासिल हुई हैं।
सीनियर एशियन फेंसिंग चैंपियनशिप 2026 में जापान का प्रदर्शन कैसा रहा?
जापान की सेबर टीम ने नई दिल्ली चैंपियनशिप में कुल चार पोडियम फिनिश हासिल किए — महिला सेबर में स्वर्ण, पुरुष और महिला टीम सेबर में रजत-रजत, और पुरुष सेबर में कांस्य पदक।
राष्ट्र प्रेस
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