8 नवंबर 2026
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तेलंगाना इंटरनेशनल चैलेंज 2026: तुषार और रक्षिता ने सिंगल्स खिताब जीते, भारत को मिले तीन टाइटल

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तेलंगाना इंटरनेशनल चैलेंज 2026: तुषार और रक्षिता ने सिंगल्स खिताब जीते, भारत को मिले तीन टाइटल

सारांश

हैदराबाद में तेलंगाना इंटरनेशनल चैलेंज 2026 के फाइनल दिन भारत ने तीन खिताब अपने नाम किए। तुषार सुवीर ने पहला गेम हारने के बाद शानदार वापसी की, रक्षिता ने साल का दूसरा अंतरराष्ट्रीय ताज पहना, और कृष्णा-पृथ्वी की जोड़ी ने महज 34 मिनट में डबल्स खिताब जीत लिया।

मुख्य बातें

तुषार सुवीर ने मेंस सिंगल्स फाइनल में भरत राघव को 15-21, 21-18, 21-19 से हराया; मैच 58 मिनट तक चला।
रक्षिता श्री संतोष रामराज ने विमेंस सिंगल्स में रुजुला रामू को 16-21, 21-15, 21-14 से हराकर 2026 का दूसरा अंतरराष्ट्रीय खिताब जीता।
कृष्णा प्रसाद गरागा / पृथ्वी कृष्णमूर्ति रॉय ने मेंस डबल्स फाइनल 21-12, 21-18 से जीता, मुकाबला महज 34 मिनट में समाप्त हुआ।
सतीश कुमार करुणाकरन / अश्विनी पोनप्पा मिक्स्ड डबल्स फाइनल में 19-21, 21-11, 21-13 से हारकर रजत पर रहे।
विमेंस डबल्स खिताब जापान की मेई सुडो / माई तानाबे ने 21-11, 21-11 से जीता।
भारत ने टूर्नामेंट में कुल तीन स्वर्ण और एक रजत पदक जीते।

तेलंगाना इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज 2026 के फाइनल में 8 नवंबर 2026 को हैदराबाद के पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन एकेडमी में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन खिताब अपने नाम किए। मेंस सिंगल्स में तुषार सुवीर, विमेंस सिंगल्स में रक्षिता श्री संतोष रामराज और मेंस डबल्स में कृष्णा प्रसाद गरागा/पृथ्वी कृष्णमूर्ति रॉय की जोड़ी ने चैंपियनशिप हासिल की। यह टूर्नामेंट में भारत की सबसे मजबूत एकदिवसीय उपस्थिति रही।

मेंस सिंगल्स: तुषार की जबरदस्त वापसी

छठी वरीयता प्राप्त तुषार सुवीर ने मेंस सिंगल्स के फाइनल में हमवतन भरत राघव को 58 मिनट के रोमांचक मुकाबले में हराया। पहला गेम 15-21 से गँवाने के बावजूद तुषार ने शानदार वापसी करते हुए अगले दो गेम क्रमशः 21-18 और 21-19 से जीतकर खिताब अपने नाम किया।

फाइनल तक का सफर भी तुषार के लिए उतना ही प्रभावशाली रहा। उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में अंश नेगी को सीधे गेम में हराया, क्वार्टर फाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त किरण जॉर्ज को 21-12, 21-17 से मात दी और सेमीफाइनल में हमार लालथजुआला को 21-14, 21-19 से पराजित किया।

विमेंस सिंगल्स: रक्षिता ने जोड़ा एक और अंतरराष्ट्रीय खिताब

शीर्ष वरीयता प्राप्त रक्षिता श्री संतोष रामराज ने 53 मिनट तक चले विमेंस सिंगल्स फाइनल में नौवीं सीड रुजुला रामू को 16-21, 21-15, 21-14 से हराकर खिताब जीता। पहला गेम गँवाने के बाद रक्षिता ने बेहतरीन रणनीति के साथ वापसी की और मैच अपने पक्ष में किया।

गौरतलब है कि इससे पहले इसी साल रक्षिता वियतनाम इंटरनेशनल चैलेंज भी जीत चुकी हैं, जिससे यह उनका 2026 का दूसरा अंतरराष्ट्रीय खिताब बन गया है। फाइनल तक के सफर में उन्होंने मारिया गोलुबेवा को सीधे गेम में, तन्वी रेड्डी को तीन गेम में और आदर्शनी श्री भूपति बालाजी को 21-17, 21-11 से हराया। सेमीफाइनल में अदिता राव के खिलाफ भी उन्होंने तीन गेम की जीत दर्ज की।

मेंस डबल्स: कृष्णा-पृथ्वी की जोड़ी का दबदबा

मेंस डबल्स फाइनल में टॉप सीड कृष्णा प्रसाद गरागा/पृथ्वी कृष्णमूर्ति रॉय की जोड़ी ने पाँचवीं वरीयता प्राप्त हमवतन जोड़ी साई प्रतीक के./रुबन कुमार रेथिनसाबपति को महज 34 मिनट में 21-12, 21-18 से हराकर खिताब जीता। पूरे टूर्नामेंट में इस जोड़ी ने अपना दबदबा बनाए रखा।

इनका सफर भी चुनौतियों से भरा रहा — पहले दौर में वीराफत फकजारुंग/तनुपत विरियांगकुरा को हराया, फिर पवन सुरेश/पुनीत सुरेश के खिलाफ तीन गेम की लड़ाई जीती। क्वार्टर फाइनल में अशित सूर्या/गणेश विट्टलजी और सेमीफाइनल में मलेशिया के लाउ यी शेंग/ली यी बो को पराजित किया।

मिक्स्ड डबल्स में भारत से चूका चौथा खिताब

भारत चौथे खिताब से महज एक कदम दूर रहा। मिक्स्ड डबल्स फाइनल में सतीश कुमार करुणाकरन और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी को टूर्नामेंट की दूसरी सीड रोडियन अलीमोव/अलीना दावलेतोवा के हाथों 19-21, 21-11, 21-13 से शिकस्त मिली। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम जीतकर उम्मीदें जगाई थीं, लेकिन विपक्षी जोड़ी ने 50 मिनट में मैच पलटकर खिताब अपने नाम किया।

विमेंस डबल्स में जापान का जलवा

विमेंस डबल्स खिताब जापान ने जीता। पाँचवीं वरीयता प्राप्त मेई सुडो और माई तानाबे की जोड़ी ने फाइनल में थाईलैंड की शीर्ष सीड पत्थरीन आइमवारीसरीसाकुल/सारिसा जानपेंग को 21-11, 21-11 से हराकर एकतरफा जीत दर्ज की। भारत के लिए यह टूर्नामेंट तीन स्वर्ण और एक रजत के साथ समाप्त हुआ — और आने वाले अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन सत्र के लिए एक मजबूत संकेत।

संपादकीय दृष्टिकोण

मिक्स्ड डबल्स में अनुभवी अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी का अंतिम चरण में लड़खड़ाना यह भी संकेत देता है कि शीर्ष अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में स्थिरता अभी भी एक चुनौती है।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना इंटरनेशनल चैलेंज 2026 में भारत ने कितने खिताब जीते?
भारत ने तेलंगाना इंटरनेशनल चैलेंज 2026 में तीन खिताब जीते — मेंस सिंगल्स, विमेंस सिंगल्स और मेंस डबल्स में। मिक्स्ड डबल्स फाइनल में भारतीय जोड़ी को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
तुषार सुवीर ने मेंस सिंगल्स फाइनल कैसे जीता?
छठी वरीयता प्राप्त तुषार सुवीर ने पहला गेम 15-21 से गँवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए अगले दो गेम 21-18 और 21-19 से जीतकर खिताब अपने नाम किया। 58 मिनट तक चले इस मुकाबले में उन्होंने हमवतन भरत राघव को हराया।
रक्षिता श्री संतोष रामराज का 2026 में यह कौन सा अंतरराष्ट्रीय खिताब है?
तेलंगाना इंटरनेशनल चैलेंज 2026 में विमेंस सिंगल्स खिताब रक्षिता का 2026 में दूसरा अंतरराष्ट्रीय खिताब है। इससे पहले वे वियतनाम इंटरनेशनल चैलेंज भी जीत चुकी हैं।
मेंस डबल्स फाइनल में कृष्णा-पृथ्वी की जोड़ी ने किसे हराया?
टॉप सीड कृष्णा प्रसाद गरागा और पृथ्वी कृष्णमूर्ति रॉय की जोड़ी ने पाँचवीं सीड हमवतन जोड़ी साई प्रतीक के. और रुबन कुमार रेथिनसाबपति को 21-12, 21-18 से हराया। यह मुकाबला महज 34 मिनट में समाप्त हो गया।
तेलंगाना इंटरनेशनल चैलेंज 2026 कहाँ आयोजित हुआ?
यह टूर्नामेंट हैदराबाद स्थित पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन एकेडमी में आयोजित किया गया। फाइनल मुकाबले 8 नवंबर 2026 को खेले गए।
राष्ट्र प्रेस
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