अंडर-19 एशिया कप 2026: आर्यवीर सहवाग और रायचंदानी के नाबाद अर्धशतक, भारत ने नेपाल को 10 विकेट से रौंदा
सारांश
मुख्य बातें
मेंस अंडर-19 एशिया कप 2026 में 6 नवंबर को मस्कट के अल अमरात क्रिकेट ग्राउंड में भारत ने नेपाल को 10 विकेट से करारी शिकस्त देते हुए ग्रुप ए में अपनी धमाकेदार शुरुआत की। सलामी बल्लेबाज आर्यवीर सहवाग और कप्तान लक्ष्य रायचंदानी ने नाबाद अर्धशतक जड़कर भारत को महज 19.1 ओवर में ही लक्ष्य तक पहुँचा दिया।
गेंदबाज़ी में ईशान सूद का दबदबा
पिच पर घास की हल्की परत को भाँपते हुए भारत ने पहले गेंदबाज़ी चुनी। तेज गेंदबाज ईशान सूद ने शुरुआती स्पेल में गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराकर नेपाल के बल्लेबाज़ों को लगातार परेशान किया। उन्होंने लगातार 10 ओवर गेंदबाज़ी करते हुए 4 मेडन ओवर के साथ सिर्फ 18 रन देकर 3 विकेट झटके।
सूद की घातक शुरुआत के बाद नेपाल के बल्लेबाज़ रनों के लिए संघर्ष करते रहे। बाएँ हाथ के स्पिनर अर्जुन राजपूत ने 3 विकेट लिए, जबकि यशवीर गौड़ ने 2 विकेट चटकाए।
नेपाल की पारी: दर्श सोनार की अकेली लड़ाई
शुरुआती झटकों के बाद दर्श सोनार ने पारी को संभाला। उन्होंने 93 गेंदों में 43 रन बनाए और नीरज यादव के साथ 24 रनों तथा आशीष के साथ 43 रनों की साझेदारी करते हुए नेपाल को 100 रनों के पार पहुँचाया।
हालाँकि, दर्श और आशीष की साझेदारी टूटते ही नेपाल का निचला क्रम ताश के पत्तों की तरह ढह गया और पूरी टीम 42.3 ओवर में सिर्फ 128 रनों पर सिमट गई।
आर्यवीर सहवाग की आक्रामक बल्लेबाज़ी
पूर्व भारतीय ओपनर वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग ने नेपाल के स्पिनर्स को खास तौर पर निशाना बनाया। वे कई बार क्रीज से बाहर निकलकर हवा में गेंद खेलते दिखे और महज 34 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया।
दूसरी ओर कप्तान रायचंदानी ने स्ट्राइक रोटेट करने पर ध्यान केंद्रित किया और 59 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। दोनों ने मिलकर 129 रनों का लक्ष्य बिना कोई विकेट गँवाए हासिल किया।
ग्रुप ए में भारत की स्थिति और आगे की चुनौती
185 गेंदें शेष रहते मिली इस जीत के साथ भारत 2 अंकों और 4.170 के नेट रन रेट के साथ ग्रुप ए की शीर्ष पर पहुँच गया है। यह ऐसे समय में आया है जब टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धा का स्तर काफी ऊँचा है।
गौरतलब है कि रविवार को ग्रुप ए के अपने दूसरे मुकाबले में भारत का सामना चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगा — एक मुकाबला जिस पर पूरे उपमहाद्वीप की निगाहें टिकी रहेंगी।