क्या उत्तराखंड की 'फ्लाइंग गर्ल' भागीरथी बिष्ट ने हैदराबाद मैराथन में गोल्ड जीता?

सारांश
Key Takeaways
- भागीरथी बिष्ट ने हैदराबाद मैराथन में गोल्ड जीता।
- उन्होंने 2 घंटे 51 मिनट में दौड़ पूरी की।
- उनके संघर्ष की कहानी प्रेरित करने वाली है।
- भागीरथी का सपना ओलंपिक में गोल्ड जीतना है।
- उन्हें प्राइज मनी में तीन लाख रुपये मिले।
चमोली, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। हैदराबाद मैराथन दौड़ में उत्तराखंड के चमोली जिले की भागीरथी बिष्ट ने गोल्ड जीता। रविवार को भागीरथी ने 2 घंटे 51 मिनट में दौड़ पूरी करते हुए पहला स्थान अपने नाम किया। इसके साथ ही उन्हें प्राइज मनी के तौर पर तीन लाख रुपये मिले।
देवाल ब्लॉक के वाण गांव की निवासी भागीरथी बिष्ट ने नेशनल लेवल पर इस सफलता के साथ जनपद तथा पूरे राज्य का नाम रोशन किया है। मैराथन दौड़ में 23 वर्षीय भागीरथी की इस उपलब्धि पर देवाल क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
भागीरथी अपने पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं। महज तीन वर्ष की आयु में भागीरथी के पिता की असमय मृत्यु हो गई थी, लेकिन इसके बावजूद भागीरथी ने हार नहीं मानी। उन्होंने संघर्ष और संसाधनों के आभाव के बीच ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर दौड़ना शुरू किया।
भागीरथी ने पढ़ाई जारी रखते हुए भाई-बहनों के साथ मिलकर घर का सारा काम संभाला। वह अपने खेतों में हल भी खुद ही लगाया करती थीं।
भागीरथी बिष्ट के कोच सुनील शर्मा हिमाचल के सिरमौर से हैं। कोच, भागीरथी की सफलता से बेहद खुश हैं। उन्होंने बताया, "भागीरथी बिष्ट ने 42 किलोमीटर की दौड़ करीब 2 घंटे 51 मिनट में पूरी करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। इससे पहले, भागीरथी ईरान में भी 42 किलोमीटर मैराथन में हिस्सा ले चुकी हैं। वह देश के अलग-अलग हिस्सों में कई मैराथन दौड़ में प्रथम स्थान प्राप्त कर चुकी हैं।"
उत्तराखंड की 'फ्लाइंग गर्ल' भागीरथी अपनी रफ्तार से दुनिया के फलक पर चमक बिखेरने के लिए उत्तराखंड के पौड़ी जनपद में स्थित रांसी स्टेडियम में कड़ी मेहनत कर रही हैं। भागीरथी का एक ही सपना है कि वह एक दिन ओलंपिक में देश के लिए गोल्ड जीतें।
राष्ट्र प्रेस
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