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वैभव सूर्यवंशी का 29 गेंदों में 94 रन का तूफान, भारत-ए ने दांबुला फाइनल में श्रीलंका-ए को 66 रन से रौंदा

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वैभव सूर्यवंशी का 29 गेंदों में 94 रन का तूफान, भारत-ए ने दांबुला फाइनल में श्रीलंका-ए को 66 रन से रौंदा

सारांश

15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने दांबुला फाइनल में 29 गेंदों में 94 रन की पारी खेलकर लिस्ट-ए क्रिकेट की सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड बनाया। भारत-ए ने 377 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर श्रीलंका-ए को 66 रन से हराया और त्रिकोणीय सीरीज का खिताब अपने नाम किया।

मुख्य बातें

भारत-ए ने 21 जून को दांबुला में त्रिकोणीय सीरीज फाइनल में श्रीलंका-ए को 66 रन से हराया।
वैभव सूर्यवंशी (15 वर्ष) ने 29 गेंदों में 94 रन बनाए — 10 चौके और 8 छक्के ।
वैभव ने 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जो लिस्ट-ए क्रिकेट की सबसे तेज फिफ्टी है।
वैभव और प्रियांश आर्य ने 53 गेंदों में 132 रन की ओपनिंग साझेदारी की।
कप्तान तिलक वर्मा ने 90 गेंदों में 67 रन बनाए; भारत-ए का स्कोर 377/9 रहा।
यश ठाकुर और विपराज निगम ने 3-3 विकेट लेकर श्रीलंका-ए को 311 पर रोका।

भारत-ए ने 21 जून को रांगिरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में श्रीलंका-ए को 66 रन से पराजित कर खिताब अपने नाम किया। इस सीरीज में भारत-ए, श्रीलंका-ए और अफगानिस्तान-ए की टीमें शामिल थीं। मात्र 15 वर्षीय सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की 29 गेंदों में 94 रन की विस्फोटक पारी इस जीत की धुरी रही।

वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक प्रदर्शन

टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत-ए की शुरुआत वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्य ने धमाकेदार अंदाज में की। दोनों ने पहले विकेट के लिए महज 53 गेंदों में 132 रन की साझेदारी कर श्रीलंकाई गेंदबाजों को बेबस कर दिया। वैभव ने सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जो लिस्ट-ए क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी है। उन्होंने अपनी पारी में 10 चौके और 8 छक्के जड़े और 94 रन बनाकर पवेलियन लौटे।

मध्यक्रम ने संभाला मोर्चा

वैभव के आउट होने के बाद प्रियांश आर्य ने 39 रन बनाए। इसके बाद कप्तान तिलक वर्मा ने ऋतुराज गायकवाड़ के साथ तीसरे विकेट के लिए 84 रन की साझेदारी की और भारत को 200 के पार पहुँचाया। गायकवाड़ 51 गेंदों में 40 रन बनाकर आउट हुए। तिलक वर्मा ने कुमार कुशाग्र (36 रन) के साथ चौथे विकेट के लिए 63 रन की अहम साझेदारी निभाई और स्वयं 90 गेंदों में 5 बाउंड्री की मदद से 67 रन बनाए। निचले क्रम में निशांत संधु (16), विपराज निगम (27) और अनुकूल रॉय (39) के योगदान से भारत-ए ने 9 विकेट पर 377 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। श्रीलंका की ओर से कुगाथास मथुलन, रविंदु फर्नांडो और वानुजा सहान ने 2-2 विकेट लिए।

श्रीलंका-ए का पीछा नाकाम

377 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका-ए की टीम 47.1 ओवरों में 311 रन पर ढेर हो गई। मेजबान टीम ने 75 रन तक ही 3 विकेट गँवा दिए थे। इसके बाद सदीरा समरविक्रमा (52 रन) और कप्तान सहान अराच्चिगे (38 रन) ने चौथे विकेट के लिए 53 रन जोड़े। 177 रन पर 6 विकेट गिरने के बाद वानुजा सहान (62 रन) और विजयकांत वियासकांत (39 रन) ने सातवें विकेट के लिए 77 रन की साझेदारी कर हार का अंतर कम करने की कोशिश की, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके।

भारत-ए की गेंदबाजी

भारत-ए की ओर से यश ठाकुर और विपराज निगम ने 3-3 विकेट लेकर श्रीलंकाई पारी की कमर तोड़ी। अनुकूल रॉय ने 2 विकेट हासिल किए, जबकि अशोक शर्मा और कप्तान तिलक वर्मा को 1-1 विकेट मिला। यह जीत भारत-ए के युवा खिलाड़ियों की परिपक्वता और गहराई का प्रमाण है, और वैभव सूर्यवंशी जैसे प्रतिभाशाली बल्लेबाजों के भविष्य की ओर एक उज्ज्वल संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

'ए' टीम के प्रदर्शन और सीनियर टीम में स्थान के बीच की राह लंबी और चुनौतीपूर्ण होती है — और 94 रन पर आउट होना यह भी याद दिलाता है कि बड़ी पारी को शतक में बदलने की परिपक्वता अभी और निखरनी है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वैभव सूर्यवंशी ने दांबुला फाइनल में कितने रन बनाए?
वैभव सूर्यवंशी ने महज 29 गेंदों में 8 छक्कों और 10 चौकों की मदद से 94 रन बनाए। उन्होंने 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जो लिस्ट-ए क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी है।
भारत-ए ने दांबुला फाइनल में कितने रन बनाए और जीत का अंतर क्या रहा?
भारत-ए ने 9 विकेट पर 377 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका-ए 47.1 ओवरों में 311 रन पर आउट हो गई, और भारत-ए ने 66 रन से जीत दर्ज की।
त्रिकोणीय सीरीज में कौन-सी तीन टीमें थीं?
इस त्रिकोणीय सीरीज में भारत-ए, श्रीलंका-ए और अफगानिस्तान-ए की टीमें शामिल थीं। फाइनल मुकाबला भारत-ए और श्रीलंका-ए के बीच दांबुला में खेला गया।
भारत-ए की गेंदबाजी में सबसे ज्यादा विकेट किसने लिए?
यश ठाकुर और विपराज निगम ने 3-3 विकेट लिए। अनुकूल रॉय ने 2 विकेट चटकाए, जबकि अशोक शर्मा और कप्तान तिलक वर्मा को 1-1 विकेट मिला।
वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्य की ओपनिंग साझेदारी कितनी रही?
वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्य ने पहले विकेट के लिए महज 53 गेंदों में 132 रन की साझेदारी की, जिसने भारत-ए को विशाल स्कोर की नींव दी।
राष्ट्र प्रेस
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