वैभव सूर्यवंशी का 11 गेंदों में रिकॉर्ड अर्धशतक, भारत ए ने दांबुला में 9 विकेट पर 377 रन ठोके
सारांश
मुख्य बातें
वैभव सूर्यवंशी ने 21 जून 2025 को रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में लिस्ट-ए क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक जड़ते हुए 29 गेंदों में 94 रन की तूफानी पारी खेली, जिसकी बदौलत भारत ए ने श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई सीरीज के फाइनल में 50 ओवर में 9 विकेट पर 377 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। 15 वर्षीय इस बल्लेबाज ने महज 11 गेंदों में पचास रन पूरे कर इतिहास की किताबों में अपना नाम दर्ज करा लिया।
वैभव और प्रियांश की विस्फोटक शुरुआत
टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी भारत ए को वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्या ने धमाकेदार आगाज दिया। दोनों ने पहले विकेट के लिए मात्र 8.5 ओवर में 132 रन की साझेदारी कर श्रीलंकाई गेंदबाजों को बेबस कर दिया। प्रियांश ने 29 गेंदों में 6 चौके और 1 छक्के की मदद से 39 रन बनाए।
वैभव ने 324 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए अपनी पारी में 10 चौके और 8 छक्के लगाए। गौरतलब है कि यह लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास में किसी बल्लेबाज द्वारा खेली गई सबसे तेज अर्धशतकीय पारी है — और यह कारनामा एक किशोर खिलाड़ी ने फाइनल के दबाव में किया।
तिलक वर्मा की कप्तानी पारी
कप्तान तिलक वर्मा ने जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए 90 गेंदों में 67 रन की संयमित पारी खेली। ऋतुराज गायकवाड़ के साथ उन्होंने तीसरे विकेट के लिए 106 गेंदों में 84 रन जोड़े। तिलक की पारी में 4 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। ऋतुराज गायकवाड़ अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा सके और 51 गेंदों में 40 रन बनाकर पवेलियन लौटे।
मध्यक्रम और अंतिम ओवरों में योगदान
कुमार कुशाग्र ने 39 गेंदों में 36 रन बनाए। सूर्यांश शेडगे महज 2 रन पर आउट हुए, जबकि निशांत सिंधु ने 16 रन और विपराज निगम ने 27 रन का योगदान दिया। अंतिम ओवरों में अनुकूल रॉय ने 260 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए सिर्फ 15 गेंदों में 39 रन की विध्वंसक पारी खेली, जिसमें 1 चौका और 4 छक्के शामिल रहे। यश ठाकुर 2 रन बनाकर नाबाद रहे।
श्रीलंका ए की गेंदबाजी
श्रीलंका ए की ओर से कुगाथास मथुलन, वानूजा साहन और रविन्दु फर्नांडो ने 2-2 विकेट लिए। मोहम्मद शिराज ने 1 विकेट अपने नाम किया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत की युवा क्रिकेट पीढ़ी अंतरराष्ट्रीय ए-स्तर के मंचों पर लगातार अपनी धाक जमा रही है।
आगे क्या
377 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका ए की बल्लेबाजी की असली परीक्षा होगी। भारत ए की गेंदबाजी इकाई अब इस स्कोर की रक्षा में उतरेगी और फाइनल का नतीजा तय होगा।