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वैभव सूर्यवंशी की 29 गेंदों में 94 रन की पारी; कोच मनीष झा बोले — तिलक, ऋतुराज, प्रियांश में नहीं यह क्षमता

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वैभव सूर्यवंशी की 29 गेंदों में 94 रन की पारी; कोच मनीष झा बोले — तिलक, ऋतुराज, प्रियांश में नहीं यह क्षमता

सारांश

दांबुला फाइनल में वैभव सूर्यवंशी की 29 गेंदों पर 94 रन की पारी ने लिस्ट ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक रिकॉर्ड अपने नाम किया। कोच मनीष झा ने साफ कहा — गेंद को मेरिट पर खेलने की यह क्षमता तिलक वर्मा, ऋतुराज गायकवाड़ और प्रियांश आर्य में नहीं है।

मुख्य बातें

वैभव सूर्यवंशी ने दांबुला में भारत ए बनाम श्रीलंका ए त्रिकोणीय सीरीज फाइनल में 29 गेंदों पर 94 रन की पारी खेली।
मात्र 11 गेंदों में अर्धशतक — यह लिस्ट ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक रिकॉर्ड है।
पारी में 5 चौके और 5 छक्के शामिल; शतक से चूके, अन्यथा 30 गेंदों पर शतक का रिकॉर्ड भी टूटता।
कोच मनीष झा ने कहा — तिलक वर्मा , ऋतुराज गायकवाड़ और प्रियांश आर्य में वैभव जैसी क्षमता या फ्लो नहीं।
झा ने वैभव को स्लेजिंग से विचलित न होकर लंबे करियर पर फोकस रखने की सलाह दी।

वैभव सूर्यवंशी ने दांबुला में भारत ए और श्रीलंका ए के बीच त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में 29 गेंदों पर 94 रन की विस्फोटक पारी खेलकर एक बार फिर साबित किया कि वह भारतीय क्रिकेट की सबसे रोमांचक प्रतिभाओं में से एक हैं। इस पारी के दौरान उन्होंने मात्र 11 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया, जो लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड है।

फाइनल में वैभव का करिश्मा

पारी के शुरुआती 50 रन सूर्यवंशी ने केवल 11 गेंदों में जोड़े, जिसमें 5 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। उनके कोच मनीष झा ने बताया कि सीरीज के पिछले मैचों में वैभव ने अच्छी शुरुआत तो की थी, लेकिन उसे बड़ी पारी में नहीं बदल पाए थे। फाइनल में उन्होंने उन सभी कमियों को दूर कर दिया।

झा ने कहा, "वैभव ने हर गेंद को उसकी मेरिट के हिसाब से खेला और जो बेहतर शॉट हो सकता था, वही लगाया। अफसोस यह है कि उनका शतक नहीं आया, वरना 30 गेंदों पर शतक वाला रिकॉर्ड भी टूट जाता। मुझे उम्मीद है कि बहुत जल्द सबसे तेज शतक वाला रिकॉर्ड भी टूटेगा।"

तिलक, ऋतुराज और प्रियांश से तुलना

कोच मनीष झा ने वैभव की तुलना अन्य भारतीय बल्लेबाजों से करते हुए कहा, "प्रियांश आर्य, ऋतुराज गायकवाड़ और तिलक वर्मा भी अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन उनके पास वो क्षमता या फ्लो नहीं है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि वैभव के पास गेंद की लेंथ को पढ़कर तत्काल सही शॉट चुनने की जो अद्भुत क्षमता है, वह किसी अन्य मौजूदा भारतीय बल्लेबाज में नहीं दिखती।

झा ने यह भी जोड़ा, "वैभव अपनी पारी की शुरुआत से ही गेंदबाजों पर हावी हो जाते हैं। यही उनकी बल्लेबाजी की शैली है। वह सिर्फ आईपीएल में नहीं, बल्कि किसी भी स्टेज पर ऐसे ही खेलेंगे।"

रिकॉर्ड और भविष्य की संभावनाएँ

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में वैभव बल्लेबाजी के कई मौजूदा रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। कोच झा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वैभव भविष्य में सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली और एमएस धोनी जैसे दिग्गजों की कतार में अपना नाम दर्ज कराएंगे।

कोच की सलाह — फोकस और संयम जरूरी

मनीष झा ने वैभव को भावनात्मक संयम बनाए रखने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्लेजिंग क्रिकेट का अभिन्न हिस्सा है और वैभव को इसे समझते हुए अपने खेल और लंबे करियर पर ध्यान केंद्रित रखना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब युवा खिलाड़ियों पर मैदान के भीतर-बाहर दबाव प्रबंधन को लेकर चर्चा तेज हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एक कोच द्वारा सार्वजनिक रूप से अन्य सक्रिय खिलाड़ियों की तुलनात्मक आलोचना भारतीय क्रिकेट की ड्रेसिंग रूम संस्कृति पर सवाल उठाती है। वैभव की प्रतिभा निर्विवाद है, लेकिन एक ही पारी के आधार पर उन्हें तिलक, ऋतुराज और प्रियांश से श्रेष्ठ घोषित करना समय से पहले का निर्णय लग सकता है — ये तीनों खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी साख बना चुके हैं। असली परीक्षा यह होगी कि वैभव इस फॉर्म को टेस्ट क्रिकेट की धीमी पिचों पर और अनुभवी अंतरराष्ट्रीय आक्रमण के सामने कितना बरकरार रख पाते हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वैभव सूर्यवंशी ने दांबुला फाइनल में कितने रन बनाए?
वैभव सूर्यवंशी ने दांबुला में भारत ए बनाम श्रीलंका ए त्रिकोणीय सीरीज फाइनल में 29 गेंदों पर 94 रन की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 5 चौके और 5 छक्के लगाए।
लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड किसके नाम है?
वैभव सूर्यवंशी ने 11 गेंदों पर अर्धशतक पूरा कर लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड अपने नाम किया। यह रिकॉर्ड 21 जून 2026 को दांबुला में बनाया गया।
कोच मनीष झा ने तिलक वर्मा, ऋतुराज गायकवाड़ और प्रियांश आर्य के बारे में क्या कहा?
कोच मनीष झा ने कहा कि प्रियांश आर्य, ऋतुराज गायकवाड़ और तिलक वर्मा अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन उनके पास वैभव जैसी गेंद की लेंथ पढ़कर सही शॉट चुनने की क्षमता या फ्लो नहीं है।
वैभव सूर्यवंशी 30 गेंदों पर शतक का रिकॉर्ड क्यों नहीं तोड़ पाए?
वैभव सूर्यवंशी 94 रन पर आउट हो गए, जिससे वह शतक से चूक गए। कोच मनीष झा के अनुसार, यदि शतक आ जाता तो 30 गेंदों पर शतक का रिकॉर्ड भी टूट सकता था।
कोच मनीष झा ने वैभव को क्या सलाह दी?
मनीष झा ने वैभव को अपने क्रिकेट और लंबे करियर पर फोकस रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्लेजिंग क्रिकेट का हिस्सा है और वैभव को इससे विचलित हुए बिना अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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