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वैभव सूर्यवंशी का दांबुला में तूफान: 29 गेंदों में 94 रन, लिस्ट-ए में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड

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वैभव सूर्यवंशी का दांबुला में तूफान: 29 गेंदों में 94 रन, लिस्ट-ए में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड

सारांश

15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने दांबुला फाइनल में 29 गेंदों में 94 रन की तूफानी पारी से इतिहास रच दिया — लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड। आलोचकों को बल्ले से जवाब और मैदानी विवाद के बाद यह पारी महज एक स्कोर नहीं, एक बयान थी।

मुख्य बातें

वैभव सूर्यवंशी ने 21 जून को दांबुला फाइनल में 29 गेंदों में 94 रन की पारी खेली — 8 छक्के और 10 चौके ।
महज 11 गेंदों में अर्धशतक जड़ लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज पचासे का रिकॉर्ड अपने नाम किया।
भारत-ए ने 377 रन बनाए; श्रीलंका-ए 311 रन पर ऑलआउट हुई।
वैभव को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
ग्रुप स्टेज में विशेन हलंबागे से विवाद के बाद फाइनल में बल्ले से दिया करारा जवाब।
वैभव ने स्पष्ट किया कि वे सिर्फ टी20 नहीं, 50 ओवर के मैच भी खेल चुके हैं।

दांबुला में 21 जून को खेले गए ट्राई-सीरीज फाइनल में 15 वर्षीय सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका-ए के खिलाफ महज 29 गेंदों में 8 छक्कों और 10 चौकों की मदद से 94 रन की विस्फोटक पारी खेली। इस पारी में उन्होंने केवल 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज पचासा लगाने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किया।

मैच का घटनाक्रम

पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत-ए टीम ने 9 विकेट खोकर 377 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में श्रीलंका-ए की पूरी टीम 47.1 ओवरों में 311 रन पर सिमट गई, जिससे भारत-ए ने फाइनल में शानदार जीत दर्ज की। वैभव को उनकी मैच-विजेता पारी के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।

वैभव की रणनीति और मानसिक तैयारी

पारी के बाद वैभव ने बताया कि उनका एकमात्र लक्ष्य पावरप्ले के पहले 10 ओवरों का भरपूर फायदा उठाना और पूर्व-निर्धारित योजना पर अमल करना था। उन्होंने कहा, "मैंने ज्यादा नहीं सोचा। बस पहले 10 ओवरों का पूरा फायदा उठाना चाहता था और अपनी योजना को लागू करना चाहता था।"

वैभव ने यह भी स्वीकार किया कि टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में कुछ तकनीकी खामियाँ उन्हें परेशान कर रही थीं। उन्होंने कोच के साथ मिलकर उन पर काम किया और फाइनल में उसका नतीजा सामने आया। उन्होंने कहा, "मुझ पर कोई दबाव नहीं था, लेकिन मैं उन योजनाओं को लागू करने की कोशिश कर रहा था जो काम नहीं कर रही थीं। आज योजना सही ढंग से लागू हुई और नतीजा अपने आप सामने आ गया।"

50 ओवर के क्रिकेट पर वैभव का जवाब

आईपीएल-2026 में धमाकेदार प्रदर्शन के बाद कुछ आलोचक वैभव को केवल टी20 स्पेशलिस्ट मानने लगे थे। इस पर हंसते हुए वैभव ने कहा, "मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैंने 50 ओवर के मैच भी काफी खेले हैं। शायद लोगों को यह पता नहीं है। अलग-अलग हालात, अलग-अलग पिच और खेलने का थोड़ा अलग तरीका, लेकिन यह मजेदार था।"

मैदानी विवाद और बल्ले से जवाब

गौरतलब है कि इसी टूर्नामेंट के ग्रुप-स्टेज मैच में वैभव और श्रीलंका-ए के खिलाड़ी विशेन हलंबागे के बीच मैदान पर तीखी बहस हुई थी। कथित तौर पर हलंबागे ने वैभव से कहा था, "घर जाओ, यह आईपीएल नहीं है।" इस विवाद में दोनों खिलाड़ियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई और दोनों टीमों के साथियों को बीच-बचाव करना पड़ा। फाइनल में 94 रन की पारी के साथ वैभव ने उस विवाद का जवाब अपने बल्ले से दिया।

आगे क्या

इस प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी की वनडे और टेस्ट क्रिकेट में भी दावेदारी और मजबूत हो गई है। महज 15 वर्ष की आयु में लिस्ट-ए रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज करने वाले इस युवा बल्लेबाज पर अब चयनकर्ताओं की नजरें और पैनी होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय क्रिकेट की उस पुरानी बहस का जवाब है जो हर युवा प्रतिभा को एक ही साँचे में ढालने की कोशिश करती है। आईपीएल की चमक के बाद उन्हें 'टी20 वंडर' तक सीमित कर देना उतना ही जल्दबाजी था जितना किसी भी किशोर खिलाड़ी को एक फॉर्मेट का कैदी मान लेना। गौरतलब है कि 15 साल की उम्र में तकनीकी खामियों को पहचानकर कोच के साथ मिलकर सुधारना और फिर फाइनल में उसे अमल में लाना — यह परिपक्वता उम्र से कहीं आगे की है। असली सवाल यह है कि क्या चयन-तंत्र इस बहुआयामी प्रतिभा को सभी प्रारूपों में धैर्य के साथ तराशेगा, या शॉर्टकट की तलाश में उन्हें किसी एक भूमिका में बाँध देगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वैभव सूर्यवंशी ने दांबुला फाइनल में कितने रन बनाए?
वैभव सूर्यवंशी ने 21 जून को दांबुला में श्रीलंका-ए के खिलाफ फाइनल में 29 गेंदों में 94 रन बनाए, जिसमें 8 छक्के और 10 चौके शामिल थे। इस पारी के दम पर भारत-ए ने फाइनल जीता।
वैभव सूर्यवंशी ने लिस्ट-ए क्रिकेट में कौन सा रिकॉर्ड बनाया?
वैभव सूर्यवंशी ने केवल 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज पचासे का रिकॉर्ड अपने नाम किया। यह उपलब्धि उन्होंने 15 वर्ष की आयु में हासिल की।
वैभव सूर्यवंशी और विशेन हलंबागे के बीच क्या विवाद हुआ था?
ट्राई-सीरीज के ग्रुप-स्टेज मैच में कथित तौर पर श्रीलंका-ए के खिलाड़ी विशेन हलंबागे ने वैभव से कहा था कि 'घर जाओ, यह आईपीएल नहीं है।' इसके बाद दोनों के बीच धक्का-मुक्की हुई और दोनों टीमों के खिलाड़ियों को बीच-बचाव करना पड़ा।
क्या वैभव सूर्यवंशी सिर्फ टी20 क्रिकेटर हैं?
नहीं, वैभव सूर्यवंशी ने खुद स्पष्ट किया है कि उन्होंने 50 ओवर के मैच भी खेले हैं। उनके अनुसार शायद लोगों को यह पता नहीं है, लेकिन वे अलग-अलग हालात और पिच पर खेलने का अनुभव रखते हैं।
भारत-ए और श्रीलंका-ए के फाइनल में क्या हुआ?
भारत-ए ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर 377 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका-ए 47.1 ओवरों में 311 रन पर सिमट गई। इस तरह भारत-ए ने फाइनल जीतकर ट्राई-सीरीज का खिताब अपने नाम किया।
राष्ट्र प्रेस
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