दांबुला टेस्ट में वैभव सूर्यवंशी और विशेन हलंबागे के बीच धक्का-मुक्की, एसएलसी ने लगाया प्रतिबंध
सारांश
मुख्य बातें
रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में 16 जून को खेले गए इंडिया 'ए' और श्रीलंका 'ए' के बीच ट्राई-सीरीज मैच के बाद मैदान पर तनाव उस वक्त चरम पर पहुँच गया, जब भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका 'ए' के विशेन हलंबागे के बीच तीखी बहस धक्का-मुक्की में बदल गई। श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) ने मैच रेफरी प्रदीप जयप्रकाश की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित खिलाड़ियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
मैच में क्या हुआ
दोनों टीमों का स्कोर 265-265 पर बराबर रहने के बाद मुकाबला सुपर ओवर तक खिंचा, जिसमें श्रीलंका 'ए' ने जीत दर्ज की। मैच समाप्त होते ही सूर्यवंशी और हलंबागे के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हुई, जो देखते-देखते धक्का-मुक्की में तब्दील हो गई।
किस पर हुई कार्रवाई
क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, मैच रेफरी प्रदीप जयप्रकाश — जो श्रीलंका के पूर्व तेज गेंदबाज भी हैं — द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों में विशेन हलंबागे मुख्य रूप से शामिल हैं। इसके अलावा, श्रीलंका 'ए' के विकेटकीपर निरोशन डिकवेला पर भी जुर्माना लगाया गया है। हालाँकि डिकवेला झगड़े को शांत करवाने की कोशिश कर रहे थे, उन पर एक अलग नियम उल्लंघन के लिए जुर्माना लगाया गया — जिसे स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार संभवतः यह अत्यधिक अपील करने से संबंधित हो सकता है।
सूर्यवंशी पर कार्रवाई की स्थिति
फिलहाल यह पुष्टि नहीं हुई है कि वैभव सूर्यवंशी पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है या नहीं। इस मामले में कोई आधिकारिक सुनवाई नहीं हुई। श्रीलंका 'ए' के सूत्रों के अनुसार, मैच रेफरी जयप्रकाश ने केवल मैदान पर तैनात अंपायरों की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है।
ट्राई-सीरीज की मौजूदा स्थिति
भारत, श्रीलंका और अफगानिस्तान के बीच जारी इस ट्राई-सीरीज में श्रीलंका 'ए' 3 में से 2 मैच जीतकर शीर्ष पर है। भारतीय टीम 3 में से 1 मुकाबला जीतकर दूसरे स्थान पर बनी हुई है, जबकि अफगानिस्तान 2 में से 1 जीत के साथ तीसरे पायदान पर है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब सीरीज अपने निर्णायक दौर में है और सभी टीमों के लिए हर मैच अहम है।
आगे क्या होगा
एसएलसी की ओर से आधिकारिक बयान का अभी इंतजार है। यह देखना होगा कि क्या सूर्यवंशी पर भी कोई कार्रवाई होती है और क्या बीसीसीआई इस मामले में कोई प्रतिक्रिया देती है। अंतरराष्ट्रीय 'ए' टीम क्रिकेट में इस तरह की घटनाएँ खिलाड़ियों के भविष्य के चयन को भी प्रभावित कर सकती हैं।