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वैभव सूर्यवंशी के पिता श्रीलंका दौरे पर साथ जाएंगे, BCCI ने यूके-आयरलैंड का भी दिया विकल्प

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वैभव सूर्यवंशी के पिता श्रीलंका दौरे पर साथ जाएंगे, BCCI ने यूके-आयरलैंड का भी दिया विकल्प

सारांश

15 साल के वैभव सूर्यवंशी के लिए BCCI ने एक असाधारण कदम उठाया है — उनके पिता को श्रीलंका ट्राई-सीरीज, यूके और आयरलैंड दौरे पर साथ जाने का विकल्प दिया गया है। सचिन तेंदुलकर का सबसे कम उम्र के डेब्यू का रिकॉर्ड तोड़ने की कगार पर खड़े इस बल्लेबाज का सफर अब एक नए मोड़ पर है।

मुख्य बातें

BCCI ने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के पिता के लिए श्रीलंका दौरे पर साथ जाने का इंतजाम किया।
पिता को यूके और आयरलैंड दौरे पर भी साथ जाने का विकल्प दिया गया है।
वैभव 9 जून से शुरू होने वाली ट्राई-सीरीज में भारत ए की तरफ से खेलेंगे।
वैभव को आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे और एशियन गेम्स के लिए भारतीय टी20 टीम में भी चुना गया है।
वैभव भारत के सबसे कम उम्र के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बन सकते हैं; अभी यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम है — 16 साल 205 दिन में डेब्यू ( 1989 )।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के पिता के लिए श्रीलंका ट्राई-सीरीज दौरे पर साथ जाने का इंतजाम किया है, जो 9 जून से शुरू हो रही है। बोर्ड ने उनके पिता को यूके और आयरलैंड दौरे पर भी साथ जाने का विकल्प दिया है। यह निर्णय वैभव की कम उम्र और सीनियर टीम के नए माहौल को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

BCCI सचिव ने दी जानकारी

BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने इस व्यवस्था की पुष्टि करते हुए बताया, 'वैभव सूर्यवंशी के पिता आज श्रीलंका आ रहे हैं और हम उन्हें ऑफर करेंगे कि अगर वह यूके और आयरलैंड भी जाना चाहते हैं, तो उनके लिए इंतजाम किए जाएंगे।' सैकिया ने स्पष्ट किया कि वैभव की उम्र को देखते हुए यह सुनिश्चित करना बोर्ड की जिम्मेदारी है कि वह नए माहौल में सहज और सुरक्षित महसूस करें।

सीनियर टीम में नया अनुभव

सैकिया ने बताया कि वैभव इससे पहले हमेशा अंडर-19, जूनियर या सब-जूनियर टीमों के साथ यात्रा करते थे, इसलिए वह उस परिचित माहौल में सहज थे। अब सीनियर खिलाड़ियों के साथ रहना उनके लिए एक बिल्कुल नया अनुभव होगा। उन्होंने कहा, 'देखिए, हमारी कुछ जिम्मेदारी है कि कोई भी नए माहौल में असहज या अकेला महसूस न करे। यह हमारा बेसिक प्रिंसिपल है। हम चाहते हैं कि वह धीरे-धीरे सीनियर टीम में एडजस्ट हो जाएं।'

मानसिक सहारे की अहमियत

सैकिया ने जोर देकर कहा कि माता-पिता की उपस्थिति से वैभव को मानसिक रूप से मजबूती मिलेगी और वह मैदान पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। बोर्ड का मानना है कि परिवार का साथ होने से युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय दबाव को बेहतर तरीके से संभाल सकता है।

इतिहास रचने की कगार पर वैभव

वैभव सूर्यवंशी अब भारत के सबसे कम उम्र के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनने की कगार पर हैं। फिलहाल यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज है, जिन्होंने 1989 में 16 साल और 205 दिन की उम्र में भारत के लिए डेब्यू किया था। गौरतलब है कि शनिवार को घोषित आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे और एशियन गेम्स के लिए चुनी गई भारतीय टी20 टीम में भी वैभव को जगह दी गई है।

आगे क्या

9 जून से शुरू होने वाली श्रीलंका ट्राई-सीरीज में वैभव भारत ए की तरफ से खेलते नजर आएंगे। यह दौरा उनके सीनियर करियर की औपचारिक शुरुआत मानी जा रही है, और BCCI की यह पहल दर्शाती है कि बोर्ड युवा प्रतिभाओं के समग्र विकास को प्राथमिकता दे रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सवाल यह भी उठता है कि क्या परिवार की उपस्थिति लंबे समय तक एक व्यावहारिक समाधान है, या वैभव को जल्द ही स्वतंत्र रूप से सीनियर माहौल में ढलना होगा। सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड की छाया में खेलना किसी भी किशोर के लिए भारी दबाव है; BCCI की जिम्मेदारी है कि वह इस प्रतिभा को सुर्खियों की भूख में झोंकने की बजाय धैर्य से तराशे।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वैभव सूर्यवंशी के पिता श्रीलंका दौरे पर क्यों जा रहे हैं?
BCCI ने वैभव की महज 15 साल की उम्र और सीनियर टीम के नए माहौल को देखते हुए उनके पिता के साथ जाने का इंतजाम किया है। बोर्ड चाहता है कि वैभव नए परिवेश में मानसिक रूप से सहज और सुरक्षित महसूस करें।
वैभव सूर्यवंशी किस सीरीज में खेलेंगे और कब से शुरू होगी?
वैभव 9 जून से शुरू होने वाली श्रीलंका ट्राई-सीरीज में भारत ए की तरफ से खेलेंगे। इसके अलावा उन्हें आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे और एशियन गेम्स के लिए भारतीय टी20 टीम में भी चुना गया है।
वैभव सूर्यवंशी कौन-सा रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं?
वैभव भारत के सबसे कम उम्र के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बन सकते हैं। अभी यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम है, जिन्होंने 1989 में 16 साल और 205 दिन की उम्र में भारत के लिए डेब्यू किया था।
BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने इस व्यवस्था पर क्या कहा?
सैकिया ने कहा कि बोर्ड की जिम्मेदारी है कि कोई भी नए माहौल में असहज या अकेला महसूस न करे। उन्होंने बताया कि वैभव पहले जूनियर टीमों के साथ यात्रा करते थे, इसलिए सीनियर माहौल में धीरे-धीरे एडजस्ट करने में परिवार का साथ मददगार होगा।
क्या वैभव के पिता यूके और आयरलैंड दौरे पर भी जाएंगे?
BCCI ने वैभव के पिता को यूके और आयरलैंड दौरे पर भी साथ जाने का विकल्प दिया है। अंतिम निर्णय परिवार पर छोड़ा गया है।
राष्ट्र प्रेस
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