28 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वैभव सूर्यवंशी बने जिम्बाब्वे T20 सीरीज के 'प्लेयर ऑफ द सीरीज', 3 मैचों में 151 रन; VVS लक्ष्मण को दिया श्रेय

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वैभव सूर्यवंशी बने जिम्बाब्वे T20 सीरीज के 'प्लेयर ऑफ द सीरीज', 3 मैचों में 151 रन; VVS लक्ष्मण को दिया श्रेय

सारांश

15 साल की उम्र में सीनियर टीम की सीरीज जीत का सूत्रधार — वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे में 3 मैचों में 151 रन ठोककर 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' का ताज पहना। इंग्लैंड में 42 रन की निराशा के बाद यह वापसी उतनी ही चौंकाने वाली है जितनी प्रेरणादायक।

मुख्य बातें

वैभव सूर्यवंशी (15 वर्ष) जिम्बाब्वे T20 सीरीज में 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुने गए।
3 मैचों में 50.33 की औसत से 151 रन — सीरीज के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज।
अंतिम मैच में 49 गेंदों पर 81 रन (8 चौके, 4 छक्के); 'प्लेयर ऑफ द मैच' भी।
सफलता का श्रेय अंतरिम कोच वीवीएस लक्ष्मण और बैटिंग कोच हृषिकेश कानितकर को दिया।
इंग्लैंड दौरे पर 3 पारियों में 42 रन के बाद यह प्रदर्शन उल्लेखनीय वापसी है।
ईशान किशन के साथ बिहार-कनेक्शन ने टीम में सामंजस्य बनाने में मदद की।

15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ T20 सीरीज में 3 मैचों में 50.33 की औसत से 151 रन बनाकर 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' का खिताब अपने नाम किया। इस युवा बल्लेबाज ने सीरीज में सर्वाधिक रन बनाए और 2 अर्धशतकीय पारियाँ भी खेलीं। अपनी इस उल्लेखनीय सफलता का श्रेय उन्होंने अंतरिम हेड कोच वीवीएस लक्ष्मण और बैटिंग कोच हृषिकेश कानितकर को दिया।

निर्णायक पारी और प्रदर्शन

27 जुलाई को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए सीरीज के अंतिम मुकाबले में सूर्यवंशी ने धीमी पिच पर 49 गेंदों में 81 रन की दमदार पारी खेली, जिसमें 8 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' भी घोषित किया गया। सीरीज के पहले मैच में उन्होंने 19 गेंदों में 50 रन की विस्फोटक पारी से भी सबका ध्यान खींचा था।

इंग्लैंड दौरे के बाद शानदार वापसी

यह प्रदर्शन इसलिए और अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि इंग्लैंड दौरे पर सूर्यवंशी 3 पारियों में केवल 42 रन ही बना सके थे। जिम्बाब्वे में उनकी वापसी ने यह साबित किया कि युवा प्रतिभाएँ सही मार्गदर्शन से तेज़ी से सीखती हैं। गौरतलब है कि इतनी कम उम्र में सीनियर भारतीय टीम में 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' बनना अपने आप में एक दुर्लभ उपलब्धि है।

कोचों की भूमिका और रणनीतिक स्वतंत्रता

सोमवार को बीसीसीआई के सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में सूर्यवंशी ने कहा, "सीनियर भारतीय टीम के लिए खेलना, 'प्लेयर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' बनना मेरे लिए एक सपना सच होने जैसा है। मैं बहुत खुश हूँ और उन सभी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ, जिन्होंने इस सफर में मेरा साथ दिया। मैं सीनियर खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ का आभारी हूँ।" उन्होंने यह भी बताया कि वीवीएस लक्ष्मण और हृषिकेश कानितकर ने मैच से पहले उनसे विस्तार से बात की — उनकी मानसिक स्थिति और सोच को समझा — और उन्हें बिना किसी दबाव के खुलकर खेलने की आज़ादी दी।

ईशान किशन से बिहार-कनेक्शन का फायदा

सूर्यवंशी ने विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन के साथ अपने तालमेल का भी ज़िक्र किया। दोनों खिलाड़ी बिहार से हैं, जिसके कारण राष्ट्रीय टीम में उनका समायोजन सहज रहा। सूर्यवंशी ने कहा, "मुझे ऐसा नहीं लगता कि मैं अकेला हूँ या सीनियर टीम में हूँ। ईशान भैया भी बिहार से हैं, इसलिए हमारी सोच और तालमेल अच्छी तरह से मिलती है।"

आगे क्या

इस सीरीज के बाद सूर्यवंशी की नज़रें अब आगामी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय असाइनमेंट पर होंगी। यह प्रदर्शन चयनकर्ताओं के सामने उनकी दावेदारी को और मज़बूत करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कोचिंग स्टाफ की 'बिना दबाव के खेलो' वाली रणनीति ने काम किया। असली परीक्षा तब होगी जब वे मज़बूत टीमों के खिलाफ, बड़े मंचों पर, इसी निरंतरता को बनाए रखेंगे।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे T20 सीरीज में कितने रन बनाए?
वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 3 T20 मैचों में 50.33 की औसत से 151 रन बनाए, जिसमें 2 अर्धशतकीय पारियाँ शामिल हैं। वे सीरीज के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे।
वैभव सूर्यवंशी ने अपनी सफलता का श्रेय किसे दिया?
सूर्यवंशी ने अपनी सफलता का श्रेय अंतरिम हेड कोच वीवीएस लक्ष्मण और बैटिंग कोच हृषिकेश कानितकर को दिया। उन्होंने कहा कि दोनों कोचों ने उन्हें रणनीतिक आज़ादी दी और बिना दबाव के खेलने के लिए प्रोत्साहित किया।
जिम्बाब्वे के आखिरी T20 में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन कैसा रहा?
27 जुलाई को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए अंतिम मैच में सूर्यवंशी ने धीमी पिच पर 49 गेंदों में 81 रन बनाए, जिसमें 8 चौके और 4 छक्के शामिल थे। इस पारी के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' भी चुना गया।
इंग्लैंड दौरे की तुलना में जिम्बाब्वे में वैभव का प्रदर्शन कितना बेहतर रहा?
इंग्लैंड दौरे पर सूर्यवंशी 3 पारियों में केवल 42 रन बना सके थे, जबकि जिम्बाब्वे में उन्होंने 3 मैचों में 151 रन बनाए। यह वापसी उनके करियर की अब तक की सबसे उल्लेखनीय पुनरावृत्ति मानी जा रही है।
ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी में क्या कनेक्शन है?
दोनों खिलाड़ी बिहार से हैं, जिससे राष्ट्रीय टीम में उनका तालमेल स्वाभाविक रूप से बन गया। सूर्यवंशी ने कहा कि ईशान किशन की मौजूदगी से उन्हें सीनियर टीम में घर जैसा माहौल मिला।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले