वैभव सूर्यवंशी का T20I में दूसरा अर्धशतक, 15 साल 121 दिन की उम्र में रचा इतिहास
सारांश
मुख्य बातें
वैभव सूर्यवंशी ने 27 जुलाई 2026 को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए भारत-जिम्बाब्वे टी20 सीरीज के तीसरे मैच में 49 गेंदों पर 4 छक्कों और 8 चौकों की मदद से 81 रन की धमाकेदार पारी खेलकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया। मात्र 15 साल और 121 दिन की उम्र में वैभव 16 वर्ष की आयु से पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दो अर्धशतक लगाने वाले दुनिया के पहले पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं।
ऐतिहासिक पारी का विवरण
रविवार को हरारे में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 20 ओवरों में 5 विकेट खोकर 192 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। शुरुआत में अभिषेक शर्मा मात्र 2 रन बनाकर स्कोर के 20 पर आउट हो गए। इसके बाद वैभव ने ईशान किशन के साथ दूसरे विकेट के लिए 50 गेंदों में 75 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 95 के स्कोर तक पहुँचाया।
ईशान किशन ने 26 गेंदों में 4 बाउंड्री की मदद से 29 रन बनाए। इसके बाद वैभव ने कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ तीसरे विकेट के लिए 29 गेंदों में 50 रन की साझेदारी कर टीम को बड़े स्कोर की ओर ले गए। श्रेयस ने 27 रन का योगदान दिया, जबकि रिंकू सिंह ने 14 गेंदों में 3 बाउंड्री के साथ 25 रन जोड़े।
रिकॉर्ड की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि वैभव ने इसी सीरीज के पहले मैच में 19 गेंदों पर 4 छक्कों और 4 चौकों की मदद से 50 रन की पारी खेली थी, जो 15 साल और 118 दिन की उम्र में आई थी। उस पारी ने उन्हें टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्धशतक लगाने वाला सबसे युवा खिलाड़ी बना दिया था। अब तीसरे मैच की पारी के साथ उन्होंने एक और नया कीर्तिमान स्थापित किया है — यह ऐसे समय में आया है जब युवा भारतीय क्रिकेटरों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उम्मीदें जुड़ी हैं।
जिम्बाब्वे के गेंदबाजों का प्रदर्शन
मेजबान जिम्बाब्वे की ओर से ब्रैड इवांस ने सर्वाधिक 2 विकेट चटकाए, जबकि सिकंदर रजा, ब्लेसिंग मुजारबानी और वेस्ली मधेवेरे ने 1-1 विकेट हासिल किए।
दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम में वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, रवि बिश्नोई, यश ठाकुर, मयंक यादव और अशोक शर्मा शामिल रहे। जिम्बाब्वे की ओर से सिकंदर रजा की कप्तानी में ब्रायन बेनेट, बेन कुरेन, डायोन मायर्स, रयान बर्ल, वेस्ली मधेवेरे, तदिवानाशे मारुमनी (विकेटकीपर), ब्रैड इवांस, न्यूमैन न्यामुरी, वेलिंगटन मसाकाद्जा और ब्लेसिंग मुजारबानी मैदान में उतरे।
आगे की राह
वैभव सूर्यवंशी की इस पारी ने भारतीय क्रिकेट में एक नए युग की आहट दे दी है — उनका यह प्रदर्शन आने वाले वर्षों में और बड़े रिकॉर्ड तोड़ने का संकेत देता है।