वैभव सूर्यवंशी का T20I में 19 गेंदों में अर्धशतक, 15 साल 118 दिन में बने सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय फिफ्टी मेकर
सारांश
मुख्य बातें
वैभव सूर्यवंशी ने 24 जुलाई को हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में महज 19 गेंदों में अर्धशतक जड़कर इतिहास रच दिया। 15 साल 118 दिन की उम्र में उन्होंने टी20 इंटरनेशनल और समग्र अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट — दोनों में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया। यह पारी भारतीय क्रिकेट के इस किशोर सितारे के सीनियर करियर की शानदार शुरुआत का प्रमाण है।
रिकॉर्ड तोड़ पारी का ब्यौरा
वैभव ने अपनी 50 रनों की पारी में 4 चौके और 4 छक्के लगाए। उन्होंने टी20 इंटरनेशनल में सबसे कम उम्र में अर्धशतक का रिकॉर्ड लुई ब्रूस से छीना, जिन्होंने 16 साल 56 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी। इसके साथ ही उन्होंने किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में सबसे युवा अर्धशतकवीर बनने के मामले में नेपाल के कुशल मल्ला को भी पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने 2020 में अमेरिका के खिलाफ 15 साल 340 दिन की उम्र में यह कारनामा किया था।
परिवार और कोच को समर्पण
बीसीसीआई के आधिकारिक चैनल पर साझा किए गए वीडियो में वैभव ने कहा, 'जब आप अपने करियर के शुरुआती दौर में होते हैं और आपको ऐसी पारियां खेलने को मिलती हैं और आप अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो इससे आने वाले मैचों के लिए आत्मविश्वास बढ़ता है। मुझे ऐसा लगा जैसे मैं अपनी लय में था और मैंने बस अपनी ताकत का इस्तेमाल किया।' उन्होंने यह अर्धशतक अपने परिवार, कोच और उन सभी लोगों को समर्पित किया जिन्होंने उनके अच्छे और बुरे दौर में साथ दिया।
सेलिब्रेशन के पीछे की भावना
अर्धशतक पूरा करते ही वैभव ने सिर के ऊपर दोनों हाथों से 'ए' का निशान बनाया — यह इशारा उनकी माँ आरती के प्रति श्रद्धांजलि थी। उन्होंने बताया, 'मैंने वह सेलिब्रेशन अपनी मां के लिए किया था, और दूसरा इशारा रिंकू सिंह के साथ हुई बातचीत पर आधारित था।' यह भावनात्मक क्षण दर्शाता है कि इस किशोर खिलाड़ी के लिए परिवार का समर्थन कितना केंद्रीय है।
हरारे से वैभव का खास रिश्ता
गौरतलब है कि हरारे का मैदान वैभव के लिए विशेष रूप से भाग्यशाली रहा है। इसी वर्ष की शुरुआत में उन्होंने यहाँ ICC अंडर-19 विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों में 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी। सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ उनकी 68 रनों की पारी ने भारत को रिकॉर्ड छठी बार अंडर-19 खिताब जीतने में अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि, इंग्लैंड के खिलाफ सीनियर सीरीज में तीन मैचों में उनका बल्ला खामोश रहा था, लेकिन जिम्बाब्वे दौरे ने उन्हें फिर से रंग में ला दिया है।
आगे की राह
वैभव ने कहा, 'आप कह सकते हैं कि मुझे यहां का माहौल पसंद है... लेकिन मैं इसे हल्के में नहीं ले रहा हूं। मैं बस टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने और जब भी खेलूं, अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहा हूं।' जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज के दो और मुकाबले शेष हैं और इस युवा सलामी बल्लेबाज से प्रशंसकों को बड़ी उम्मीदें हैं।