वीर अहलावत का कोर्स रिकॉर्ड 61: स्विस चैलेंज में 12-अंडर के साथ संयुक्त बढ़त
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय गोल्फर वीर अहलावत ने 6 जून को स्विट्जरलैंड के ल्यूसर्न में जारी स्विस चैलेंज के दूसरे राउंड में 10-अंडर-पार 61 का ऐतिहासिक स्कोर दर्ज कर गोल्फ सेम्पाच का कोर्स रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस शानदार प्रदर्शन के बाद अहलावत इंग्लैंड के मैथ्यू साउथगेट के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं और दोनों का कुल स्कोर 12-अंडर पार है।
मुख्य घटनाक्रम
इनविटेशन पर टूर्नामेंट में भाग ले रहे अहलावत ने पूरे दूसरे राउंड में एक भी बोगी नहीं लिया। फ्रंट नाइन में उन्होंने दूसरे, तीसरे और चौथे होल पर लगातार बर्डी दर्ज कीं, और सातवें होल पर एक और बर्डी से टर्न तक 4-अंडर पार पहुँच गए। बैक नाइन में उनका खेल और भी धारदार हो गया — 12वें होल से 17वें होल तक लगातार छह बर्डी की झड़ी लगा दी। 18वें होल पर पार के साथ राउंड समाप्त कर उन्होंने 61 का ऐतिहासिक स्कोरकार्ड सौंपा।
रणनीति और खेल का अंदाज़
राउंड के बाद अहलावत ने कहा कि पूरे दिन गेंद पर नियंत्रण शानदार रहा और अधिकांश बर्डी मौकों का फायदा मिला। उन्होंने बताया कि आक्रामक ड्राइविंग रणनीति की वजह से ग्रीन्स पर छोटे और आसान अप्रोच शॉट खेलने का मौका मिला, जिससे स्कोरिंग में मदद मिली। भारतीय खिलाड़ी ने स्पष्ट किया कि वह अंतिम दो राउंड में भी इसी रणनीति को जारी रखना चाहते हैं।
लीडरबोर्ड की स्थिति
अहलावत और साउथगेट अब वीकेंड राउंड में प्रवेश करते हुए निकटतम प्रतिद्वंद्वियों जॉर्ज ब्लूर और मैथ्यू डेकोटिग्नीस-लाफॉन से एक शॉट आगे हैं। साउथगेट ने भी बोगी-फ्री 64 का कार्ड खेलकर संयुक्त बढ़त में हिस्सेदारी की। हालाँकि, अन्य भारतीय खिलाड़ी अर्जुन प्रसाद और सप्तक तलवार कट मार्क से पीछे रह गए और टूर्नामेंट से बाहर हो गए।
वीर अहलावत का सफर
वीर अहलावत भारत के उभरते गोल्फरों में अग्रणी नाम हैं। वर्ष 2024 उनके करियर का एक यादगार पड़ाव रहा — उन्होंने हीरो इंडियन ओपन में उपविजेता स्थान हासिल किया और इसके बाद प्रतिष्ठित डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई ऑर्डर ऑफ मेरिट का खिताब भी अपने नाम किया। स्विस चैलेंज में यह कोर्स रिकॉर्ड उनके अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ते कद का प्रमाण है।
क्या होगा आगे
वीकेंड के दो राउंड अहलावत के लिए निर्णायक होंगे। यदि वे इसी लय को बनाए रखते हैं, तो यूरोपीय चैलेंज टूर पर किसी भारतीय गोल्फर की यह उल्लेखनीय जीत होगी। उनकी आक्रामक रणनीति और बोगी-फ्री खेल अगले 36 होल में भी उनकी सबसे बड़ी ताकत होगी।