विजय शंकर LPL 2026 में करेंगे डेब्यू, कैंडी रॉयल्स ने साइन किया एकमात्र भारतीय खिलाड़ी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय ऑलराउंडर विजय शंकर को लंका प्रीमियर लीग (LPL) 2026 के छठे सीजन के लिए कैंडी रॉयल्स ने अपनी टीम में शामिल किया है, जिससे वह इस संस्करण में हिस्सा लेने वाले एकमात्र भारतीय क्रिकेटर बन गए हैं। टूर्नामेंट 17 जुलाई से 8 अगस्त 2026 तक श्रीलंका में आयोजित होगा, और सभी पाँच फ्रेंचाइज़ियों ने अपना ड्राफ्ट पूरा कर लिया है।
कैंडी रॉयल्स की मज़बूत टीम
विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके विजय शंकर एक ऐसी टीम में शामिल हुए हैं, जिसमें पहले से ही मोईन अली, वानिंदु हसरंगा और एंजेलो मैथ्यूज जैसे दिग्गज मौजूद हैं। रॉयल्स ने ड्राफ्ट के माध्यम से रहमानुल्लाह गुरबाज़, डैनियल सैम्स, कुसल परेरा और नुवान तुषारा को भी अपने खेमे में जोड़कर अपनी ताक़त और बढ़ा ली है।
टूर्नामेंट का स्वरूप
इस सीजन एससी जाफना किंग्स, कैंडी रॉयल्स, कोलंबो कैप्स, दांबुला सिक्सर्स और गाले गैलेंट्स डबल राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में आमने-सामने होंगे, जिसके बाद प्लेऑफ़ खेले जाएँगे। फ्रेंचाइज़ियों ने अंतरराष्ट्रीय सितारों, उभरते विदेशी टैलेंट और श्रीलंका के शीर्ष क्रिकेटरों के मिश्रण से अपनी टीमें तैयार की हैं।
वैश्विक स्तर पर बढ़ती दिलचस्पी
आयोजकों के अनुसार, 21 देशों के 650 से अधिक विदेशी क्रिकेटरों ने ड्राफ्ट के लिए पंजीकरण कराया था — यह आँकड़ा LPL की वैश्विक लोकप्रियता और इस क्षेत्र की प्रमुख टी20 लीगों में इसकी बढ़ती हैसियत को दर्शाता है। गौरतलब है कि भारतीय क्रिकेटरों की अंतरराष्ट्रीय फ्रेंचाइज़ी लीगों में भागीदारी BCCI की नीतियों के चलते सीमित रही है, जिससे शंकर की मौजूदगी भारतीय प्रशंसकों के लिए विशेष चर्चा का विषय बन गई है।
आयोजकों की प्रतिक्रिया
LPL टूर्नामेंट डायरेक्टर समंथा दोदानवेला ने कहा, ‘ड्राफ्ट के जरिए फ्रेंचाइज़ी ने जिस क्वालिटी के खिलाड़ियों को चुना है, वह लंका प्रीमियर लीग की लगातार हो रही ग्रोथ और इसकी बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। सभी टीमों में इंटरनेशनल अनुभव, उभरते हुए विदेशी टैलेंट और श्रीलंका के कुछ बेहतरीन क्रिकेटर्स का एक शानदार मेल देखने को मिलेगा।’ उन्होंने जोड़ा कि पाँचों टीमों के बीच का संतुलन फैंस के लिए यादगार अनुभव का वादा करता है।
आगे क्या
लीग की शुरुआत 17 जुलाई को होगी और फाइनल मुक़ाबला 8 अगस्त को खेला जाएगा। शंकर का प्रदर्शन भारतीय दर्शकों के साथ-साथ चयनकर्ताओं की नज़र में भी रहेगा, क्योंकि घरेलू सर्किट के बाहर उनका यह पहला बड़ा फ्रेंचाइज़ी अनुभव होगा।