विजय शंकर ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से लिया संन्यास, '3डी क्रिकेटर' का 25 साल का सफर हुआ पूरा
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के ऑलराउंडर विजय शंकर ने 22 मई 2026 को भारतीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट — अंतरराष्ट्रीय, घरेलू और आईपीएल — से संन्यास की घोषणा कर दी। 35 वर्षीय इस ऑलराउंडर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावुक पोस्ट के ज़रिए अपने करियर को विराम दिया, जिसमें उन्होंने लिखा: 'क्रिकेट ही मेरी जिंदगी है।' 2019 वनडे विश्व कप में टीम इंडिया का हिस्सा रहे विजय शंकर का यह फैसला भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक भावनात्मक क्षण है।
करियर का सफरनामा
विजय शंकर ने 10 साल की उम्र में क्रिकेट शुरू किया और 25 साल के लंबे सफर में तमिलनाडु अंडर-13 से लेकर भारतीय सीनियर टीम तक का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने भारत के लिए 12 वनडे और 9 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। वनडे में उन्होंने 223 रन बनाए और 4 विकेट लिए, जबकि टी20 में 4 पारियों में 101 रन और 5 विकेट उनके नाम रहे।
यादगार पल
अपनी पोस्ट में विजय शंकर ने दो खास लम्हों का ज़िक्र किया — नागपुर में भारत के 500वें वनडे मैच का आखिरी ओवर फेंकना, और 2019 विश्व कप में अपनी पहली ही गेंद पर विकेट लेना। उन्होंने लिखा, 'ये ऐसे पल हैं जिन्हें मैं हमेशा अपने दिल में संजोकर रखूंगा।' घरेलू क्रिकेट में उन्होंने तमिलनाडु की कप्तानी में विजय हजारे ट्रॉफी, देवधर ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का खिताब दिलाया।
आईपीएल में योगदान
आईपीएल में विजय शंकर ने 2014 से 2025 के बीच चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK), सनराइजर्स हैदराबाद, दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात टाइटंस (GT) का प्रतिनिधित्व करते हुए कुल 78 मैच खेले। उन्होंने 7 अर्धशतकों सहित 1,233 रन बनाए और 9 विकेट लिए। वह 2022 में आईपीएल खिताब जीतने वाली गुजरात टाइटंस का अहम हिस्सा थे।
संन्यास की वजह और आगे की राह
विजय शंकर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने 'नए अवसरों की तलाश और ज़्यादा क्रिकेट खेलने' के लिए यह फैसला लिया है। उन्होंने अपने करियर में मिली नफरत और नकारात्मकता का भी ज़िक्र किया और लिखा, 'मैंने उन बातों को नज़रअंदाज़ करके आगे बढ़ने का फैसला किया — अगर मैं ऐसा कर सकता हूं, तो कोई भी कर सकता है।' यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय क्रिकेट में युवा ऑलराउंडरों की एक नई पीढ़ी उभर रही है। गौरतलब है कि विजय शंकर ने कुछ समय त्रिपुरा टीम की तरफ से भी खेला और तमिलनाडु प्रीमियर लीग में भी सक्रिय रहे।