चोट से वातारू एंडो फीफा वर्ल्ड कप 2026 से बाहर, 73 मैचों के बाद अंतरराष्ट्रीय संन्यास का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
जापान के कप्तान वातारू एंडो पैर की चोट से उबर न पाने के कारण फीफा वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हो गए हैं और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा भी कर दी है। 33 वर्षीय इस अनुभवी मिडफील्डर का नाम 12 जून को आधिकारिक तौर पर टूर्नामेंट स्क्वाड से हटाया गया — जापान के 14 जून को नीदरलैंड्स के खिलाफ ग्रुप चरण के पहले मुकाबले से महज दो दिन पहले।
चोट का सफर और आखिरी फैसला
फरवरी के अंत में एंडो के पैर की सर्जरी हुई थी, जिसके बाद वह लगातार फिटनेस हासिल करने में जुटे रहे। 31 मई को आइसलैंड के खिलाफ एक फ्रेंडली मैच में उन्होंने पहले हाफ में मैदान पर वापसी की, लेकिन यह प्रयास पर्याप्त नहीं रहा। वर्ल्ड कप कैंप के दौरान वह शेष खिलाड़ियों से अलग ट्रेनिंग कर रहे थे, जो उनकी अनिश्चित फिटनेस का स्पष्ट संकेत था।
जापान के नेशनल टीम डायरेक्टर मासाकुनी यामामोटो ने पुष्टि की कि एंडो चोट से पूरी तरह नहीं उबर सके और इसलिए उन्हें टूर्नामेंट से हटने का कठिन निर्णय लेना पड़ा।
नई कप्तानी और स्क्वाड में बदलाव
जापान फुटबॉल संघ ने एंडो की जगह फॉरवर्ड शूटो माचिनो को टीम में शामिल किया है। वहीं, सेंटर-बैक को इटाकुरा को नया कप्तान नियुक्त किया गया है — जो इससे पहले मार्च में कोलंबिया के खिलाफ मैच में भी कप्तानी कर चुके हैं। ग्रुप एफ में जापान का पहला मुकाबला 14 जून को नीदरलैंड्स से है।
एंडो का बयान और विरासत
एंडो ने कहा कि चोट के बाद उन्होंने वापसी के लिए हर संभव कोशिश की और उन्हें किसी बात का पछतावा नहीं है। उन्होंने स्वीकार किया कि वर्ल्ड कप में नहीं खेल पाने का दुख है, लेकिन साथ ही गर्व जताया कि कतर वर्ल्ड कप के बाद टीम ने जिस तरह प्रगति की, उसमें वह कप्तान के रूप में योगदान दे सके। उन्होंने कहा कि अब वह एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक प्रशंसक के रूप में जापान का समर्थन करेंगे।
एंडो ने जापान के लिए 73 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और पूरे वर्ल्ड कप क्वालिफाइंग अभियान में टीम की कप्तानी की। उनकी अनुपस्थिति मिडफील्ड में एक बड़ा शून्य छोड़ती है।
जापान की आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब जापान को ग्रुप एफ में नीदरलैंड्स, बेल्जियम और कांगो गणराज्य जैसी चुनौतीपूर्ण टीमों का सामना करना है। नए कप्तान इटाकुरा की अगुवाई में टीम को अपने सबसे अनुभवी खिलाड़ी की कमी को सामूहिक प्रदर्शन से पूरा करना होगा। एंडो ने खुद टीम पर पूरा भरोसा जताया है और कहा कि मौजूदा जापानी दल किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है।