विंबलडन 2026: माया जॉइंट ने 6-3, 6-7, 6-3 से सेरेना विलियम्स की वापसी को रोका
सारांश
मुख्य बातें
माया जॉइंट ने 1 जुलाई 2026 को विंबलडन के प्रतिष्ठित सेंटर कोर्ट पर अपने करियर का सबसे बड़ा मुकाबला जीतते हुए 23 बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन सेरेना विलियम्स को 6-3, 6-7(6), 6-3 से हराया और उनकी विंबलडन सिंगल्स में वापसी का सपना तोड़ दिया। 20 साल की इस ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने जनवरी से लगातार 11 टूर लेवल मैच हारने के बाद इस चैंपियनशिप में कदम रखा था, और अब वह अगले दौर में एलेक्जेंड्रा एला से भिड़ेंगी।
मैच का घटनाक्रम
जॉइंट ने पहले सेट में दबदबा बनाते हुए 6-3 से बाजी मारी। दूसरे सेट में सेरेना विलियम्स ने टाई-ब्रेक में पहला मैच पॉइंट बचाकर जोरदार वापसी की और सेट 7-6(6) से अपने नाम किया। निर्णायक तीसरे सेट में सेरेना ने एक ब्रेक की बढ़त भी हासिल की, लेकिन जॉइंट ने संयम नहीं खोया। युवा ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने सेरेना की विश्वप्रसिद्ध सर्विस को पाँच बार तोड़ा और मैच में 10 ऐस लगाए, जिससे उन्होंने तीसरा सेट और मैच 6-3 से अपने नाम किया।
सेरेना की ऐतिहासिक वापसी
44 साल की सेरेना विलियम्स ने आखिरी बार 1,397 दिन पहले 2022 के अमेरिका ओपन में ऑस्ट्रेलिया की अजला टोमलजानोविच के खिलाफ सिंगल्स मैच खेला था। इस वापसी के साथ वह 2004 में 47 साल की मार्टिना नवरातिलोवा के बाद ओपन एरा में विंबलडन महिला सिंगल्स में खेलने वाली दूसरी सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गईं। सात बार की विंबलडन चैंपियन का यह सफर पहले दौर में ही थम गया, हालाँकि उन्होंने कोर्ट पर अपनी क्लास का प्रदर्शन किया।
जॉइंट की प्रतिक्रिया
कोर्ट पर दिए इंटरव्यू में जॉइंट ने कहा, 'मुझे नहीं पता क्या हुआ। मेरे पैर नहीं चल रहे थे। मुझे सच में नहीं पता कि मैच में मुझे इतनी अच्छी शुरुआत कैसे मिली। उनका व्यक्तित्व बहुत प्रभावशाली है। वह एक लेजेंड हैं और इस कोर्ट पर कई बड़े नाम खेल चुके हैं। मैं बचपन से ही इस पल का सपना देख रही थी, इसलिए यह बहुत ही अद्भुत अनुभव था।' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि शुरुआत में घबराहट थी और सेरेना ने निर्णायक सेट में अपना खेल निश्चित रूप से बेहतर किया।
सेरेना का बयान
मैच के बाद सेरेना ने पत्रकारों से सीधी बात नहीं की, लेकिन मीडिया को एक लिखित बयान जारी किया। उन्होंने कहा, 'विंबलडन में वापसी करना वाकई बहुत अच्छा रहा। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं यहाँ आ पाऊँगी। माहौल शानदार था। कोर्ट पर उतरना अद्भुत था। मैंने निश्चित रूप से इसका आनंद लिया, इसे याद किया और इस पल का सबसे अधिक मजा लिया।' हार के बावजूद सेरेना ऑल इंग्लैंड क्लब में रहेंगी और अपनी बहन वीनस विलियम्स के साथ डबल्स मुकाबलों में हिस्सा लेंगी।
आगे क्या
जॉइंट का अगला मुकाबला एलेक्जेंड्रा एला से होगा। यह जीत उनके करियर में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है — विशेषकर इसलिए कि वह लगातार 11 हार के बाद टूर्नामेंट में उतरी थीं। यदि वह इस लय को बरकरार रख सकीं, तो विंबलडन 2026 उनके लिए यादगार बन सकता है।