विंबलडन ओपन एरा: बेकर सबसे युवा पुरुष चैंपियन, हिंगिस महिलाओं में सबसे आगे
सारांश
मुख्य बातें
विंबलडन 2026 का आगाज़ 29 जून से होने जा रहा है और दुनिया की नज़रें एक बार फिर लंदन के घास के मैदानों पर टिकी हैं। हर खिलाड़ी का सपना इस प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम का ताज पहनना होता है, लेकिन इतिहास में कुछ ही खिलाड़ी ऐसे रहे हैं जिन्होंने बेहद कम उम्र में यह कारनामा कर दिखाया। 1968 में ओपन एरा की शुरुआत के बाद से पुरुष और महिला एकल में सबसे युवा चैंपियन के रिकॉर्ड आज भी अटूट बने हुए हैं।
पुरुष एकल: बोरिस बेकर का अजेय रिकॉर्ड
ओपन एरा में पुरुष एकल का विंबलडन खिताब सबसे कम उम्र में जीतने का गौरव जर्मनी के बोरिस बेकर के नाम दर्ज है। बेकर ने 1985 में मात्र 17 साल और 227 दिन की आयु में यह खिताब अपने नाम किया था — और यह रिकॉर्ड आज चार दशक बाद भी बरकरार है। गौरतलब है कि बेकर ने अगले ही वर्ष 1986 में भी, 18 साल और 7 महीने की उम्र में, विंबलडन का खिताब दोहराया।
बेकर ने अपने पेशेवर करियर में कुल 6 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते — ऑस्ट्रेलियन ओपन (1991, 1996), विंबलडन (1985, 1986, 1989) और यूएस ओपन (1989)। हालाँकि, फ्रेंच ओपन उनके करियर में एकमात्र ऐसा ग्रैंड स्लैम रहा जो उनकी झोली में नहीं आया, इसलिए वे करियर ग्रैंड स्लैम पूरा नहीं कर सके।
महिला एकल: मार्टिना हिंगिस का अविश्वसनीय कारनामा
ओपन एरा में महिला एकल विंबलडन का खिताब सबसे कम उम्र में जीतने का रिकॉर्ड स्विट्जरलैंड की मार्टिना हिंगिस के नाम है। हिंगिस ने 1997 में केवल 16 साल और 278 दिन की आयु में विंबलडन का ताज पहना था — जो आज भी ओपन एरा का सबसे युवा महिला चैंपियन का रिकॉर्ड है। इस सूची में दूसरे स्थान पर रूस की मारिया शारापोवा हैं, जिन्होंने 2004 में 17 साल और 2 महीने की उम्र में विंबलडन खिताब जीता था।
हिंगिस ने अपने एकल करियर में कुल 5 ग्रैंड स्लैम जीते — ऑस्ट्रेलियन ओपन (1997, 1998, 1999), विंबलडन (1997) और यूएस ओपन (1997)। डबल्स में उनका प्रदर्शन और भी शानदार रहा; उन्होंने 13 डबल्स ग्रैंड स्लैम खिताब जीते, जिनमें चारों ग्रैंड स्लैम शामिल हैं और अकेले ऑस्ट्रेलियन ओपन डबल्स उन्होंने 5 बार जीता।
विंबलडन 2026 के प्रमुख दावेदार
इस वर्ष पुरुष एकल में जानिक सिनर और नोवाक जोकोविच को खिताब के प्रबल दावेदार माना जा रहा है। वहीं महिला एकल में आर्यना सबालेंका और इगा स्विएटेक की नज़रें ग्रास कोर्ट के ताज पर टिकी हैं। देखना यह होगा कि क्या कोई नया नाम इतिहास के पन्नों में अपनी जगह बना पाता है।
क्या टूट सकता है यह रिकॉर्ड
बेकर और हिंगिस के रिकॉर्ड दशकों से सुरक्षित हैं। यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब टेनिस में युवा प्रतिभाओं की बाढ़ आई हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि घास के मैदान पर इतनी कम उम्र में इतना बड़ा खिताब जीतना शारीरिक और मानसिक दोनों दृष्टि से असाधारण उपलब्धि है। विंबलडन 2026 से यह उम्मीद बनी हुई है कि शायद कोई नई पीढ़ी का सितारा इतिहास को चुनौती दे।