विमेंस टी20 वर्ल्ड कप की 5 सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर: हीली से टेलर तक, रिकॉर्ड्स की पूरी कहानी
सारांश
मुख्य बातें
विमेंस टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में विकेटकीपर की भूमिका केवल गेंद रोकने तक सीमित नहीं रही — इन खिलाड़ियों ने स्टंपिंग और कैच के ज़रिए मैचों का रुख पलटा है। आँकड़ों के अनुसार, टूर्नामेंट के इतिहास में पाँच विकेटकीपर ऐसी हैं जिन्होंने विकेट के पीछे से सबसे अधिक शिकार किए और अपनी-अपनी टीमों के लिए अमिट छाप छोड़ी।
एलिसा हीली — सूची में शीर्ष
ऑस्ट्रेलिया की एलिसा हीली विमेंस टी20 वर्ल्ड कप में सर्वाधिक सफल विकेटकीपर हैं। उन्होंने 2010 से 2024 के बीच 42 मैचों में विकेट के पीछे खड़े होकर कुल 32 शिकार किए — जिनमें 15 कैच और 17 स्टंपिंग शामिल हैं। हीली की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि उन्होंने रिकॉर्ड 6 विमेंस टी20 विश्व कप खिताब — 2010, 2012, 2014, 2018, 2020 और 2023 — जीते हैं, जो किसी भी खिलाड़ी द्वारा इस टूर्नामेंट में सर्वाधिक है।
तानिया भाटिया और तृषा चेट्टी — संयुक्त दूसरा स्थान
भारत की तानिया भाटिया ने 2018 से 2020 के बीच 10 टी20 वर्ल्ड कप मैचों में 21 शिकार किए। उनके खाते में 13 स्टंपिंग और 8 कैच दर्ज हैं — स्टंपिंग की यह संख्या उनकी चपलता और फुर्ती का प्रमाण है।
दक्षिण अफ्रीका की तृषा चेट्टी भी 21 शिकार के साथ संयुक्त दूसरे पायदान पर हैं। उन्होंने 2009 से 2020 के बीच 23 मैचों में 12 स्टंपिंग और 9 कैच लिए। यह उल्लेखनीय है कि चेट्टी ने यह आँकड़ा तानिया से तीन गुना अधिक मैचों में हासिल किया।
रेचल प्रीस्ट — चौथा स्थान
न्यूजीलैंड की रेचल प्रीस्ट ने 2009 से 2020 के बीच 24 मैचों में 20 शिकार किए। उनकी विशेषता कैच लेने में रही — 14 कैच के साथ वे इस सूची में सर्वाधिक कैच लेने वाली विकेटकीपर हैं, जबकि उन्होंने 6 स्टंपिंग भी कीं।
सारा टेलर — पाँचवाँ स्थान
इंग्लैंड की सारा टेलर ने 2009 से 2016 के बीच विकेट के पीछे से 20 खिलाड़ियों को पवेलियन भेजा — जिनमें 12 स्टंपिंग और 8 कैच शामिल हैं। टेलर टी20 विश्व कप 2009 जीतने वाली इंग्लिश टीम का अहम हिस्सा रही हैं और उन्हें अपने युग की सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपरों में गिना जाता है।
आँकड़ों का विश्लेषण
इन पाँचों विकेटकीपरों के आँकड़े बताते हैं कि स्टंपिंग की दर टी20 क्रिकेट में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जहाँ बल्लेबाज़ आक्रामक शॉट खेलते हुए क्रीज़ से बाहर निकलते हैं। गौरतलब है कि हीली, चेट्टी और टेलर — तीनों की स्टंपिंग संख्या कैच से अधिक है, जो महिला टी20 क्रिकेट की आक्रामक बल्लेबाज़ी शैली को दर्शाता है। आने वाले विमेंस टी20 वर्ल्ड कप संस्करणों में नई पीढ़ी की विकेटकीपरों से इन रिकॉर्ड्स को चुनौती मिलने की उम्मीद है।