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वर्ल्ड जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में जगशेर सिंह खंगुरा ने जीता कांस्य, पंजाब के पहले ऐसे खिलाड़ी बने

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वर्ल्ड जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में जगशेर सिंह खंगुरा ने जीता कांस्य, पंजाब के पहले ऐसे खिलाड़ी बने

सारांश

नाभा के जगशेर सिंह खंगुरा ने मिस्र में वर्ल्ड जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में कांस्य जीतकर पंजाब का इतिहास बदल दिया — यह उपलब्धि हासिल करने वाले वे राज्य के पहले खिलाड़ी हैं। अपनी पहली ही जूनियर विश्व चैंपियनशिप में पोडियम तक पहुँचना इस युवा शटलर की असाधारण प्रतिभा की झलक है।

मुख्य बातें

जगशेर सिंह खंगुरा ने मिस्र में वर्ल्ड जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 के बॉयज सिंगल्स में कांस्य पदक जीता।
वे इस चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले पंजाब के पहले खिलाड़ी और भारत के नौवें बॉयज एकल खिलाड़ी बने।
सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के रादित्य बायू वर्धना से 6-15, 15-13, 3-15 से हारे।
व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत का कुल पदक योग 13 हुआ — 1 स्वर्ण, 5 रजत, 7 कांस्य ।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक्स पर खिलाड़ी, उनके माता-पिता और कोच को बधाई दी।

जगशेर सिंह खंगुरा ने मिस्र में आयोजित वर्ल्ड जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 के बॉयज सिंगल्स में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। नाभा, पंजाब के इस युवा शटलर ने यह उपलब्धि हासिल कर वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले पहले पंजाबी खिलाड़ी बनने का गौरव प्राप्त किया। उनकी इस सफलता पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बधाई दी है।

मुख्य घटनाक्रम

भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जगशेर सिंह खंगुरा की पदक के साथ तस्वीर साझा करते हुए बधाई संदेश लिखा। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा, 'पंजाब और पंजाब में बैडमिंटन के लिए यह खुशी और गर्व की बात है कि नाभा के जगशेर सिंह खंगुरा ने मिस्र में हुई वर्ल्ड जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता है।' मुख्यमंत्री ने खिलाड़ी के माता-पिता और उनके कोच को भी दिल से बधाई दी।

सेमीफाइनल में कैसा रहा मुकाबला

बॉयज सिंगल्स सेमीफाइनल में जगशेर का सामना इंडोनेशिया के रादित्य बायू वर्धना से हुआ। बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अनुसार, खंगुरा ने पहला गेम हारने के बाद वापसी करते हुए मुकाबले को तीसरे और निर्णायक गेम तक खींचा। हालांकि, 49 मिनट तक चले इस संघर्षपूर्ण मुकाबले में उन्हें 6-15, 15-13, 3-15 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

सेमीफाइनल में कैसे पहुँचे खंगुरा

सेमीफाइनल से पहले खंगुरा ने चीनी ताइपे के युआन-स्यू झुआंग को 48 मिनट में 6-15, 17-15, 15-12 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई थी। इस जीत के साथ वे इस प्रतियोगिता में पोडियम पर स्थान पाने वाले भारत के नौवें बॉयज एकल खिलाड़ी बन गए। गौरतलब है कि यह उनकी वर्ल्ड जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में पहली भागीदारी थी।

भारत के पदक खाते में ऐतिहासिक इज़ाफ़ा

खंगुरा के इस कांस्य पदक से व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत का कुल पदक योग 13 हो गया है — जिसमें 1 स्वर्ण, 5 रजत और 7 कांस्य शामिल हैं। यह इस चैंपियनशिप के व्यक्तिगत वर्ग में भारत का सातवाँ कांस्य पदक था।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

पंजाब बैडमिंटन एसोसिएशन के सचिव रितिन खन्ना ने इस प्रदर्शन को एक ऐतिहासिक उपलब्धि और पंजाब के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने जोर दिया कि अपनी पहली ही वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में पदक जीतना एक दुर्लभ कारनामा है, जो बहुत कम भारतीय खिलाड़ियों ने कर दिखाया है। यह उपलब्धि पंजाब में बैडमिंटन के बढ़ते आधार और खिलाड़ियों की बेहतर होती तैयारी का संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पंजाब में बैडमिंटन के ज़मीनी ढाँचे में आ रहे बदलाव का प्रमाण है — एक राज्य जो परंपरागत रूप से कुश्ती और हॉकी का गढ़ रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत का जूनियर बैडमिंटन कार्यक्रम वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने की कोशिश में है। असली चुनौती अब यह है कि क्या राज्य और केंद्र सरकार की ओर से इस युवा प्रतिभा को वह संस्थागत समर्थन मिलेगा जो उसे सीनियर रैंकिंग तक ले जा सके — क्योंकि जूनियर स्तर की चमक अक्सर अपर्याप्त निवेश के कारण सीनियर स्तर पर फीकी पड़ जाती है।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगशेर सिंह खंगुरा ने वर्ल्ड जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में क्या उपलब्धि हासिल की?
जगशेर सिंह खंगुरा ने मिस्र में आयोजित वर्ल्ड जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 के बॉयज सिंगल्स में कांस्य पदक जीता। वे यह उपलब्धि हासिल करने वाले पंजाब के पहले खिलाड़ी हैं और भारत के नौवें बॉयज एकल खिलाड़ी बने जिन्होंने इस प्रतियोगिता में पोडियम पर जगह बनाई।
सेमीफाइनल में जगशेर खंगुरा कैसे हारे?
बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अनुसार, सेमीफाइनल में खंगुरा का मुकाबला इंडोनेशिया के रादित्य बायू वर्धना से था। 49 मिनट तक चले इस मुकाबले में उन्हें 6-15, 15-13, 3-15 से हार का सामना करना पड़ा। पहला गेम हारने के बाद उन्होंने वापसी की, लेकिन तीसरे निर्णायक गेम में वे पिछड़ गए।
भगवंत मान ने जगशेर खंगुरा को कैसे बधाई दी?
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जगशेर की पदक के साथ तस्वीर साझा करते हुए बधाई दी। उन्होंने खिलाड़ी को पंजाब का गौरव बताते हुए उनके माता-पिता और कोच को भी शुभकामनाएं दीं।
इस पदक से वर्ल्ड जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत का कुल पदक योग कितना हुआ?
खंगुरा के कांस्य पदक के साथ व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत का कुल पदक योग 13 हो गया है, जिसमें 1 स्वर्ण, 5 रजत और 7 कांस्य पदक शामिल हैं। यह इस चैंपियनशिप के व्यक्तिगत वर्ग में भारत का सातवाँ कांस्य पदक था।
जगशेर खंगुरा ने सेमीफाइनल में कैसे जगह बनाई?
सेमीफाइनल में पहुँचने के लिए जगशेर ने चीनी ताइपे के युआन-स्यू झुआंग को 48 मिनट में 6-15, 17-15, 15-12 से हराया। पहला गेम हारने के बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए मुकाबला जीता और इतिहास में नाम दर्ज कराया।
राष्ट्र प्रेस
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