यास्तिका भाटिया का लॉर्ड्स में ऐतिहासिक शतक, 158 गेंदों में 113 रन; भारत ने 270 रन से जीता टेस्ट
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेटर यास्तिका भाटिया ने 14 जुलाई 2026 को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट शतक ठोककर इतिहास रच दिया। 25 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ने 158 गेंदों में 14 चौकों की मदद से 113 रन की शानदार पारी खेली और लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गईं। भारत ने यह ऐतिहासिक मैच 270 रन से अपने नाम किया।
मैच का पूरा घटनाक्रम
यह क्रिकेट इतिहास में लॉर्ड्स के मैदान पर खेला गया पहला महिला टेस्ट मैच था। भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए और मेजबान इंग्लैंड को मात्र 170 रन पर समेट दिया, जिससे पहली पारी के आधार पर 115 रन की बढ़त हासिल हुई। दूसरी पारी में भारत ने 341/7 के स्कोर पर पारी घोषित करते हुए इंग्लैंड के सामने 457 रन का विशाल लक्ष्य रखा। जवाब में इंग्लैंड की पूरी टीम सिर्फ 186 रन पर ढेर हो गई।
माँ गरिमा भाटिया की भावुक प्रतिक्रिया
वडोदरा में यास्तिका की माँ गरिमा भाटिया ने बेटी की उपलब्धि पर गहरी भावुकता जताई। उन्होंने कहा, 'यास्तिका ने काफी संघर्ष किया है। वह टीम से अंदर और बाहर होती रही हैं। खासकर इंजरी की वजह से वह 2 साल से परेशान थीं। संघर्षों से लड़ने के बाद जब यास्तिका ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया, तो ऐसा लगा कि भगवान ने उन्हें मेहनत का फल दिया है।' गरिमा ने बताया कि जब यास्तिका शतक के करीब पहुँचीं, उस वक्त पूरे परिवार की धड़कनें तेज हो गई थीं। उन्होंने कहा, 'हमें डर था, क्योंकि कई खिलाड़ी शतक के करीब आकर उससे चूक जाते हैं। हम भगवान से प्रार्थना कर रहे थे।'
पिता हरीश भाटिया बोले — यह बड़ा टर्निंग पॉइंट
यास्तिका के पिता हरीश भाटिया ने कहा कि बेटी ने चोट से उबरकर शानदार वापसी की है। उनके अनुसार, 'यह उनके करियर के लिए बहुत बड़ा टर्निंग पॉइंट है। यास्तिका ने इस पारी के बाद कहा था कि यह उनके करियर का पहला पड़ाव है और आगे भी ऐसे पड़ाव आएंगे।' गौरतलब है कि माता-पिता ने मैच के बाद यास्तिका से बात करके उन्हें बधाई दी और यह भी समझाया कि यह उपलब्धि सिर्फ एक पड़ाव है, मंज़िल नहीं।
यास्तिका का संघर्ष और वापसी
यास्तिका भाटिया पिछले दो वर्षों से चोट के कारण भारतीय टीम में अनियमित रही थीं। टीम से बाहर और अंदर होने के उतार-चढ़ाव के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत जारी रखी। यह ऐसे समय में आया है जब महिला क्रिकेट को बड़े मंचों पर पहचान दिलाने की कोशिशें तेज हो रही हैं — और लॉर्ड्स जैसे प्रतिष्ठित मैदान पर पहला महिला टेस्ट आयोजित होना खुद में एक ऐतिहासिक कदम था।
आगे क्या
इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड दौरे पर अपनी दावेदारी मज़बूत कर ली है। यास्तिका की इस पारी ने उन्हें महिला टेस्ट क्रिकेट के नक्शे पर एक अहम नाम के रूप में स्थापित किया है, और क्रिकेट विशेषज्ञों की नज़र अब आने वाले मैचों में उनके प्रदर्शन पर टिकी रहेगी।