शीत्सांग में 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत बनेंगे 1,000 नए सुंदर गांव, 2026-2030 का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश सरकार के सूचना कार्यालय ने 14 जुलाई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) के अंतर्गत दक्षिण-पश्चिम चीन के इस प्रदेश में 1,000 नए सुंदर गांव विकसित किए जाएंगे। इस योजना का मूल उद्देश्य कृषि और पशुपालन पर निर्भर ग्रामीण समुदायों को आधुनिक जीवन-सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
14वीं योजना की उपलब्धियां
अधिकारियों के अनुसार, 14वीं पंचवर्षीय योजना (2021-2025) के दौरान शीत्सांग पहले ही 1,000 सुंदर गांव विकसित कर चुका है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप ग्रामीण इलाकों में शौचालयों की पहुंच बढ़कर 84.41 प्रतिशत हो गई है। इसके अलावा, मानव-पशु पृथक्करण की दर 98.95 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य की दृष्टि से उल्लेखनीय प्रगति मानी जा रही है।
गांवों के चयन की प्राथमिकताएं
अधिकारियों ने बताया कि नए सुंदर गांवों के चयन में मुख्य रूप से उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी जो सड़क मार्गों, सीमावर्ती क्षेत्रों, शहरी परिधि, पर्यटन स्थलों और प्रमुख औद्योगिक केंद्रों के निकट स्थित हैं। विशेष ध्यान उन गांवों पर दिया जाएगा जहां जनसंख्या अधिक है और विकास योजना पहले से अनुमोदित है।
इसके अतिरिक्त, जिन गांवों का औद्योगिक आधार मजबूत है, बुनियादी ढांचे में स्पष्ट कमियां हैं, और स्थानीय संगठन सक्रिय हैं, उन्हें भी प्राथमिकता सूची में रखा गया है। यह दृष्टिकोण दर्शाता है कि प्रदेश सरकार केवल नई बस्तियां बनाने के बजाय मौजूदा संभावनाओं को मजबूत करने पर जोर दे रही है।
आम जनता पर असर
इन बदलावों से शीत्सांग के ग्रामीण निवासियों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। 14वीं योजना के तहत विकसित गांवों में स्वच्छता, आवास और सामुदायिक सुविधाओं में जो सुधार हुए हैं, वे 15वीं योजना के लिए एक ठोस आधार प्रदान करते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब चीन अपने ग्रामीण पुनरुद्धार कार्यक्रमों को और अधिक लक्षित तरीके से लागू करने पर बल दे रहा है।
क्या होगा आगे
2026 से 2030 के बीच इन 1,000 गांवों के विकास का काम चरणबद्ध तरीके से पूरा किए जाने की योजना है। गौरतलब है कि यह लगातार दूसरी पंचवर्षीय योजना है जिसमें शीत्सांग में ग्रामीण सौंदर्यीकरण और आधुनिकीकरण को केंद्र में रखा गया है, जो इस क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास के प्रति प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।