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शीत्सांग की 15वीं पंचवर्षीय योजना: जैव विविधता सर्वेक्षण और पारिस्थितिक सुरक्षा के लिए बड़े कदम

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शीत्सांग की 15वीं पंचवर्षीय योजना: जैव विविधता सर्वेक्षण और पारिस्थितिक सुरक्षा के लिए बड़े कदम

सारांश

शीत्सांग ने 15वीं पंचवर्षीय योजना में 7 क्षेत्रों और 74 काउंटियों में पहला जैव विविधता सर्वेक्षण शुरू करने की घोषणा की है। वनों, आर्द्रभूमि और रेगिस्तानों को कवर करते हुए पारिस्थितिक संरक्षण को राष्ट्रीय सुरक्षा अवरोध के रूप में मजबूत करना इस व्यापक योजना का मुख्य उद्देश्य है।

मुख्य बातें

शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश ने 15वीं पंचवर्षीय योजना अवधि के लिए व्यापक पारिस्थितिक संरक्षण कार्ययोजना की घोषणा की।
7 क्षेत्रों/शहरों और 74 काउंटियों/जिलों में जैव विविधता का पहला आधारभूत सर्वेक्षण और प्रजाति सूचीकरण किया जाएगा।
वन, घास के मैदान, आर्द्रभूमि और रेगिस्तान — सभी पारिस्थितिक प्रकारों के लिए नए संरक्षण नियम तैयार होंगे।
कार्यकारी उपाध्यक्ष दानबा के अनुसार शीत्सांग में लगभग सभी प्रकार के स्थलीय पारिस्थितिक तंत्र मौजूद हैं।
शीत्सांग को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पारिस्थितिक सुरक्षा अवरोध के रूप में सुदृढ़ करना इस पूरी योजना का केंद्रीय लक्ष्य है।

शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश ने 15वीं पंचवर्षीय योजना अवधि के दौरान अपनी पारिस्थितिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना की घोषणा की है। 29 मई को शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश सरकार के सूचना कार्यालय द्वारा आयोजित एक विशेष संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी साझा की गई, जिसके अनुसार शीत्सांग को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पारिस्थितिक सुरक्षा अवरोध के रूप में मजबूत करना इस योजना का केंद्रीय लक्ष्य है।

मुख्य घटनाक्रम

इस योजना के अंतर्गत पारिस्थितिक संरक्षण प्रणालियों का निर्माण, जैव विविधता का आधारभूत सर्वेक्षण, प्रजाति सूचीकरण, और जैव विविधता संरक्षण एवं शासन प्रणाली के आधुनिकीकरण को प्रमुखता दी जाएगी। यह पहल शीत्सांग के दीर्घकालिक पर्यावरण संरक्षण ढाँचे को नई दिशा देने का प्रयास है।

जैव विविधता सर्वेक्षण की विस्तृत योजना

योजना के तहत शीत्सांग के 7 क्षेत्रों और शहरों तथा 74 काउंटियों और जिलों में जैव विविधता का पहला आधारभूत सर्वेक्षण और प्रजाति सूचीकरण शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही शीत्सांग की विशेषताओं के अनुरूप एक जैव विविधता सूची और संरक्षण मूल्यांकन प्रणाली भी स्थापित की जाएगी। गौरतलब है कि यह इस क्षेत्र में इस पैमाने पर होने वाला पहला व्यापक सर्वेक्षण होगा।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

शीत्सांग स्वायत्त क्षेत्र के कार्यकारी उपाध्यक्ष दानबा ने बताया कि शीत्सांग में लगभग सभी प्रकार के स्थलीय पारिस्थितिक तंत्र मौजूद हैं और यह वन्य वनस्पतियों, जीवों तथा सूक्ष्मजीवों से अत्यंत समृद्ध है। उनके अनुसार यह विविधता इस क्षेत्र को वैश्विक जैव विविधता के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है।

संरक्षण नियमों का विस्तार

15वीं पंचवर्षीय योजना अवधि में शीत्सांग वनों, घास के मैदानों, आर्द्रभूमि और रेगिस्तानों जैसे विभिन्न पारिस्थितिक प्रकारों को कवर करते हुए जैव विविधता संरक्षण के लिए नए नियमों की पड़ताल करेगा और उन्हें तैयार करेगा। इन नियमों के माध्यम से संरक्षण संबंधी जिम्मेदारियों को सुनिश्चित तरीके से लागू किया जाएगा।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालयी और तिब्बती पठार के पारिस्थितिक तंत्र पर दबाव बढ़ रहा है। शीत्सांग की यह व्यापक योजना न केवल क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करेगी, बल्कि राष्ट्रीय पारिस्थितिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी दीर्घकालिक महत्व रखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी सफलता क्रियान्वयन की पारदर्शिता पर निर्भर करेगी — 74 काउंटियों में पहला आधारभूत सर्वेक्षण एक सकारात्मक कदम है, पर स्वतंत्र वैज्ञानिक सत्यापन के बिना इसकी विश्वसनीयता सीमित रहेगी। तिब्बती पठार जलवायु परिवर्तन के प्रति सर्वाधिक संवेदनशील क्षेत्रों में से एक है, और वहाँ पारिस्थितिक डेटा की कमी वैश्विक शोध के लिए भी एक बड़ी बाधा रही है। इस योजना की असली कसौटी यह होगी कि क्या एकत्रित डेटा अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय के साथ साझा किया जाएगा।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शीत्सांग की 15वीं पंचवर्षीय योजना में पारिस्थितिक सुरक्षा के लिए क्या प्रावधान हैं?
इस योजना में पारिस्थितिक संरक्षण प्रणालियों का निर्माण, जैव विविधता का आधारभूत सर्वेक्षण, प्रजाति सूचीकरण और शासन प्रणाली के आधुनिकीकरण के प्रावधान हैं। मुख्य लक्ष्य शीत्सांग को एक मजबूत राष्ट्रीय पारिस्थितिक सुरक्षा अवरोध के रूप में स्थापित करना है।
शीत्सांग में जैव विविधता सर्वेक्षण कितने क्षेत्रों में होगा?
जैव विविधता का यह पहला आधारभूत सर्वेक्षण शीत्सांग के 7 क्षेत्रों और शहरों तथा 74 काउंटियों और जिलों में शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही शीत्सांग की विशेषताओं के अनुरूप एक जैव विविधता सूची और संरक्षण मूल्यांकन प्रणाली भी बनाई जाएगी।
शीत्सांग पारिस्थितिक दृष्टि से इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
कार्यकारी उपाध्यक्ष दानबा के अनुसार, शीत्सांग में लगभग सभी प्रकार के स्थलीय पारिस्थितिक तंत्र मौजूद हैं और यह वन्य वनस्पतियों, जीवों तथा सूक्ष्मजीवों से अत्यंत समृद्ध है। यह विविधता इसे वैश्विक जैव विविधता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है।
शीत्सांग में किन पारिस्थितिक क्षेत्रों के लिए नए संरक्षण नियम बनाए जाएंगे?
वनों, घास के मैदानों, आर्द्रभूमि और रेगिस्तानों सहित विभिन्न पारिस्थितिक प्रकारों के लिए नए जैव विविधता संरक्षण नियम तैयार किए जाएंगे। इन नियमों के माध्यम से संरक्षण संबंधी जिम्मेदारियों को व्यवस्थित रूप से लागू करने की योजना है।
यह घोषणा कब और कहाँ की गई?
यह जानकारी 29 मई को शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश सरकार के सूचना कार्यालय द्वारा आयोजित एक विशेष संवाददाता सम्मेलन में साझा की गई। इस सम्मेलन में 15वीं पंचवर्षीय योजना अवधि के दौरान पारिस्थितिक संरक्षण की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई।
राष्ट्र प्रेस
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