यूपी पुलिस में 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र, सीएम योगी बोले — यह परिश्रम का परिणाम है
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 8 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में आयोजित एक विशेष समारोह में उत्तर प्रदेश पुलिस के कुशल खिलाड़ी कोटे के अंतर्गत चयनित 470 खेल प्रतिभाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। समारोह में सीएम ने स्पष्ट किया कि यह नियुक्ति किसी सिफारिश या सरकारी कृपा का नतीजा नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के अथक परिश्रम का प्रतिफल है।
नियुक्तियों का विवरण
इन 470 नियुक्तियों में 303 पुरुष और 167 महिलाएँ शामिल हैं। आरक्षी नागरिक पुलिस में 295 खिलाड़ियों की नियुक्ति हुई, जिनमें 148 पुरुष और 147 महिलाएँ हैं। उप-निरीक्षक नागरिक पुलिस में 63 खिलाड़ी नियुक्त किए गए — 43 पुरुष और 20 महिलाएँ। इसके अतिरिक्त आरक्षी PAC में 132 खिलाड़ियों का चयन हुआ है।
सीएम योगी का संदेश
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'जो नियुक्ति पत्र आपको वितरित हुआ है, क्या इसमें किसी ने आपसे कोई पैसा माँगा, किसी ने पैसे की डिमांड की, या आपको कहीं से सिफारिश कराने की आवश्यकता पड़ी? याद रखना, आज जो नियुक्ति पत्र प्राप्त हो रहा है, यह न सरकार की कृपा है, न मेरी अनुकंपा है। यह आपका परिश्रम है और उसकी कीमत है।' उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस वर्दी में भी उसी न्याय की अपेक्षा सरकार इन खिलाड़ियों से रखती है।
2017 से अब तक की यात्रा
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 से पहले प्रदेश में पुलिस या किसी अन्य विभाग में सीधी भर्ती से खिलाड़ियों को नियुक्त करने का कोई नियम नहीं था। उनकी सरकार ने यह प्रक्रिया आरंभ की और अब तक लगभग 1,000 खिलाड़ियों को सीधी भर्ती से नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। अभी के 470 के अलावा 555 और खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया जारी है, जिन्हें शीघ्र नियुक्ति पत्र दिए जाएँगे।
ओलंपिक विजेताओं को डिप्टी एसपी का पद
सीएम ने बताया कि कई वर्षों के बाद भारत की हॉकी टीम ने ओलंपिक में पदक जीता, तब सरकार ने खेल नीति में बदलाव किया। ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल — दोनों गाजीपुर की एक निजी खेल अकादमी से जुड़े खिलाड़ी — को डिप्टी एसपी का पद दिया गया। अब तक 7 ऐसे खिलाड़ियों को डिप्टी एसपी का पद मिल चुका है। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश की एक बेटी ने गोल्ड मेडल जीतने के बाद कहा था कि उसका निशाना डिप्टी एसपी के पद पर था — और सरकार ने वह पद उन्हें दिया।
प्रोत्साहन राशि और खेल अवसंरचना
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि ओलंपिक और अन्य प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को अब तक ₹200 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा चुकी है। इसके साथ ही सरकार प्रदेश की हर कमिश्नरी में एक स्पोर्ट्स कॉलेज और उसमें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित कर रही है। यह कदम दीर्घकालिक खेल प्रतिभा विकास की दिशा में राज्य सरकार की रणनीतिक प्राथमिकता को दर्शाता है। आने वाले वर्षों में इन संस्थानों से निकली प्रतिभाएँ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदेश का नाम रोशन करेंगी, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।