अबू धाबी में मिसाइल के टुकड़ों से २ नागरिकों की मौत, एक भारतीय और एक पाकिस्तानी
सारांश
Key Takeaways
- अबू धाबी में गिरे मिसाइल के टुकड़ों से दो लोगों की मौत हुई है।
- एक भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक इस घटना में मारे गए।
- घायलों में एक अमीराती, एक जॉर्डनी और एक भारतीय नागरिक शामिल है।
- अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
- यह घटना ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच के संघर्ष का हिस्सा है।
अबू धाबी, २६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। संयुक्त अरब अमीरात में गुरुवार को गिरे मिसाइल के टुकड़ों के कारण मारे गए दोनों व्यक्तियों की पहचान हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से एक भारतीय और दूसरा पाकिस्तानी नागरिक था। घायलों में एक भारतीय भी शामिल है।
अबू धाबी मीडिया ने सुबह हुए इस हादसे का विवरण साझा किया। एक्स पोस्ट के माध्यम से बताया गया कि एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक नष्ट करने के बाद, उसके गिरे टुकड़ों की चपेट में आने से एक पाकिस्तानी और एक भारतीय नागरिक की जान चली गई। घायलों में से एक अमीराती, दूसरा जॉर्डनी और तीसरा भारतीय है, जिनमें से कुछ को सामान्य और कुछ को गंभीर चोटें आई हैं।
मीडिया कार्यालय ने इस घटना के बाद लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि अफवाहों से बचें तथा केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें।
गुरुवार सुबह यह बताया गया कि मिसाइल को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया गया, लेकिन इसी दौरान गिरे टुकड़ों के कारण दो व्यक्तियों की जान चली गई और तीन लोग घायल हुए।
अधिकारियों का मानना है कि भले ही एयर डिफेंस सिस्टम ने मिसाइलों को हवा में नष्ट कर दिया हो, लेकिन गिरते हुए टुकड़े और मलबा लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं।
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच का यह संघर्ष अब २७वें दिन में प्रवेश कर चुका है। ईरान खाड़ी देशों को लक्ष्य बना रहा है, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने स्थित हैं। वह यह भी कहता रहा है कि जो देश अमेरिकी जमीनी सेना की सहायता करेंगे, वे भी निशाने पर रहेंगे। हालांकि, खाड़ी देशों का कहना है कि वे इस संघर्ष का हिस्सा नहीं हैं।
जब से ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल का संघर्ष शुरू हुआ है, तब से यूएई में ईरानी हमलों में गुरुवार को मारे गए दो व्यक्तियों को मिलाकर कुल १० लोग मारे जा चुके हैं। शनिवार (२१ मार्च) को यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि आठ लोग मारे गए, जिनमें दो सैन्य सदस्य और पाकिस्तानी, नेपाली, बांग्लादेशी और फिलिस्तीनी देशों के छह सामान्य नागरिक शामिल थे।