क्या अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस बंदूक की गोली से लेकर फाइटर जेट बनाने में जुटी है?

सारांश
Key Takeaways
- अदाणी डिफेंस बंदूक की गोली और फाइटर जेट का निर्माण कर रही है।
- कानपुर फैक्ट्री की क्षमता अगले कुछ महीनों में दोगुनी हो जाएगी।
- आत्मनिर्भरता हेतु मेक इन इंडिया के तहत उत्पादों का निर्माण।
कानपुर, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने बंदूक की गोली से लेकर फाइटर जेट के निर्माण में अपनी क्षमता को बढ़ाने का निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश के कानपुर में स्थित अदाणी डिफेंस एयरोस्पेस फैक्ट्री की गोली बनाने की क्षमता आने वाले महीनों में दोगुनी होने वाली है। कंपनी के सीईओ आशीष राजवंशी ने कानपुर की यूनिट में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पत्रकारों को यह जानकारी दी।
आशीष राजवंशी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हुए सभी युद्धों में इन्फेंट्री ने दूसरे देशों की सीमाओं पर जाकर युद्ध नहीं किया है और न ही फाइटर जेट दूसरे देशों में जाकर हमले कर रहे हैं। अब युद्धभूमि का स्वरूप पूरी तरह से बदल चुका है।
उन्होंने बताया कि सूचना तंत्र, मशीन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब युद्ध की नई तकनीक बन गई हैं। अब लड़ाई ड्रोन के माध्यम से लड़ी जा रही है। भविष्य में फाइटर जेट से ज्यादा ड्रोन का उपयोग किया जाएगा।
इसके साथ ही रोबोट भी तैयार किए जा रहे हैं, जो युद्ध के मैदान में स्वत: निर्णय ले सकेंगे। डिफेंस इंडस्ट्री के साथ-साथ साजो सामान खरीदने के लिए अब डिफेंस मैन्युफैक्चर्स से वार्ता की जा रही है।
आशीष राजवंशी ने कहा कि साल 2047 में विकसित भारत के लिए डिफेंस सेक्टर को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पहले डिफेंस प्रोजेक्ट लगाने वालों को बैंकों से ऋण नहीं मिलता था, लेकिन अब सरकार इस क्षेत्र के लिए क्रेडिट लाइन खोलने जा रही है।
गोला बंदूक के लिए कंपनी अगले कुछ वर्षों में 7000 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। साथ ही कानपुर की इस फैक्ट्री में मिसाइल भी बनाई जाएगी, जिसके लिए 10 लाख डॉलर का निवेश किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हम जल्द ही बड़े कैलिबर, यानी बड़ी गोलियों का उत्पादन शुरू करने जा रहे हैं। इतना ही नहीं, 'मेक इन इंडिया' के तहत यहां बुलेट प्रूफ जैकेट, ड्रोन, लड़ाकू विमान, हेलीकाप्टर और मिसाइल का निर्माण भी किया जाएगा।