अदाणी और जैबिल की साझेदारी: भारत में एआई डेटा सेंटर मैन्युफैक्चरिंग का नया युग, $3 ट्रिलियन बाज़ार पर नज़र
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड और वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग दिग्गज जैबिल ने 16 जून 2025 को भारत में एक वर्टिकली इंटीग्रेटेड एआई और डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म स्थापित करने के लिए रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की। इस साझेदारी का लक्ष्य भारत को वैश्विक एआई हार्डवेयर आपूर्ति श्रृंखला में एक निर्माता और निर्यातक के रूप में स्थापित करना है।
साझेदारी में क्या शामिल है
दोनों कंपनियों की योजना भारत में मल्टी गीगावाट की उच्च-घनत्व वाली एआई रैक मैन्युफैक्चरिंग क्षमता विकसित करने की है। इसमें अत्याधुनिक सरफेस माउंट टेक्नोलॉजी (SMT) और जटिल बॉक्स-बिल्ड प्रक्रियाओं के ज़रिए अगली पीढ़ी के लिक्विड-कूल्ड एआई रैक, सर्वर, स्टोरेज और नेटवर्किंग सिस्टम की एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और इंटीग्रेशन शामिल है। यह वैश्विक हाइपरस्केलर, को-लोकेशन सुविधाओं और एंटरप्राइज डेटा सेंटरों की इन्फ्रास्ट्रक्चर ज़रूरतों को पूरा करेगा।
कंप्यूटिंग रैक के अतिरिक्त, इस साझेदारी में 'व्हाइट स्पेस' और 'ग्रे स्पेस' उपकरणों की पूरी श्रृंखला की मैन्युफैक्चरिंग भी शामिल है — जिसमें पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट्स (PDU), कूलेंट डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट्स (CDU), ट्रांसफॉर्मर, स्विचगियर, बस बार और एडवांस्ड थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम सम्मिलित हैं। दोनों कंपनियाँ मिलकर एक एंड-टू-एंड, डिज़ाइन-से-डिप्लॉयमेंट हार्डवेयर इकोसिस्टम बनाना चाहती हैं।
गौतम अदाणी का विज़न
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा, 'दुनिया एक ऐसी इंटेलिजेंट क्रांति में प्रवेश कर रही है जो पिछली किसी भी औद्योगिक क्रांति से कहीं अधिक गहरी है। ऊर्जा और कंप्यूटर के बीच सामंजस्य स्थापित करने में महारत हासिल करने वाले राष्ट्र ही आने वाले दशक को आकार देंगे।' उन्होंने कहा कि जैबिल के साथ यह साझेदारी भारत का पूरा एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर स्टैक बनाने की दिशा में अहम कदम है — ग्रीन पावर से लेकर वर्ल्ड-क्लास हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग तक। अदाणी ने स्पष्ट किया कि लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि 'एआई के दौर में भारत सिर्फ कंज्यूमर ही न रहे, बल्कि इंटेलिजेंस का क्रिएटर, बिल्डर और एक्सपोर्टर भी बने।'
जैबिल का नज़रिया
जैबिल के सीईओ माइक दस्तूर ने कहा, 'अदाणी ग्रुप के साथ यह रणनीतिक साझेदारी, प्रोडक्ट के पूरे लाइफसाइकल में स्केलेबल सॉल्यूशन देकर एआई इकोसिस्टम में ग्राहकों के लिए लंबे समय तक वैल्यू बनाने की हमारी कोशिशों में एक और कदम है।' दस्तूर ने यह भी रेखांकित किया कि भारत की कुशल वर्कफोर्स और सपोर्टिव बिजनेस माहौल इसे साझेदारी के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाते हैं।
वैश्विक बाज़ार और अदाणी की बड़ी प्रतिबद्धता
यह पहल अगले सात वर्षों में $3 ट्रिलियन से अधिक के वैश्विक एआई कंप्यूट बाज़ार को लक्षित करती है। गौरतलब है कि यह साझेदारी अदाणी ग्रुप की 2035 तक 5 गीगावाट के ग्रीन-एनर्जी से संचालित हाइपरस्केल एआई-रेडी डेटा सेंटर बनाने की $100 अरब की प्रतिबद्धता से सीधे जुड़ी है। यह ऐसे समय में आई है जब भारत का डेटा सेंटर बाज़ार एक अहम मोड़ पर खड़ा है — उद्योग के अनुमानों के अनुसार, एआई की बढ़ती माँग, क्लाउड विस्तार और डेटा लोकलाइजेशन की ज़रूरतों के कारण 2030 तक इसकी क्षमता 5-8 गीगावाट तक पहुँच सकती है।
आगे की राह
यह साझेदारी अदाणी ग्रुप द्वारा वैश्विक टेक्नोलॉजी लीडर्स के साथ पहले से स्थापित संबंधों को और मज़बूत करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम सफलतापूर्वक विकसित हुआ, तो भारत वैश्विक एआई हार्डवेयर आपूर्ति श्रृंखला में चीन के एकाधिकार को चुनौती देने की स्थिति में आ सकता है।