क्या आदिल हुसैन ने मिलिंद सोमन की जगह 'लकड़बग्घा 2' में लिया है? जानवरों के अधिकारों के लिए उठाएंगे आवाज
सारांश
Key Takeaways
- आदिल हुसैन का किरदार जानवरों के अधिकारों की रक्षा करेगा।
- 'लकड़बग्घा 2' एक सामाजिक संदेश के साथ मनोरंजन प्रदान करती है।
- फिल्म में एक्शन और मार्शल आर्ट्स का प्रयोग किया जाएगा।
मुंबई, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आज के युग में बॉलीवुड में सीक्वल और फ्रेंचाइजी की मांग में तेजी आई है। अब दर्शक केवल कहानी या सितारों के लिए नहीं, बल्कि फिल्म की सामाजिक पहचान और संदेश भी तलाशते हैं। ऐसे में 'लकड़बग्घा' जैसी फिल्में विशेष महत्व रखती हैं, जो एक्शन और मनोरंजन के साथ-साथ जानवरों के अधिकारों पर भी जोर देती हैं। पहली फिल्म की सफलता और इसकी थीम ने लोगों का ध्यान खींचा है, और इसके दूसरे भाग को लेकर बहुत सी उम्मीदें हैं।
इस कड़ी में अभिनेता आदिल हुसैन अपने शिक्षक वाले किरदार के माध्यम से इस फ्रेंचाइजी में शामिल होंगे। यह किरदार पहले मिलिंद सोमन द्वारा निभाया गया था, लेकिन अब आदिल इसे निभाएंगे।
आदिल ने कहा, "जब मैंने पहली बार 'लकड़बग्घा' देखी, तो मैं इससे बहुत प्रेरित हुआ। यह फिल्म जानवरों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाली है। यह पिछले दशक की फिल्मों से पूरी तरह भिन्न है। शायद 1970 के दशक की फिल्म 'हाथी मेरे साथी' के बाद इतनी मजबूती से जानवरों के पक्ष में कोई फिल्म नहीं बनी। इस तरह की थीम और संदेश ने मुझे आकर्षित किया और यही वजह थी कि मैंने इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनने का निर्णय लिया।"
आदिल ने आगे बताया, "इस फिल्म में मार्शल आर्ट्स की प्रशिक्षण और एक्शन सीक्वेंस करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन अभिनेता अंशुमन झा की मदद से यह अनुभव सरल और सीखने योग्य बना। उन्होंने शूटिंग के दौरान सहायक रवैया दिखाया, जिससे काम करना मजेदार रहा। मुझे पहले से ही अंशुमन झा के साथ काम करने का अनुभव था।"
'लकड़बग्घा 2: द मंकी बिजनेस' को 'एनिमल लवर विजिलांटे यूनिवर्स' फिल्म के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जो एक ऐसे हीरो के इर्द-गिर्द घूमती है, जो समाज में जानवरों के साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज उठाता है। फिल्म की शूटिंग जून 2025 में समाप्त हो चुकी है, और इस बार की स्टोरीलाइन, एक्शन और विजुअल्स को पहले से और बड़ा किया गया है।
इस फिल्म में अंशुमन झा फिर से अपने किरदार अर्जुन बख्शी के रूप में नजर आएंगे, जो एक आम इंसान है, लेकिन वह जानवरों के अधिकारों के लिए समाज से लड़ता है।