बिहार डीजीपी का मानव तस्करी और अनैतिक व्यापार के खिलाफ सहयोग की अपील
सारांश
Key Takeaways
- मानव तस्करी और अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ एकजुटता की जरूरत है।
- कमजोर वर्ग की ओर से उठाए गए कदमों की सराहना की गई।
- राज्य के सभी 44 जिलों में मानव-व्यापार निरोध इकाइयां गठित की गई हैं।
- ऑपरेशन 'नया सवेरा 2.0' का संचालन किया जाएगा।
- 437 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
पटना, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने बुधवार को कमजोर वर्ग की ओर से मानव तस्करी, अनैतिक देह व्यापार और बाल-श्रम से संबंधित अपराधों की रोकथाम के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी हितधारकों को एक सामूहिक प्लेटफार्म पर कार्य करने की आवश्यकता है।
डीजीपी ने इससे पहले मानव-व्यापार निरोध इकाई, कमजोर वर्ग प्रभाग द्वारा सरदार पटेल भवन के सभागार में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने ऑपरेशन "नया सवेरा" की सफलता और ऐसे मामलों में की गई कार्रवाई की भी सराहना की।
उन्होंने मानव तस्करी और अनैतिक देह व्यापार के उन्मूलन के लिए सभी पक्षों को मिलकर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यशाला के आयोजक, कमजोर वर्ग प्रभाग के अपर पुलिस महानिदेशक ने बताया कि वर्ष 2025 में मानव तस्करी, अनैतिक देह व्यापार और बाल-श्रम से संबंधित कुल 506 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 1487 पीड़ितों को शोषण से मुक्त कराते हुए 437 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि मानव तस्करी के मामलों में जिला पुलिस के मार्गदर्शन हेतु दो मानक कार्य प्रणाली और मानव-व्यापार निरोध इकाई के प्रभारी पुलिस निरीक्षक के कर्तव्यों का निर्धारण किया गया है। साथ ही, लापता और गुमशुदा बच्चों के मामलों में कांड उद्भेदन के लिए मार्गदर्शिका भी निर्गत की गई है।
डीजीपी ने कहा कि राज्य के सभी 44 जिलों (रेलवे सहित) में जिलास्तरीय मानव-व्यापार निरोध इकाई का गठन किया गया है। इसके अतिरिक्त, मानव तस्करी और अनैतिक देह व्यापार के उन्मूलन के लिए तीन हवाई अड्डों में एएचटीयू का गठन किया गया है।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता, सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक एनडीआरएफ पीएम नायर ने मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी। इस विषय के विशेषज्ञों ने सभी जिलों के नोडल पुलिस अधिकारियों, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), पुलिस उपाधीक्षक (विशेष अपराध) और स्वयंसेवी संस्थाओं को मानव व्यापार निरोध से जुड़े सभी हितधारकों की भूमिका से अवगत कराया।
नाबालिग लड़कियों को मानव-व्यापार से रोकने और यौन शोषण से मुक्ति अभियान के तहत, बिहार पुलिस मुख्यालय ने एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक ऑपरेशन "नया सवेरा 2.0" चलाने की घोषणा की है। इस अभियान में मानव व्यापार, बाल श्रम, रेड लाइट एरिया एवं ऑर्केस्ट्रा ग्रुप से पीड़ितों के मुक्ति एवं पुनर्वास के लिए कार्य किया जाएगा।