अजय आलोक का कांग्रेस पर तीखा वार — 'जंग खाया लोहा', तेजस्वी यादव को भी घेरा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने 28 जून को पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे और बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के हालिया बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। आलोक ने कांग्रेस को 'जंग खाया लोहा' बताते हुए पार्टी की राजनीतिक प्रासंगिकता पर सवाल उठाए और तेजस्वी यादव पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर पलटवार किया।
मोदी को मिले सम्मान पर BJP का गर्व
अजय आलोक ने कहा कि 28 जून का दिन देश के लिए गौरव का क्षण है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स में प्रतिष्ठित 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' सम्मान से नवाज़ा गया है। उन्होंने कहा कि जब पीएम मोदी जलवायु संरक्षण के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं, तब कांग्रेस पार्टी अपने बयानों से देश की छवि को नुकसान पहुँचाने में लगी है।
कांग्रेस पर 'जंग खाए लोहे' का तंज
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) नेताओं के उस कथित बयान पर — जिसमें कहा गया कि सत्ता में आने पर BJP नेताओं के लिए सड़कों पर चलना मुश्किल हो जाएगा — आलोक ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा, 'जनता समझ चुकी है कि कांग्रेस कितना जंग खाया हुआ लोहा है, जिससे सिर्फ टिटनेस ही होता है।' उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस सत्ता में आने पर दोबारा आपातकाल लगाने का इरादा रखती है।
आलोक ने कहा कि यही मानसिकता कांग्रेस को सत्ता से दूर रखती है और जनता ने इसे भलीभाँति पहचान लिया है। उन्होंने कहा कि जिस राज्य में कांग्रेस एक बार जाती है, वह दोबारा वापस नहीं लौट पाती।
तेजस्वी यादव पर सीधा हमला
बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा प्रदेश सरकार को 'घोटाले की सरकार' कहने और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर की गई टिप्पणी के जवाब में आलोक ने कहा कि घोटाले का आरोप लगाने से पहले तेजस्वी यादव को अपना दामन देखना चाहिए।
आलोक ने कहा कि सम्राट चौधरी किसी मामले में जमानत पर नहीं हैं, जबकि तेजस्वी यादव कथित तौर पर IRCTC घोटाला मामले में जमानत पर हैं और कभी भी जेल जा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लालू प्रसाद यादव इस मामले में सज़ायाफ्ता हैं।
विधायक संख्या पर चुनौती
आलोक ने तेजस्वी यादव की नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पास अब केवल 24 विधायक बचे हैं और यदि विधायक फैजल रहमान ने इस्तीफा दे दिया, तो तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष के पद के योग्य भी नहीं रहेंगे।
राजनीतिक परिदृश्य
यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में चल रही हैं और BJP तथा RJD के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि पीएम मोदी के विदेश दौरों को विपक्ष अक्सर घरेलू मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश के रूप में चित्रित करता है, जबकि BJP इन्हें राष्ट्रीय प्रतिष्ठा की उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करती है। आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच यह वाकयुद्ध और तेज़ होने की संभावना है।