क्या कांग्रेस में अपशब्द कहने वाले नेताओं को मिलती है पदोन्नति? शहजाद पूनावाला का तंज

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क्या कांग्रेस में अपशब्द कहने वाले नेताओं को मिलती है पदोन्नति? शहजाद पूनावाला का तंज

सारांश

कांग्रेस नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री मोदी की अपमानजनक टिप्पणियों पर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस अब गाली की राजनीति में उतर चुकी है, जबकि जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी। क्या यह कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है?

मुख्य बातें

कांग्रेस नेताओं द्वारा की गई अपमानजनक टिप्पणियां निंदनीय हैं।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
कांग्रेस अब गाली की राजनीति कर रही है।
इसका असर आगामी बिहार चुनाव में देखने को मिल सकता है।
राष्ट्रपति और अन्य नेताओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणियों से राजनीति में गिरावट आ रही है।

नई दिल्ली, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए की गई अपमानजनक टिप्पणी की कड़ी निंदा की है।

उन्होंने वीडियो जारी कर कहा कि बिहार में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की रैली में प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपमानजनक शब्दों का उपयोग किया गया।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव परिवारवाद के नवाबजादे हैं, जिन्हें लगता है कि वे लोकतंत्र, संविधान और जनता के चुने हुए प्रधानमंत्री के पद से बड़े हैं, जबकि राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी से पद और उम्र दोनों में छोटे हैं। इसके बावजूद वह प्रधानमंत्री पर अपमानजनक टिप्पणी कर रहे हैं, जो कि निंदनीय है।

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि अब कांग्रेस में स्थिति ऐसी बन चुकी है कि जो भी प्रधानमंत्री मोदी के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी करेगा, उसे उतनी ही ज्यादा पदोन्नति दी जाएगी। मौजूदा समय में कांग्रेस इसी नीति के तहत काम कर रही है। राहुल गांधी पहले से ही मोदी समाज पर कमेंट करने के मामले में दोषी ठहराए जा चुके हैं।

शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए की गई विवादित टिप्पणियां भी गिनाईं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की ओर से कई बार प्रधानमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है।

उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस की स्थिति ऐसी बन चुकी है कि उसके पास राजनीति के लिए कोई मुद्दा नहीं बचा है। यह पार्टी अब गाली की राजनीति करने पर आमादा हो चुकी है, लेकिन देश की जनता इस तरह की राजनीति को किसी भी कीमत पर स्वीकार करने वाली नहीं है।

शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस को अब इसका एहसास भलीभांति हो चुका है कि आगामी बिहार चुनाव में उनकी हार होने जा रही है, इसलिए अब ये लोग विवादित टिप्पणी कर रहे हैं। ये लोग कभी सनातन धर्म को गाली देते हैं। कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपमानजनक टिप्पणी करते हैं तो कभी चुनाव आयोग के बारे में बोलते हैं।

इससे पहले तेजस्वी यादव की एक रैली में चिराग पासवान के लिए अपमानजनक टिप्पणी की गई थी।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इससे यह साफ जाहिर होता है कि ये परिवारवादी लोग ओबीसी समुदाय को लेकर किस कदर दुर्भावना से ग्रसित हैं। इन लोगों का मानसिक स्तर इस किस कदर गिर चुका है कि ये लोग राष्ट्रपति पर भी अपमानजनक टिप्पणी करने से गुरेज नहीं करते।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित होगा कि हर राजनीतिक दल को अपने विचारों को व्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि वे अपने शब्दों का चयन करें। अपशब्दों का प्रयोग न केवल राजनीति को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि यह लोकतंत्र की भावना के खिलाफ भी है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या कांग्रेस की अपशब्द कहने की प्रवृत्ति बढ़ रही है?
हां, हाल के घटनाक्रम से यह स्पष्ट हो रहा है कि कांग्रेस में अपशब्दों का इस्तेमाल बढ़ रहा है, जो कि निंदनीय है।
शहजाद पूनावाला ने क्या कहा?
उन्होंने कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों को निंदनीय बताया और कहा कि यह पार्टी गाली की राजनीति कर रही है।
क्या इससे आगामी चुनाव पर असर पड़ेगा?
हां, यह संभव है कि इस तरह की राजनीति का असर आगामी बिहार चुनाव में देखने को मिले।
राष्ट्र प्रेस
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