संध्या थिएटर भगदड़ केस: अल्लू अर्जुन अदालत से अनुपस्थित, 6 जुलाई को अगली सुनवाई
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद की नामपल्ली आपराधिक अदालत में 22 जून 2025 को संध्या थिएटर भगदड़ मामले की सुनवाई हुई, जिसमें तेलुगु सिनेमा के चर्चित अभिनेता अल्लू अर्जुन व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हुए। अभिनेता के वकील ने अदालत को बताया कि वे इन दिनों मुंबई में अपनी नई फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं और इसीलिए व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट का अनुरोध किया गया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई 2025 तक के लिए स्थगित कर दी।
सुनवाई में क्या हुआ
सोमवार की सुनवाई के दौरान मामले के अन्य सभी आरोपी अदालत में उपस्थित रहे, जिन्हें पिछले सप्ताह अदालत की ओर से समन जारी किया गया था। अल्लू अर्जुन के वकील ने अदालत को आश्वस्त किया कि 6 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई में अभिनेता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यवाही में शामिल होंगे। अदालत ने उन्हें इस संदर्भ में एक औपचारिक आवेदन दाखिल करने की सलाह दी।
गौरतलब है कि अदालत ने अल्लू अर्जुन को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था, लेकिन शूटिंग की प्रतिबद्धताओं का हवाला देते हुए उन्होंने राहत की माँग की। अदालत ने उनके अनुरोध पर विचार करते हुए अगली तारीख निर्धारित कर दी।
मूल घटना: 4 दिसंबर 2024 की त्रासदी
यह पूरा मामला 4 दिसंबर 2024 का है, जब फिल्म 'पुष्पा 2: द रूल' के प्रीमियर के अवसर पर हैदराबाद के संध्या थिएटर में अभूतपूर्व भीड़ उमड़ पड़ी। जैसे ही अल्लू अर्जुन की मौजूदगी की खबर फैली, थिएटर के भीतर और बाहर भीड़ काबू से बाहर हो गई। भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयास विफल रहे और भगदड़ मच गई। इस दुखद हादसे में एम. रेवती नामक एक महिला की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया।
इस घटना ने पूरे तेलंगाना में हड़कंप मचा दिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे।
आरोप और गिरफ्तारी
पुलिस ने इस मामले में गैर इरादतन हत्या सहित कई गंभीर धाराएँ लगाई हैं। जाँच एजेंसी का आरोप है कि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा प्रबंधन में बरती गई लापरवाही इस हादसे की मुख्य वजह रही। कुल मिलाकर 23 लोगों को आरोपी बनाया गया है — थिएटर प्रबंधन से जुड़े पहले 10 लोग और अभिनेता की सुरक्षा में तैनात 8 बाउंसर भी इनमें शामिल हैं। अल्लू अर्जुन इस मामले में आरोपी नंबर 11 हैं। अब तक 19 आरोपियों को अदालत में पेश होने के लिए समन भेजे जा चुके हैं।
घटना के करीब नौ दिन बाद 13 दिसंबर 2024 को अल्लू अर्जुन को गिरफ्तार किया गया। नामपल्ली कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा, लेकिन उसी दिन उनके वकीलों ने उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया और उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई। अगले दिन वे जेल से रिहा हो गए। बाद में उन्हें नियमित जमानत भी प्रदान की गई।
24 दिसंबर 2024 को पुलिस ने अल्लू अर्जुन से लगभग तीन घंटे तक पूछताछ की, जो सीसीटीवी फुटेज और पुलिस द्वारा तैयार वीडियो साक्ष्यों के आधार पर की गई।
आगे की कार्यवाही
अदालत ने स्पष्ट किया है कि सभी 23 आरोपियों के अदालत में उपस्थित होने के बाद ही इस मामले का औपचारिक ट्रायल शुरू होगा। 6 जुलाई की सुनवाई में यह देखा जाएगा कि अल्लू अर्जुन वर्चुअल माध्यम से उपस्थित होते हैं या नहीं, और अदालत उनके आवेदन पर क्या रुख अपनाती है। यह मामला तेलुगु फिल्म उद्योग और सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन की जवाबदेही के लिहाज़ से एक अहम नज़ीर बन सकता है।