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संध्या थिएटर भगदड़: अल्लू अर्जुन वर्चुअली पेश, पुलिस ने चार्जशीट दाखिल; सुनवाई 29 जुलाई तक टली

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संध्या थिएटर भगदड़: अल्लू अर्जुन वर्चुअली पेश, पुलिस ने चार्जशीट दाखिल; सुनवाई 29 जुलाई तक टली

सारांश

संध्या थिएटर भगदड़ केस में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है — 23 आरोपियों में अल्लू अर्जुन 'नंबर 11' हैं। 4 दिसंबर 2024 को 'पुष्पा 2' प्रीमियर के दौरान एम. रेवती की मौत और उनके बेटे के घायल होने के बाद यह मामला तेलंगाना में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। अगली सुनवाई 29 जुलाई को।

मुख्य बातें

नामपल्ली क्रिमिनल कोर्ट में 7 जुलाई 2025 को पुलिस ने संध्या थिएटर भगदड़ मामले में चार्जशीट दाखिल की।
अभिनेता अल्लू अर्जुन मुंबई से वर्चुअली पेश हुए; उन्हें चार्जशीट में आरोपी नंबर 11 बनाया गया है।
मामले में कुल 23 आरोपी हैं — थिएटर प्रबंधन के 10 लोग और 8 बाउंसर शामिल।
पुलिस ने गैर इरादतन हत्या सहित गंभीर धाराएँ लगाई हैं।
घटना 4 दिसंबर 2024 को हुई थी, जिसमें एम.
रेवती की मौत हुई और उनका बेटा घायल हुआ।
अगली सुनवाई 29 जुलाई को; सभी आरोपियों की उपस्थिति के बाद ही ट्रायल शुरू होगा।

हैदराबाद की नामपल्ली क्रिमिनल कोर्ट में 7 जुलाई 2025 को सोमवार को संध्या थिएटर भगदड़ मामले में पुलिस ने औपचारिक रूप से चार्जशीट दाखिल कर दी। फिल्म 'पुष्पा 2: द रूल' के प्रीमियर से जुड़े इस केस में अभिनेता अल्लू अर्जुन मुंबई से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए अदालत में उपस्थित हुए। हालाँकि, अन्य कई आरोपी व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हो सके, जिसके कारण कोर्ट ने अगली सुनवाई 29 जुलाई तक स्थगित कर दी।

मुख्य घटनाक्रम

अदालत ने अल्लू अर्जुन को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था, लेकिन अभिनेता ने शूटिंग की व्यस्तता का हवाला देते हुए वर्चुअल माध्यम से पेश होने की अनुमति माँगी थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार किया। इस मामले में कुल 23 आरोपी हैं और अदालत ने अब तक 19 आरोपियों को समन जारी किए हैं। अल्लू अर्जुन को इस चार्जशीट में आरोपी नंबर 11 के रूप में नामित किया गया है।

जाँच के दौरान पुलिस ने थिएटर प्रबंधन से जुड़े पहले 10 लोगों को आरोपी बनाया। इसके अलावा अभिनेता की सुरक्षा में तैनात 8 बाउंसरों को भी मामले में शामिल किया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सभी आरोपियों के उपस्थित होने के बाद ही औपचारिक ट्रायल की शुरुआत होगी।

घटना की पृष्ठभूमि

यह मामला 4 दिसंबर 2024 का है, जब हैदराबाद के संध्या थिएटर में फिल्म 'पुष्पा 2: द रूल' के प्रीमियर के अवसर पर उमड़ी भारी भीड़ के बीच अचानक भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। इस हादसे में एम. रेवती नामक एक महिला की मौत हो गई और उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना ने पूरे तेलंगाना में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

पुलिस के आरोप और गिरफ्तारी

पुलिस ने इस मामले में गैर इरादतन हत्या सहित अन्य गंभीर धाराएँ लगाई हैं। पुलिस का आरोप है कि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा प्रबंधन में बड़े पैमाने पर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई।

घटना के करीब नौ दिन बाद 13 दिसंबर 2024 को अल्लू अर्जुन को गिरफ्तार किया गया और नामपल्ली कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उसी दिन उनके अधिवक्ताओं ने उच्च न्यायालय में अर्जी दाखिल की और उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई। अगले दिन उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया और बाद में नियमित जमानत भी मिल गई।

पूछताछ और जाँच प्रक्रिया

24 दिसंबर 2024 को पुलिस ने अल्लू अर्जुन से लगभग तीन घंटे तक पूछताछ की। यह पूछताछ थिएटर के सीसीटीवी फुटेज और पुलिस द्वारा तैयार किए गए वीडियो साक्ष्यों के आधार पर की गई थी। यह ऐसे समय में आई है जब तेलंगाना में बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन को लेकर नियमों की समीक्षा चल रही है।

आगे क्या होगा

29 जुलाई की अगली सुनवाई में सभी आरोपियों की उपस्थिति सुनिश्चित करना अदालत की प्राथमिकता होगी। जब तक सभी 23 आरोपी कोर्ट में पेश नहीं होते, तब तक मुकदमे का औपचारिक आरंभ संभव नहीं है। यह मामला न केवल अल्लू अर्जुन के करियर के लिहाज़ से बल्कि बड़े फिल्मी आयोजनों में सुरक्षा मानकों के निर्धारण के संदर्भ में भी एक अहम मिसाल बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस गंभीरता के साथ मेल नहीं खाता जो एक महिला की मौत के मामले में अपेक्षित है। असली सवाल यह है कि क्या चार्जशीट में भीड़ प्रबंधन की विफलता की ज़िम्मेदारी केवल बाउंसरों और थिएटर स्टाफ पर डाली जाएगी, या आयोजन की मंजूरी देने वाले प्रशासनिक तंत्र पर भी जवाबदेही तय होगी। बड़े फिल्मी प्रीमियर में सुरक्षा के मानक पूरे देश में अस्पष्ट हैं — यह मुकदमा उन मानकों को परिभाषित करने का अवसर है, जिसे न्यायपालिका को गँवाना नहीं चाहिए।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संध्या थिएटर भगदड़ मामला क्या है?
यह मामला 4 दिसंबर 2024 को हैदराबाद के संध्या थिएटर में 'पुष्पा 2: द रूल' के प्रीमियर के दौरान हुई भगदड़ से जुड़ा है, जिसमें एम. रेवती नामक महिला की मौत हो गई और उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने इसमें गैर इरादतन हत्या सहित अन्य गंभीर धाराएँ लगाई हैं।
अल्लू अर्जुन इस मामले में कैसे आरोपी बने?
पुलिस का आरोप है कि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा प्रबंधन में लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। अल्लू अर्जुन को चार्जशीट में आरोपी नंबर 11 के रूप में नामित किया गया है। उन्हें 13 दिसंबर 2024 को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उसी दिन अंतरिम जमानत मिल गई और बाद में नियमित जमानत भी मिली।
इस केस में अगली सुनवाई कब होगी?
नामपल्ली क्रिमिनल कोर्ट ने अगली सुनवाई 29 जुलाई 2025 को तय की है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सभी 23 आरोपियों के उपस्थित होने के बाद ही औपचारिक ट्रायल शुरू होगा।
इस मामले में कुल कितने आरोपी हैं और कौन-कौन शामिल हैं?
इस मामले में कुल 23 आरोपी हैं। इनमें थिएटर प्रबंधन से जुड़े 10 लोग, अल्लू अर्जुन की सुरक्षा में तैनात 8 बाउंसर और अभिनेता अल्लू अर्जुन (आरोपी नंबर 11) शामिल हैं। अदालत अब तक 19 आरोपियों को समन जारी कर चुकी है।
क्या अल्लू अर्जुन को पहले गिरफ्तार किया गया था?
हाँ, 13 दिसंबर 2024 को अल्लू अर्जुन को गिरफ्तार कर नामपल्ली कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। उसी दिन उच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने पर वे रिहा हो गए। 24 दिसंबर 2024 को पुलिस ने उनसे करीब तीन घंटे पूछताछ भी की थी।
राष्ट्र प्रेस
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