अंबुजा सीमेंट्स का झारखंड के गोड्डा में 2.9 एमटीपीए प्लांट, ₹14,500 करोड़ के निवेश से 6 राज्यों में विस्तार
सारांश
मुख्य बातें
अंबुजा सीमेंट्स ने झारखंड के गोड्डा में 2.9 मिलियन टन प्रतिवर्ष (एमटीपीए) क्षमता का नया सीमेंट ग्राइंडिंग प्लांट स्थापित करने की घोषणा की है। अदाणी समूह की इस कंपनी ने देश के छह राज्यों में नए संयंत्रों और मौजूदा इकाइयों के विस्तार के ज़रिए करीब 30 एमटीपीए अतिरिक्त उत्पादन क्षमता जोड़ने की योजना बनाई है, जिसके लिए ₹14,500 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इस विस्तार कार्यक्रम का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030 तक कंपनी की कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता 155 एमटीपीए तक पहुँचाना है।
विस्तार योजना का दायरा
अंबुजा सीमेंट्स के इस विस्तार कार्यक्रम में झारखंड, असम, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। कंपनी के अनुसार, इन परियोजनाओं से पूर्वी, पश्चिमी और उत्तरी भारत में उसका विनिर्माण नेटवर्क मज़बूत होगा। फ़िलहाल कंपनी की कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता 113.5 एमटीपीए है और देशभर में उसके 24 एकीकृत सीमेंट संयंत्र व 24 ग्राइंडिंग इकाइयाँ संचालित हैं।
पूर्वी भारत में नई इकाइयाँ
गोड्डा संयंत्र पूर्वी भारत में कंपनी के विस्तार की अहम कड़ी होगा। इसी क्षेत्र में असम के रंगिया और होजाई में भी 2.9-2.9 एमटीपीए क्षमता की ग्राइंडिंग इकाइयाँ स्थापित करने की योजना है। बिहार के मुज़फ्फरपुर में भी इतनी ही क्षमता का नया संयंत्र प्रस्तावित है।
इसके अतिरिक्त असम के उमरांगसो में 4 एमटीपीए क्षमता का क्लिंकर संयंत्र विकसित किया जाएगा। क्लिंकर सीमेंट निर्माण का प्रमुख कच्चा घटक है और इसकी उपलब्धता बढ़ने से ग्राइंडिंग इकाइयों की उत्पादन क्षमता में इज़ाफा होगा। पूर्वी क्षेत्र में कुल 11.6 एमटीपीए नई ग्राइंडिंग क्षमता जोड़ी जाएगी।
पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्र की योजनाएँ
गुजरात के मुंद्रा और हजीरा में 2.9-2.9 एमटीपीए की इकाइयाँ प्रस्तावित हैं। महाराष्ट्र के रायगढ़, कल्याण और अमरावती में भी 2.9-2.9 एमटीपीए तथा दहाणू में 0.7 एमटीपीए क्षमता बढ़ाने की योजना है। पश्चिमी क्षेत्र में कुल करीब 15.5 एमटीपीए नई ग्राइंडिंग क्षमता जोड़ी जाएगी। उत्तर प्रदेश के दादरी में दूसरी उत्पादन लाइन के ज़रिए 2.9 एमटीपीए क्षमता का विस्तार किया जाएगा और उत्तरी क्षेत्र में कुल 2.9 एमटीपीए नई क्षमता जुड़ेगी।
सीईओ का बयान और रणनीति
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनोद बाहेती ने कहा कि विस्तार योजना का उद्देश्य उत्पादन क्षमता के साथ विनिर्माण नेटवर्क में बेहतर संतुलन और लचीलापन लाना है। उन्होंने क्लिंकर और ग्राइंडिंग क्षमता के बीच तालमेल बढ़ाने तथा अधिक मांग वाले बाज़ारों के नज़दीक उत्पादन इकाइयाँ स्थापित करने पर जोर दिया।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में बुनियादी ढाँचे और आवासीय निर्माण की माँग तेज़ी से बढ़ रही है, जो सीमेंट उद्योग के लिए दीर्घकालिक अवसर पैदा कर रहा है।
निकट भविष्य की समयसीमा
कंपनी को वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में पंजाब के बठिंडा में 1.2 एमटीपीए और राजस्थान के जोधपुर स्थित पेन्ना एकीकृत संयंत्र में 2 एमटीपीए क्षमता के स्थिरीकरण और उत्पादन बढ़ाने की उम्मीद है। बिहार के वारिसलीगंज में 2.4 एमटीपीए क्षमता की ग्राइंडिंग इकाई भी इसी अवधि में चालू करने की योजना है।
इन परियोजनाओं के पूरा होने पर मार्च 2027 तक कंपनी की कुल सीमेंट क्षमता 119 एमटीपीए पहुँचने का अनुमान है। गौरतलब है कि अधिग्रहण के बाद 30 सितंबर 2026 तक 11 विस्तार परियोजनाएँ पूरी की जा चुकी हैं, जिनसे 16.3 एमटीपीए सीमेंट और 9 एमटीपीए क्लिंकर उत्पादन क्षमता जुड़ी है।