अमृत भारत एक्सप्रेस: NFR के तहत 7 रूटों पर 1.78 लाख यात्री, ₹23 करोड़ की कमाई
सारांश
मुख्य बातें
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के तहत असम और पश्चिम बंगाल से संचालित अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें जनवरी 2026 से अब तक 1.78 लाख से अधिक यात्रियों को सफर करा चुकी हैं और ₹23 करोड़ से अधिक की राजस्व कमाई दर्ज कर चुकी हैं। कई रूटों पर ऑक्यूपेंसी 100 प्रतिशत से ऊपर जाने के साथ, ये ट्रेनें पूर्वोत्तर भारत में रेल यात्रा की सबसे सफल पहलों में से एक बनकर उभरी हैं।
सात रूटों पर संचालन, क्षमता से अधिक मांग
रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, NFR के तहत फिलहाल सात जोड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं। इनमें कामाख्या-रोहतक, डिब्रूगढ़-गोमती नगर, अलीपुरद्वार जंक्शन-एसएमवीटी बेंगलुरु, अलीपुरद्वार जंक्शन-पनवेल, कामाख्या-चारलापल्ली, न्यू जलपाईगुड़ी-तिरुचिरापल्ली और न्यू जलपाईगुड़ी-नागरकोइल रूट शामिल हैं।
इन सेवाओं ने गुवाहाटी, डिब्रूगढ़, अलीपुरद्वार जंक्शन और न्यू जलपाईगुड़ी जैसे शहरों को देश के प्रमुख महानगरों से सीधे जोड़ दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत लंबे समय से बेहतर रेल संपर्क की माँग कर रहा था।
रिकॉर्ड ऑक्यूपेंसी: 140% तक पहुँची भरमार
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, कामाख्या-रोहतक अमृत भारत एक्सप्रेस की ऑक्यूपेंसी 136 प्रतिशत तक दर्ज की गई है। वहीं डिब्रूगढ़-गोमती नगर ट्रेन ने कई यात्राओं में 140 प्रतिशत से अधिक ऑक्यूपेंसी हासिल की — जो इन मार्गों पर सीटों की भारी माँग को रेखांकित करती है।
गौरतलब है कि 100 प्रतिशत से अधिक ऑक्यूपेंसी का अर्थ है कि आरक्षित सीटों के अतिरिक्त प्रतीक्षा-सूची टिकट भी बड़ी संख्या में यात्रा कर रहे हैं, जो इन ट्रेनों की असाधारण लोकप्रियता का प्रमाण है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
NFR के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिनजल किशोर शर्मा ने बुधवार, 20 मई को बताया कि अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को देशभर के यात्रियों से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने कहा, 'इन ट्रेनों की बेहतर ऑक्यूपेंसी और कमाई यह साफ दिखाती है कि यात्री इन्हें किफायती, आरामदायक और भरोसेमंद विकल्प के रूप में पसंद कर रहे हैं।'
NFR का यह भी कहना है कि ये ट्रेनें केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं हैं — ये क्षेत्रीय पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति दे रही हैं।
आम यात्रियों के लिए विशेष डिज़ाइन
अमृत भारत एक्सप्रेस को खास तौर पर आम और मध्यम-वर्गीय यात्रियों की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इनमें आधुनिक इंटीरियर, उन्नत सुविधाएँ, आरामदायक सीटिंग व्यवस्था और किफायती किराया उपलब्ध है — जो इन्हें वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों का एक सुलभ विकल्प बनाता है।
आगे क्या
रेलवे ने भरोसा दिलाया है कि आने वाले समय में यात्री सुविधाओं और सुरक्षित यात्रा को प्राथमिकता दी जाती रहेगी। बढ़ती माँग को देखते हुए, विशेषज्ञों का मानना है कि NFR इन रूटों पर अतिरिक्त फेरे या नए रूट जोड़ने पर विचार कर सकता है, हालाँकि रेलवे ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।