3 सितंबर 2026
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अमृतसर पुलिस का अवैध हथियार नेटवर्क पर शिकंजा: 8 पिस्तौल, 103 कारतूस बरामद, दो गिरफ्तार

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अमृतसर पुलिस का अवैध हथियार नेटवर्क पर शिकंजा: 8 पिस्तौल, 103 कारतूस बरामद, दो गिरफ्तार

सारांश

अमृतसर पुलिस ने 8 पिस्तौल और 103 कारतूस के साथ दो आरोपियों को दबोचा। जाँच में पाकिस्तान से ड्रोन के ज़रिए हथियारों की आपूर्ति और राजस्थान-हरियाणा तक फैले नेटवर्क का खुलासा हुआ है — पुलिस अब पूरी सप्लाई चेन खंगाल रही है।

मुख्य बातें

अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने 3 सितंबर 2026 को अवैध हथियार नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों — 'चीता' और 'गोरा' — को गिरफ्तार किया।
आरोपियों के पास से 8 अवैध .30 बोर पिस्तौल और 103 जिंदा कारतूस बरामद हुए।
प्रारंभिक पूछताछ में राजस्थान और हरियाणा सहित अन्य राज्यों में हथियार सप्लाई की बात सामने आई है।
कथित तौर पर हथियार पाकिस्तान से ड्रोन के ज़रिए पंजाब में पहुँचाए जाते थे।
पुलिस नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक दोनों दिशाओं में जाँच कर रही है; और गिरफ्तारियाँ संभव।

अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने 3 सितंबर 2026 को अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले एक सुनियोजित नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 8 अवैध .30 बोर पिस्तौल और 103 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई पंजाब में हथियारों की अवैध आवाजाही पर लगाम लगाने के व्यापक अभियान का हिस्सा है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 'चीता' और 'गोरा' के रूप में हुई है। दोनों से चल रही पूछताछ में हथियार सप्लाई नेटवर्क की कई अहम कड़ियाँ सामने आने की उम्मीद है।

प्रारंभिक पूछताछ में कथित तौर पर यह सामने आया है कि आरोपियों ने राजस्थान और हरियाणा सहित अन्य राज्यों में भी हथियार सप्लाई किए। पुलिस अब उन लोगों की शिनाख्त करने में जुटी है जिन्हें पहले हथियार मुहैया कराए गए थे।

पाकिस्तान कनेक्शन की जाँच

जाँच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर हथियारों की खेप पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से पंजाब में पहुँचाई जाती थी। पुलिस के अनुसार, इस्लामाबाद क्षेत्र में हथियारों की बरामदगी के बाद पूछताछ को आगे बढ़ाया गया।

पुलिस कमिश्नर गिल ने बताया कि अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि पाकिस्तान में बैठे तस्करों और भारत में सक्रिय नेटवर्क के बीच संपर्क किस माध्यम से स्थापित हुआ। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि एक आरोपी कथित तौर पर विदेश में ट्रक चलाने के दौरान ऐसे लोगों के संपर्क में आया जिन्होंने उसे इस नेटवर्क से जोड़ा।

नेटवर्क की पूरी कड़ी खंगालने की कोशिश

पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य केवल हथियार बरामद करना नहीं, बल्कि उस पूरे नेटवर्क तक पहुँचना है जो इन्हें अपराधियों तक पहुँचाता है। उन्होंने बताया कि बरामद हथियारों के टारगेट किलिंग, शूटआउट और अन्य आपराधिक वारदातों में इस्तेमाल किए जाने की आशंका है।

पुलिस की विभिन्न टीमें अलग-अलग स्थानों पर तैनात की गई हैं और गुप्त रूप से जाँच एवं ऑपरेशन जारी है। इस मामले में बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक — यानी हथियारों का स्रोत और उनकी अंतिम आपूर्ति — दोनों दिशाओं में जाँच की जा रही है।

आगे क्या होगा

पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने कहा कि नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द होने की संभावना है और आने वाले दिनों में और हथियारों की बरामदगी भी हो सकती है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पंजाब में संगठित अपराध और सीमा-पार हथियार तस्करी पर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी पहले से कड़ी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमृतसर पुलिस ने किस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है?
अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने एक अवैध हथियार आपूर्ति नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है जो कथित तौर पर पाकिस्तान से ड्रोन के ज़रिए पंजाब में हथियार पहुँचाता था और राजस्थान व हरियाणा तक इनकी सप्लाई करता था। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 8 पिस्तौल व 103 कारतूस बरामद हुए।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 'चीता' और 'गोरा' के रूप में हुई है। पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल के अनुसार, दोनों से पूछताछ जारी है और नेटवर्क की अन्य कड़ियाँ सामने आने की उम्मीद है।
क्या इस मामले में पाकिस्तान का कनेक्शन है?
जाँच में कथित तौर पर यह सामने आया है कि हथियारों की खेप पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से पंजाब में पहुँचाई जाती थी। पुलिस पाकिस्तान में बैठे तस्करों और भारत में सक्रिय नेटवर्क के बीच संपर्क की कड़ियाँ खंगाल रही है।
बरामद हथियारों का इस्तेमाल किन गतिविधियों में होने की आशंका थी?
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, इन हथियारों का इस्तेमाल टारगेट किलिंग, शूटआउट और अन्य आपराधिक वारदातों में किए जाने की आशंका है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन्हें किन लोगों तक पहुँचाया जाना था।
आगे इस मामले में क्या कार्रवाई होगी?
पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने कहा है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द संभव है और और हथियारों की बरामदगी भी हो सकती है। पुलिस की टीमें विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं और गुप्त ऑपरेशन जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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