क्या सरफराज, शमी और सिराज हैं, तो रहमान की जरूरत नहीं है?: आनंद दुबे
सारांश
Key Takeaways
- सरफराज खान, मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट में महत्वपूर्ण हैं।
- बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान की आवश्यकता पर सवाल उठाया गया है।
- आनंद दुबे का बयान राजनीतिक दृष्टिकोण दर्शाता है।
- भविष्य में बांग्लादेशी और पाकिस्तानी खिलाड़ियों का बहिष्कार होना चाहिए।
- भारतीय क्रिकेट और राजनीति का आपसी संबंध महत्वपूर्ण है।
मुंबई, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना (यूबीटी) के नेता आनंद दुबे ने कहा है कि जब हमारे पास सरफराज खान, मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, तो बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान की क्या आवश्यकता है?
यह बयान तब आया है जब बीसीसीआई के निर्देश पर मुस्तफिजुर रहमान को केकेआर से रिलीज किया गया।
आनंद दुबे ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि मैं बीसीसीआई सचिव का धन्यवाद करता हूं। देर से सही, लेकिन यह फैसला सही है। हम हमेशा से कह रहे हैं कि हमारे देश में बांग्लादेशी या पाकिस्तानी क्रिकेटरों को मैच खेलने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। हमने इसका विरोध किया है। हम शिवसैनिक हैं, और यह हमारे देशवासियों की भावना और करोड़ों हिंदुओं की आस्था को दर्शाता है। हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। भविष्य में भी बांग्लादेशी और पाकिस्तानी क्रिकेटरों का पूरी तरह से बहिष्कार होना चाहिए। हमारे पास सरफराज, शमी और सिराज हैं, तो रहमान की कोई जरूरत नहीं।
उन्होंने डिप्टी सीएम अजीत पवार के बयान पर कहा कि पहले भाजपा उन्हें 70,000 करोड़ के घोटाले का आरोपी कहती है, और फिर उन्हें पार्टी में शामिल कर 'साफ' घोषित कर देती है। अजीत पवार खुद कहते हैं कि जब उनका कुछ नहीं हुआ तो उनके साथियों का क्या होगा? अपराधियों और भ्रष्ट लोगों को पार्टी में शामिल किया जाता है, और जब लोग विरोध करते हैं तो उनसे कहा जाता है कि यह नई डेमोक्रेसी है।
आनंद दुबे ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर कहा कि हम सभी उनका बहुत सम्मान करते हैं। वह एक सम्मानित व्यक्ति हैं और आरएसएस के सरसंघचालक हैं। उन्होंने हमेशा देश और हिंदुओं के लिए बात की है। उनके विचारों को मान्यता मिलनी चाहिए। हालांकि, उन्हें यह भी बताना चाहिए कि भाजपा पर उनका प्रभाव कमजोर क्यों दिखता है। चुनावों के दौरान भाजपा नेता उनका समर्थन मांगते हैं लेकिन बाद में उनकी सलाह नहीं मानते हैं। मोहन भागवत को कभी-कभी भाजपा को स्पष्ट निर्देश देने चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के विदेश दौरे पर कहा कि राहुल गांधी विदेश जाएं या देश में रहें, भाजपा लगातार उन पर नजर रखती है। वह अपनी पर्सनल जिंदगी जीने के लिए स्वतंत्र हैं। भाजपा बार-बार उनके विदेश दौरों को मुद्दा बनाती है, जबकि दूसरे देश भी इसी दुनिया का हिस्सा हैं।