कमलेश सिंह के परिवार को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ा झटका, मनी लॉन्ड्रिंग याचिका हुई खारिज
सारांश
मुख्य बातें
रांची, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड उच्च न्यायालय ने आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री कमलेश सिंह के परिवार के सदस्यों की क्रिमिनल रिवीजन याचिका को खारिज कर दिया है। इसमें शामिल हैं कमलेश के बेटे सूर्य सोनल सिंह, पत्नी मधु सिंह, पुत्री अंकिता सिंह, और दामाद नरेंद्र मोहन सिंह.
न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की पीठ ने यह महत्वपूर्ण आदेश दिया। उच्च न्यायालय के इस निर्णय के बाद निचली अदालत में मामले की कार्यवाही फिर से शुरू होने की संभावनाएँ बढ़ गई हैं। पहले, उच्च न्यायालय में मामले की सुनवाई चलने के कारण ट्रायल कोर्ट की प्रक्रिया पर रोक लगी हुई थी, जो अब हट गई है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आरोप लगाया है कि पूर्व मंत्री के कार्यकाल के दौरान उनके परिवार ने कथित रूप से अवैध धन का उपयोग कर संपत्तियाँ अर्जित कीं और उन्हें वैध बनाने का प्रयास किया।
ईडी का कहना है कि इस मामले में कुल ५ करोड़ ८३ लाख ६४ हजार १९७ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। ईडी ने १० अक्टूबर २००९ को इस मामले में शिकायत दर्ज की थी। इससे पहले आरोपियों ने डिस्चार्ज याचिका भी दाखिल की थी, जिसे उच्च न्यायालय ने २५ नवंबर २०१७ को खारिज कर दिया था। इसके बाद आरोपियों ने क्रिमिनल रिवीजन याचिका दायर की थी, जिसे अब निरस्त कर दिया गया है।
ईडी ने इस मामले में पूर्व मंत्री, उनकी पत्नी, पुत्र, पुत्री और दामाद को आरोपी बनाया है। एजेंसी का कहना है कि ये सभी कथित रूप से अवैध संपत्तियों को विभिन्न माध्यमों से वैध दिखाने का प्रयास कर रहे थे।
साल २०१७ में रांची स्थित विशेष ईडी अदालत ने सूर्य सोनल सिंह और नरेंद्र मोहन सिंह को न्यायिक हिरासत में भेजा था। एजेंसी ने उस समय भी ५.८३ करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया था।
हाल के आदेश के बाद विशेष अदालत में ट्रायल की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। ईडी अब गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत करेगी। मामले की अगली सुनवाई की तिथि निचली अदालत द्वारा निर्धारित की जाएगी।