पंजाब: मोहाली में पटवारी को समन, ईडी ने 2.76 करोड़ की अवैध संपत्ति कुर्क की
सारांश
मुख्य बातें
मोहाली, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत पंजाब के पटवारी चमकौर लाल और चार अन्य व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दायर की है। यह शिकायत 11 मार्च 2026 को माननीय विशेष न्यायालय (पीएमएलए), एसएएस नगर, मोहाली के समक्ष प्रस्तुत की गई।
24 मार्च 2026 को न्यायालय ने सभी आरोपियों के लिए सामने पेश होने के लिए समन जारी किया। ईडी की जांच पंजाब विजिलेंस ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। यह एफआईआर 1 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2023 के बीच आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में दर्ज की गई थी।
जांच में पता चला कि डेरा बस्सी और खरड़ तहसीलों में पटवारी के पद पर कार्यरत चमकौर लाल ने अपनी और अपने परिवार की वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति जमा की थी। यह साबित हुआ कि उन्होंने अपनी आधिकारिक स्थिति का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार से प्राप्त अवैध धन को अचल और चल संपत्तियों में निवेश किया।
ईडी ने यह भी पाया कि चमकौर लाल ने अपने और परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में अवैध धन को छिपाने के लिए रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों से ऋण दिखाते हुए जमा किया। इस तरीके से उन्होंने दूषित धन को वैध आय के रूप में दिखाने का प्रयास किया। सबसे चिंताजनक यह था कि पटवारी ने भ्रष्टाचार से अर्जित धन से एक शानदार घर भी खरीदा। जांच में यह भी सामने आया कि उनके बैंक खातों से बहुत कम नकद निकासी की गई ताकि वैध आय का आभास बना रहे और उनकी शानदार जीवनशैली पर सवाल न उठे।
ईडी की जांच के अनुसार, चमकौर लाल ने अनुसूचित अपराधों से प्राप्त धन के माध्यम से लगभग 2.76 करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति अर्जित की। इस मामले में ईडी ने पहले ही 2.76 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियों पर अस्थायी कुर्की आदेश भी जारी किया है।