असम में पोंजी घोटाले में ईडी ने १३.४१ करोड़ रुपए की संपत्ति की जब्ती की

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असम में पोंजी घोटाले में ईडी ने १३.४१ करोड़ रुपए की संपत्ति की जब्ती की

सारांश

गुवाहाटी में ईडी ने एक पोंजी घोटाले के मामले में १३.४१ करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत की गई है। जानें इस घोटाले के पीछे की कहानी और इसकी जांच की प्रक्रिया के बारे में।

मुख्य बातें

ईडी ने १३.४१ करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की।
डीबी स्टॉक कंसल्टेंसी ने पोंजी स्कीम चलाई।
लगभग १५,५०० निवेशकों से एकत्रित किया गया ४००.१४ करोड़ रुपए।
आरोपी दीपांकर बर्मन फरार हुए थे, बाद में गिरफ्तार।

गुवाहाटी, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के गुवाहाटी क्षेत्रीय कार्यालय ने मंगलवार को मेसर्स डीबी स्टॉक कंसल्टेंसी और उसके मालिक दीपांकर बर्मन से जुड़े एक विशाल पोंजी घोटाले के संबंध में १३.४१ करोड़ रुपए की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त की है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), २००२ के अंतर्गत की गई है। ईडी ने यह कार्रवाई अनियमित जमा योजनाओं के माध्यम से निवेशकों के साथ कथित धोखाधड़ी की चल रही जांच के बाद की है।

ईडी के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों में लगभग ८.७१ करोड़ रुपए की अचल संपत्तियां शामिल हैं, जिसमें गुवाहाटी, हैदराबाद और विशाखापत्तनम में स्थित फ्लैट, जमीन और कार्यालय स्थान जैसी १३ संपत्तियां शामिल हैं।

इसके अलावा, लगभग ४.७ करोड़ रुपए की चल संपत्ति जब्त की गई है, जिसमें ४.०३ करोड़ रुपए वाले २७ बैंक खाते और लगभग ६६.४५ लाख रुपए के म्यूचुअल फंड तथा इक्विटी निवेश शामिल हैं।

ईडी ने गुवाहाटी के पलटन बाजार पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच प्रारंभ की, जिसे बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपने हाथ में ले लिया।

यह मामला भारतीय न्याय संहिता, २०२३ और अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध अधिनियम, २०१९ के संबंधित धाराओं के तहत अपराधों से संबंधित है।

जांच में पता चला कि डीबी स्टॉक कंसल्टेंसी ने २०२१ से अगस्त २०२४ के बीच एक अनियमित जमा योजना चलाई, जिसमें निवेशकों को १.२५ प्रतिशत साप्ताहिक से लेकर १२० प्रतिशत वार्षिक तक के असाधारण रूप से उच्च रिटर्न का वादा करके लुभाया गया।

अधिकारियों ने बताया कि फर्म ने सेमिनारों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और रेफरल नेटवर्क के माध्यम से आक्रामक प्रचार करके पूरे भारत में लगभग १५,५०० निवेशकों से जमा राशि जुटाई और लगभग ४००.१४ करोड़ रुपए एकत्र किए।

ईडी के एक अधिकारी ने कहा कि यह संस्था एक क्लासिक पोंजी स्कीम चला रही थी, जिसमें नए निवेशकों से एकत्र की गई धनराशि का उपयोग पुराने निवेशकों को रिटर्न देने के लिए किया जाता था। इस तरह के रिटर्न को बनाए रखने के लिए इसके पास कोई वैध व्यवसाय मॉडल नहीं था।

आरोपी दीपांकर बर्मन कथित तौर पर योजना विफल होने के बाद फरार हो गया था, लेकिन बाद में असम पुलिस और सीबीआई ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

केंद्रीय एजेंसी ने बताया कि मामले की आगे की जांच फिलहाल जारी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने कितनी संपत्ति जब्त की?
ईडी ने १३.४१ करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है।
यह कार्रवाई किस अधिनियम के तहत की गई?
यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), २००२ के तहत की गई है।
डीबी स्टॉक कंसल्टेंसी क्या करती थी?
डीबी स्टॉक कंसल्टेंसी ने निवेशकों को उच्च रिटर्न का वादा करके अनियमित जमा योजनाएं चलाईं।
इस घोटाले में कितने निवेशक शामिल थे?
इस घोटाले में लगभग १५,५०० निवेशक शामिल थे।
क्या दीपांकर बर्मन गिरफ्तार हुए?
हाँ, दीपांकर बर्मन को असम पुलिस और सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया।
राष्ट्र प्रेस