क्या प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब के पटवारी चमकौर लाल की 2.76 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की?

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क्या प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब के पटवारी चमकौर लाल की 2.76 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की?

सारांश

हाल ही में, प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब के पटवारी चमकौर लाल से जुड़ी 2.76 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। जानिए इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे की कहानी।

मुख्य बातें

चमकौर लाल की संपत्ति 2.76 करोड़ रुपए की है।
यह संपत्ति धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत जब्त की गई।
चमकौर लाल ने अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित की थी।
ईडी की जांच सतर्कता ब्यूरो की रिपोर्ट पर आधारित थी।
ईडी ने पहले भी अन्य मामलों में कार्रवाई की है।

जालंधर, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जालंधर क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के अंतर्गत पंजाब के पटवारी चमकौर लाल की 2.76 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति जब्त की।

ईडी की जांच के अनुसार, चमकौर लाल ने 1 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2023 के बीच अपनी आय से कहीं अधिक संपत्ति हासिल की थी। वह पंजाब सरकार की डेरा बस्सी और खरड़ तहसीलों में पटवारी के पद पर तैनात था और अपने दायित्वों का दुरुपयोग कर रहा था। जांच में यह पाया गया कि उसने अपनी और अपने परिवार के सदस्य की वैध आय से अधिक संपत्ति जमा की थी।

यह कार्रवाई सतर्कता ब्यूरो, पंजाब द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत की गई जांच के आधार पर की गई है।

चमकौर लाल ने अपनी अवैध कमाई को चल और अचल संपत्तियों में निवेश किया। इसके अलावा, उसने अपने और परिवार के अन्य सदस्यों के बैंक खातों में अवैध पैसे डाले और इन पैसों को रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों से लिए गए लोन के रूप में प्रदर्शित किया।

इस प्रकार, उसने अपनी अवैध संपत्ति को वैध बताने की कोशिश की थी। प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, इस मामले में लगभग 2.76 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की गई है।

इससे पहले, 16 नवंबरफगवाड़ा में चार स्थानों पर छापे मारे और 22 लाख रुपए जब्त किए। छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी बरामद हुए थे।

ईडी के जालंधर क्षेत्रीय कार्यालय ने बताया कि विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा), 1999 के प्रावधानों के तहत पंजाब के फगवाड़ा में तलाशी अभियान चलाया गया था। इंजीनियरिंग वस्तुओं के निर्यात में शामिल फगवाड़ा स्थित फर्म मेसर्स ओपल इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन (ओईसी) से जुड़े परिसरों में तलाशी ली गई थी।

ईडी की जांच से पता चला कि ओपल इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन ने सीरिया, ईरान, तुर्की, कोलंबिया आदि देशों को माल निर्यात किया था। हालाँकि, निर्यात आय फेमा-1999 और आरबीआई मैटर सर्कुलर के तहत निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार नहीं प्राप्त की गई थी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने चमकौर लाल की संपत्ति कब जब्त की?
ईडी ने 29 नवंबर को चमकौर लाल की 2.76 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की।
चमकौर लाल का पद क्या था?
चमकौर लाल पंजाब के डेरा बस्सी और खरड़ तहसीलों में पटवारी के रूप में कार्यरत था।
ईडी की जांच के अनुसार, चमकौर लाल ने कितनी अवैध संपत्ति अर्जित की?
ईडी के अनुसार, उसने 2.76 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति अर्जित की।
यह कार्रवाई किसके द्वारा की गई?
यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय के जालंधर क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा की गई।
क्या ईडी ने पहले भी कार्रवाई की थी?
हाँ, 16 नवंबर को भी ईडी ने फगवाड़ा में छापे मारे थे।
राष्ट्र प्रेस
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