राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का भातखंडे विश्वविद्यालय को निर्देश: संगीत-कला में रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करें

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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का भातखंडे विश्वविद्यालय को निर्देश: संगीत-कला में रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करें

सारांश

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय को संगीत-कला में अल्पकालिक प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम, NAAC तैयारी और रिक्त पदों को भरने के स्पष्ट निर्देश दिए — कला शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम।

मुख्य बातें

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 18 मई 2026 को जन भवन, लखनऊ में भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
संगीत एवं अन्य कलाओं में अल्पकालिक प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू करने और ग्रीष्मकालीन कार्यशालाओं में प्रमाणपत्र देने के निर्देश।
NAAC की तैयारियों को गंभीरता से लेने और IQAC को सशक्त बनाने पर विशेष जोर।
विश्वविद्यालय के रिक्त पदों को शीघ्र भरने और MoU के धरातल पर क्रियान्वयन की अपेक्षा।
पाठ्यक्रमों में नैतिक शिक्षा शामिल करने और दुर्लभ ग्रंथों के डिजिटलीकरण की प्रगति की समीक्षा।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 18 मई 2026 को लखनऊ स्थित जन भवन में भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र सुविधाओं और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के संदर्भ में कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कला और संस्कृति की शिक्षा को समय की माँग के अनुरूप रोजगार और कौशल विकास से जोड़ा जाना अनिवार्य है।

बैठक में क्या हुआ

जन भवन में आयोजित इस समीक्षा बैठक में विश्वविद्यालय की ओर से विभिन्न संकायों, विभागों, संचालित पाठ्यक्रमों, शोध कार्यों, रिक्त पदों, छात्र नामांकन और अधोसंरचना पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इसके अतिरिक्त पुस्तकालय में उपलब्ध दुर्लभ ग्रंथों के डिजिटलीकरण की प्रगति, छात्रावास व्यवस्था, निर्माणाधीन कार्यों, ग्रीष्मकालीन अभिरुचि कार्यशाला और पुरा छात्र प्रकोष्ठ की जानकारी भी साझा की गई।

रोजगारपरक पाठ्यक्रमों पर जोर

राज्यपाल पटेल ने संगीत एवं अन्य कलाओं में अल्पकालिक प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रीष्मकालीन अभिरुचि कार्यशालाओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को भी प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएँ। गौरतलब है कि भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय देश के प्रमुख शास्त्रीय संगीत संस्थानों में से एक है, और इस तरह के व्यावसायिक पाठ्यक्रम वहाँ के छात्रों के लिए नई राह खोल सकते हैं।

गुणवत्ता और अभिलेखीकरण के निर्देश

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न संस्थाओं के साथ किए गए समझौता ज्ञापनों (MoU) के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया और कहा कि केवल समझौते करना पर्याप्त नहीं — उनके परिणाम धरातल पर दिखाई देने चाहिए। उन्होंने शिक्षकों को पुस्तक लेखन के लिए प्रेरित करने, सांस्कृतिक व सामाजिक गतिविधियों का व्यवस्थित अभिलेखीकरण करने और छायाचित्रों को विवरण सहित संकलित करने के भी निर्देश दिए।

प्रशासनिक सुधार और NAAC तैयारी

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन को रिक्त पदों को शीघ्र भरने, पुरा छात्रों का विस्तृत विवरण तैयार करने और नियमावलियों को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा। उन्होंने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) की तैयारियों को गंभीरता से लेने और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया। पाठ्यक्रमों में नैतिक शिक्षा को शामिल करने की भी अपेक्षा जताई गई।

आगे की राह

राज्यपाल ने कहा कि कला ईश्वर प्रदत्त प्रतिभा है, इसलिए उसकी गुणवत्ता और गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विभागाध्यक्षों, शिक्षकों और अधिकारियों के साथ नियमित बैठकें कर उनकी समस्याओं का समाधान करने का भी निर्देश दिया गया। अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इन निर्देशों को किस गति से लागू करता है और अल्पकालिक पाठ्यक्रम कब तक शुरू हो पाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन का है — भातखंडे जैसे शास्त्रीय संस्थानों में 'रोजगारपरक' पाठ्यक्रम की परिभाषा और उसकी बाज़ार स्वीकार्यता स्पष्ट किए बिना, प्रमाणपत्र बाँटना पर्याप्त नहीं होगा। MoU के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर सराहनीय है, क्योंकि देश के अनेक विश्वविद्यालयों में समझौते कागज़ों तक ही सीमित रह जाते हैं। NAAC तैयारी और IQAC सुदृढ़ीकरण की माँग यह भी संकेत देती है कि संस्थान की वर्तमान मान्यता स्थिति और गुणवत्ता ढाँचे पर अभी काम बाकी है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में कौन-से नए पाठ्यक्रम शुरू होंगे?
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देश के अनुसार, संगीत एवं अन्य कलाओं में अल्पकालिक प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू किए जाएँगे। ग्रीष्मकालीन अभिरुचि कार्यशालाओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को भी प्रमाणपत्र दिए जाने की योजना है।
राज्यपाल ने भातखंडे विश्वविद्यालय की समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से किन विषयों पर ध्यान दिया?
बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता, रोजगारपरक पाठ्यक्रम, छात्रावास सुविधाएँ, NAAC तैयारी, MoU का क्रियान्वयन, रिक्त पदों को भरना और दुर्लभ ग्रंथों का डिजिटलीकरण प्रमुख विषय रहे। राज्यपाल ने नैतिक शिक्षा को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर भी जोर दिया।
NAAC और IQAC को लेकर राज्यपाल ने क्या कहा?
राज्यपाल ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) की तैयारियों को गंभीरता से लेने और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) को सशक्त बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए। यह संस्थान की दीर्घकालिक शैक्षणिक साख के लिए आवश्यक माना जाता है।
भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय क्या है और यह कहाँ स्थित है?
भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय लखनऊ, उत्तर प्रदेश में स्थित देश का एक प्रमुख शास्त्रीय संगीत एवं कला विश्वविद्यालय है। यह संस्थान हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की शिक्षा और संरक्षण के लिए जाना जाता है।
विश्वविद्यालय में रिक्त पदों और MoU को लेकर क्या निर्देश दिए गए?
राज्यपाल ने प्रशासन को रिक्त पदों को शीघ्र भरने और विभिन्न संस्थाओं के साथ हुए समझौता ज्ञापनों के परिणाम धरातल पर दिखाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल MoU करना पर्याप्त नहीं, उनका व्यावहारिक लाभ छात्रों तक पहुँचना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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