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क्या अनंत सिंह के चुनाव प्रचार में इस्तेमाल दो वाहन जब्त हुए?

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क्या अनंत सिंह के चुनाव प्रचार में इस्तेमाल दो वाहन जब्त हुए?

सारांश

पटना पुलिस ने मोकामा से जदयू उम्मीदवार अनंत कुमार सिंह के चुनाव प्रचार में बिना अनुमति के इस्तेमाल की गई दो गाड़ियों को जब्त किया। यह कार्रवाई चुनावी नियमों के उल्लंघन के तहत की गई है। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी!

मुख्य बातें

जदयू उम्मीदवार अनंत कुमार सिंह के लिए बिना अनुमति गाड़ियों का उपयोग किया गया था।
पटना पुलिस ने दो गाड़ियां जब्त की हैं।
इस कार्रवाई में मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन पाया गया।
पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
अनंत सिंह वर्तमान में जेल में हैं।

पटना, 4 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। मोकामा से जदयू उम्मीदवार अनंत कुमार सिंह के चुनाव प्रचार में कथित रूप से बिना आवश्यक अनुमति के उपयोग की जा रही दो गाड़ियों को जब्त किया गया है। पटना पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी साझा की।

एक आधिकारिक बयान में पुलिस ने बताया कि 3 नवंबर को शाम करीब 4 बजे, मोकामा एसएचओ संतोष कुमार के नेतृत्व में एक टीम मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट को लागू करने के लिए पेट्रोलिंग कर रही थी, तभी दो गाड़ियां नियमों का उल्लंघन करती हुई पाई गईं।

इस कार्रवाई में असेंबली चुनाव के लिए एफएसटी मजिस्ट्रेट के तौर पर तैनात एग्जीक्यूटिव ऑफिसर संतोष कुमार रजक भी शामिल थे। टीम ने दो वाहनों को जब्त कर लिया।

पुलिस ने बताया कि एक काली महिंद्रा स्कॉर्पियो (रजिस्ट्रेशन नंबर बीआर-01पीएल-1107) को रोका गया और ड्राइवर मनीष कुमार ने अधिकारियों को बताया कि इस गाड़ी का उपयोग अनंत कुमार सिंह के लिए बिना अनुमति के प्रचार में किया जा रहा था।

एक टोटो ई-रिक्शा जिस पर 'तीर' (जदयू) का बैनर लगा था, उसे भी जब्त कर लिया गया। बयान में कहा गया कि इसके ड्राइवर अंशुमन कुमार ने भी अधिकारियों को बताया कि इसका उपयोग प्रचार में किया जा रहा था।

पुलिस ने बताया कि जदयू उम्मीदवार अनंत कुमार सिंह, उनके एजेंट राजीव रंजन और गाड़ी मालिकों/ड्राइवरों के खिलाफ मोकामा पुलिस स्टेशन में केस नंबर 417/25 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें बीएनएस की धारा 174/223 और मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 119(2)/190(2) लगाई गई हैं। पुलिस ने आगे कहा कि आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

आपको बता दें, जदयू प्रत्याशी और पूर्व विधायक अनंत सिंह इस समय दुलारचंद यादव हत्या मामले में बेउर जेल में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं। 1 नवंबर की रात उनकी गिरफ्तारी हुई थी।

दुलारचंद यादव जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थक थे। 30 अक्टूबर को उनकी हत्या कर दी गई, जिससे मोकामा क्षेत्र में तनाव फैल गया।

प्रारंभिक दावों में दुलारचंद यादव की मौत का कारण गोली लगना बताया गया था। उनके पैर में भी गोली लगी थी, लेकिन यह उनकी मौत का कारण नहीं बना।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रशासन की कार्रवाई प्रशंसनीय है और यह सुनिश्चित करती है कि चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी रहे।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या अनंत सिंह पर कोई अन्य आरोप हैं?
अनंत सिंह इस समय दुलारचंद यादव हत्या मामले में न्यायिक हिरासत में हैं।
क्या गाड़ियों का जब्त होना चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करेगा?
यह घटना चुनावी नियमों के उल्लंघन को दर्शाती है, जो चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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