आंध्र प्रदेश में 'लेबर अड्डे' बनाएगी नायडू सरकार, 15 शहरों में कौशल विकास केंद्र की शुरुआत
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 1 मई 2025 को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर घोषणा की कि राज्यभर में श्रमिकों की सहायता के लिए 'लेबर अड्डे' स्थापित किए जाएंगे, जिन्हें आगे चलकर कौशल विकास केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में 15 बड़े शहरों और कस्बों में ये केंद्र शुरू होंगे, ताकि मजदूर अपनी योग्यता बढ़ाकर बेहतर रोजगार के अवसर पा सकें।
घोषणा का अवसर और स्थान
मुख्यमंत्री नायडू ने यह ऐलान कृष्णा जिले के पमिडिमुक्कला गाँव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किया, जहाँ उत्कृष्ट श्रमिकों और नियोक्ताओं को श्रमशक्ति पुरस्कार वितरित किए गए। यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के उपलक्ष्य में रखा गया था। नायडू ने इस मौके पर कहा कि जिस तरह मजदूर मेहनत से काम करते हैं, उसी तरह सरकार भी राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
श्रमिक कल्याण योजनाएँ
मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के लिए चल रही कल्याणकारी योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा दिया। उनके अनुसार निर्माण श्रमिकों तथा उनकी बेटियों के विवाह पर ₹25,000, प्रसव के लिए ₹20,000, प्राकृतिक मृत्यु पर ₹60,000 और अंतिम संस्कार के लिए ₹20,000 की सहायता राशि दी जा रही है। इसके अतिरिक्त विवाद समाधान के लिए चार श्रम न्यायालय भी कार्यरत हैं।
नए ईएसआई अस्पताल और स्वास्थ्य सुविधाएँ
श्रमिकों की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए नायडू ने अच्युतापुरम, गुंटूर, कुर्नूल, श्रीसिटी और अमरावती में नए ईएसआई अस्पताल स्थापित करने की भी घोषणा की। गौरतलब है कि राज्य में श्रमिक स्वास्थ्य ढाँचे की कमी लंबे समय से एक चुनौती रही है, और ये नए अस्पताल उस अंतर को पाटने की दिशा में उठाया गया कदम माने जा रहे हैं।
निवेश, बुनियादी ढाँचा और विपक्ष पर निशाना
मुख्यमंत्री ने मछलीपट्टनम पोर्ट परियोजना का उल्लेख करते हुए बताया कि 2014 में भूमि अधिग्रहण हुआ था, लेकिन 2019 में तत्कालीन सरकार ने टेंडर रद्द कर दिए, जिससे परियोजना में देरी हुई। अब ब्रेकवॉटर, ड्रेजिंग और ऑफशोर कार्य तेजी से चल रहे हैं और दिसंबर 2025 तक बंदरगाह पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि रिलायंस द्वारा राज्य में बड़े डेटा सेंटर में निवेश किया जा रहा है, जबकि गूगल जैसी कंपनियों ने भी रुचि दिखाई है। नायडू ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने व्यवस्था को नुकसान पहुँचाया, जबकि मौजूदा सरकार पिछले 22 महीनों से तंत्र को पुनः सुदृढ़ करने में जुटी है।
शिक्षा और पंचायत राज सुधार
नायडू ने उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण द्वारा पंचायत राज क्षेत्र में किए गए सुधारों और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए गए बदलावों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन सुधारों के चलते कक्षा 10 के परिणाम बेहतर हुए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च को बोझ नहीं, बल्कि अपनी जिम्मेदारी मानती है। आने वाले समय में 'लेबर अड्डों' के विस्तार और नए ईएसआई अस्पतालों के चालू होने से राज्य के लाखों असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।