क्या अनिरुद्धाचार्य का गुस्सा उचित है, जब बांग्लादेशी खिलाड़ी को खरीदा गया?
सारांश
Key Takeaways
- अनिरुद्धाचार्य ने बांग्लादेशी खिलाड़ियों की खरीद पर विरोध किया।
- बीसीसीआई ने केकेआर को निर्देश दिया है।
- बॉलीवुड पर अनैतिकता का आरोप लगाया गया।
- हिंदुओं के प्रति घृणा का मुद्दा उठाया गया।
- धर्म का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
मथुरा, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने आईपीएल 2026 की नीलामी में बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को खरीदा था। इस पर विवाद बढ़ने के बाद बीसीसीआई ने केकेआर को निर्देश दिया है कि वह बांग्लादेशी खिलाड़ी को बाहर करे। इसी संदर्भ में कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने अपनी आवाज उठाई है और साथ ही बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर तीखी टिप्पणी की है।
अनिरुद्धाचार्य ने बॉलीवुड पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वहां के लोग खुद को भगवान समझते हैं।
सवाल: शाहरुख खान की टीम द्वारा बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को खरीदने पर मचे बवाल के बाद, बीसीसीआई ने टीम प्रबंधन को खिलाड़ी को बाहर करने के लिए कहा है। क्या आपको लगता है कि यह सही है?
जवाब: हमारा मानना है कि जो आपके साथ खेलता है, वही आपका मित्र है। क्या जो हमारे हिंदुओं को जलाता है और मारता है, वह मित्र हो सकता है? हम उनके साथ क्रिकेट क्यों खेलें? बांग्लादेशी खिलाड़ियों को खरीदने वाले लोगों से पूछताछ होनी चाहिए। आप 9 करोड़ रुपये में खिलाड़ी खरीद रहे हैं और क्या आपको यह दिखाई नहीं दे रहा कि भारतीयों को इससे कष्ट हो रहा है?
भारत से कमाए गए पैसे को उन लोगों को भेजना जो हिंदुओं से नफरत करते हैं, क्या यह साबित नहीं करता कि आप (शाहरुख खान) भी हिंदुओं से नफरत करते हैं? यदि आप हिंदुओं से प्रेम करते हैं तो आपको इस पर विचार करना चाहिए। धर्म हमें सिखाता है कि हमें धर्म का पालन करना चाहिए।
सवाल: क्या आपको लगता है कि शाहरुख खान की टीम इस बात से अनजान थी कि खिलाड़ी को खरीदने से भारत में आक्रोश फैल सकता है?
जवाब: बॉलीवुड के लोग खुद को भगवान समझते हैं। उन्हें लगता है कि उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता। वे अनैतिकता का प्रचार करते हैं। जनता ने जब आवाज उठाई, तब शाहरुख खान को अपना फैसला बदलना पड़ा।
वे भारत की जनता से पैसा कमाते हैं और फिर उस धन को अन्यत्र बांट देते हैं। भारत की जनता ही उन्हें सुपरस्टार बनाती है, जबकि उनका दिल बांग्लादेशियों के लिए धड़कता है। क्या यह हमारे साथ धोखा नहीं है? यह विश्वासघात है।
सवाल: कुछ लोग और राजनीतिक समूह यह दावा करते हैं कि भारत में मुस्लिम समुदाय भेदभाव का सामना कर रहा है। आपके क्या विचार हैं?
जवाब: हम उन मुसलमानों की विचारधारा का विरोध करते हैं जो हिंदुओं के प्रति घृणा फैलाते हैं। हिंदुओं के प्रति घृणा क्यों? हिंदू मुसलमानों से घृणा नहीं करते। लेकिन हम उन कृत्यों का विरोध करते हैं जिनमें हिंदुओं की हत्या की जाती है।
सवाल: जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद का निर्माण करने की घोषणा की है। इस पर आपकी क्या राय है?
जवाब: बाबरी मस्जिद बाबर से पहले अस्तित्व में नहीं थी। क्या विदेशी आक्रमणकारियों के नाम पर ऐसी इमारतें खड़ी होनी चाहिए जो सनातन अनुयायियों की आस्था को ठेस पहुंचाती हैं?
सवाल: हाल के दिनों में भीम आर्मी से जुड़े लोग मनुस्मृति को जलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस बारे में आपकी क्या राय है?
जवाब: मनुस्मृति जलाने वाले अज्ञानी हैं। वेद, पुराण, शास्त्र, धार्मिक ग्रंथ और संविधान, ये किसके लिए हैं? जो पढ़ नहीं सकते, वे क्या पढ़ेंगे? एक दलित भाई ने कहा कि उसने मनुस्मृति का अध्ययन किया है और उसमें ऐसा कुछ नहीं मिला जिसकी वजह से उसे जलाया जाना चाहिए।
दलितों को गुमराह करने वाले कुछ मुसलमान हैं। यदि मुसलमान दलितों के हितैषी हैं, तो फिर क्यों पाकिस्तान के पहले कानून मंत्री को वापस आना पड़ा? बांग्लादेश में बेरहमी से मारे गए दलित युवक का मामला भी विचारणीय है। लोगों को इस पर सोचने की आवश्यकता है।