29 सितंबर 2026
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बिहार CM सम्राट चौधरी ने पटना में कराया अन्नप्राशन, 1.15 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों पर 'आंगन का मिलन' कार्यक्रम

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बिहार CM सम्राट चौधरी ने पटना में कराया अन्नप्राशन, 1.15 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों पर 'आंगन का मिलन' कार्यक्रम

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में अन्नप्राशन कराकर बाल-पोषण को राज्य की प्राथमिकता बताया। एक ही दिन में बिहार के सभी 1,15,064 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 'आंगन का मिलन' कार्यक्रम — यह सिर्फ आयोजन नहीं, राज्य की पोषण नीति का सार्वजनिक पुनर्दावा है।

मुख्य बातें

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 29 सितंबर 2026 को पटना के फुलवारीशरीफ स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-137 में बच्चों का अन्नप्राशन कराया।
राज्य के सभी 1,15,064 आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक साथ 'आंगन का मिलन' कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों को सांकेतिक चेक प्रदान किए गए।
'सुपोषित बचपन की रसोई' पुस्तिका का विमोचन हुआ; आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रशस्ति पत्र दिए गए।
सरकार ने भवन-विहीन आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए नए भवन निर्माण का आश्वासन दिया।
राज्य में करीब 1.15 लाख आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाएँ सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 29 सितंबर 2026 को पटना के फुलवारीशरीफ उच्च विद्यालय परिसर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-137 में बच्चों का अन्नप्राशन कराकर स्वस्थ बचपन का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने राज्यव्यापी 'आंगन का मिलन' कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया, जो एक साथ बिहार के सभी 1,15,064 आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित हुआ।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्र पर उपस्थित बच्चों, सेविकाओं और लाभुकों से सीधा संवाद किया तथा केंद्र पर मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उनके बीच मिठाइयाँ वितरित कीं। इसके अतिरिक्त महिलाओं की गोदभराई कराई गई और लाभार्थियों के बीच पौष्टिक किट का वितरण भी किया गया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों को सांकेतिक चेक प्रदान किए। उन्होंने 'सुपोषित बचपन की रसोई' नामक पुस्तिका का विमोचन किया तथा आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं और आशा दीदी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

सरकार की प्राथमिकताएँ

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रसव पूर्व और प्रसव उपरांत माताओं तथा बच्चों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों के पास अपना भवन नहीं है, वहाँ भवन निर्माण की दिशा में काम किया जाएगा। उनके अनुसार, सरकार का उद्देश्य जच्चा-बच्चा दोनों को स्वस्थ रखना और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा एवं पर्याप्त पोषण उपलब्ध कराना है।

चौधरी ने बताया कि राज्य में करीब 1.15 लाख आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाएँ बच्चों और परिवारों की सेवा में लगी हैं। सभी केंद्रों पर बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक भोजन, फल और दूध उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों से अपील की कि गाँव और आसपास के सभी छोटे बच्चों को केंद्रों से जोड़ा जाए।

लाभार्थियों से संवाद

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों को और बेहतर बनाने के लिए लाभार्थियों और स्थानीय लोगों से सुझाव लिए जा रहे हैं, और आवश्यक सुधार के लिए सरकार हरसंभव कदम उठाएगी।

गौरतलब है कि यह कार्यक्रम केवल एक प्रतीकात्मक आयोजन नहीं है — एक ही दिन में बिहार के सभी 1,15,064 केंद्रों पर एक साथ इसे आयोजित करना राज्य की समन्वय क्षमता और बाल-पोषण के प्रति प्रतिबद्धता का संकेत है।

राजनीतिक परिदृश्य

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हें और आगे बढ़ाया जाएगा तथा पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 'आंगन का मिलन' कार्यक्रम निरंतर जारी रहेगा।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता, सांसद रविशंकर प्रसाद और विधायक श्याम रजक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, बच्चे और उनके अभिभावक उपस्थित रहे।

क्या होगा आगे

चौधरी ने संकेत दिया कि 'आंगन का मिलन' एक नियमित कार्यक्रम के रूप में जारी रहेगा, जिसमें बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा पर केंद्रित गतिविधियाँ शामिल होंगी। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर बाल कुपोषण एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है और बिहार जैसे राज्यों पर पोषण सूचकांकों में सुधार का दबाव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

15,064 केंद्रों पर होने वाले आयोजन प्रशासनिक पहुँच का प्रभावशाली प्रदर्शन हैं, लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या इनसे ज़मीनी पोषण सूचकांकों में वास्तविक सुधार होता है। बिहार राष्ट्रीय पोषण रैंकिंग में अभी भी निचले पायदानों पर है और भवन-विहीन आंगनबाड़ी केंद्रों की समस्या वर्षों पुरानी है। मुख्यमंत्री का भवन निर्माण का आश्वासन पहली बार नहीं है — इसे ठोस समयसीमा और बजट आवंटन से जोड़ा जाए, तभी यह महज घोषणा से आगे जाएगा।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'आंगन का मिलन' कार्यक्रम क्या है?
'आंगन का मिलन' बिहार सरकार का एक राज्यव्यापी कार्यक्रम है जो एक साथ सभी 1,15,064 आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा को बढ़ावा देना तथा लाभार्थियों से सीधा संवाद स्थापित करना है।
अन्नप्राशन संस्कार का क्या महत्व है और CM ने इसे क्यों किया?
अन्नप्राशन शिशु को पहली बार अनाज खिलाने का पारंपरिक संस्कार है, जो बाल पोषण की शुरुआत का प्रतीक है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे आंगनबाड़ी केंद्र में कराकर शासन की ओर से स्वस्थ बचपन और संस्थागत पोषण सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता जताई।
बिहार में किन महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं के लाभार्थियों को इस कार्यक्रम में सम्मानित किया गया?
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों को सांकेतिक चेक प्रदान किए गए। इसके अलावा आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं और आशा दीदी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
बिहार में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन की क्या स्थिति है?
मुख्यमंत्री चौधरी ने स्वीकार किया कि राज्य में कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों के पास अपना भवन नहीं है। उन्होंने ऐसे केंद्रों के लिए भवन निर्माण सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया, हालाँकि कोई ठोस समयसीमा या बजट आवंटन की घोषणा नहीं की गई।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन से वरिष्ठ नेता उपस्थित थे?
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता, सांसद रविशंकर प्रसाद और विधायक श्याम रजक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं आंगनबाड़ी कर्मी मौजूद रहे।
राष्ट्र प्रेस
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