हिमाचल 2027: अनुराग ठाकुर का दावा — BJP सरकार बनेगी, कांग्रेस की गारंटियाँ 'खटारा'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद अनुराग ठाकुर ने 22 अक्टूबर 2026 को शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान दावा किया कि हिमाचल प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन को इस दावे का आधार बताया और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर चुनावी वादे पूरे न करने का आरोप लगाया।
स्थानीय चुनावों को बताया जनादेश का संकेत
ठाकुर ने कहा कि चार नगर निगमों में से तीन में भाजपा ने जीत दर्ज की, 12 जिला परिषदों में से 11 पर पार्टी का कब्जा है और पंचायती राज चुनावों में पार्टी ने लगभग 80 प्रतिशत सीटें जीती हैं। उनके अनुसार ये नतीजे साफ संकेत देते हैं कि जनता कांग्रेस से मुँह मोड़ चुकी है।
उन्होंने ठियोग विधानसभा क्षेत्र का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ बड़ी संख्या में बीडीसी चेयरमैन, नगर पंचायत सदस्य, पंचायती राज संस्थाओं के प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों के चुनाव में भाजपा को जीत मिली है।
कांग्रेस की गारंटियों पर हमला
ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मुख्यमंत्री सुक्खू पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का 'खटाखट मॉडल' अब 'खटारा' हो गया है। उनका आरोप है कि सत्ता में आने से पहले की गई चुनावी गारंटियाँ ज़मीन पर पूरी नहीं हुई हैं। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष पूरे देश में 'कांग्रेस की गारंटी' के मॉडल की विश्वसनीयता को चुनौती दे रहा है।
राज्य पर ₹1,12,000 करोड़ से अधिक के कर्ज का आरोप
भाजपा सांसद ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश पर ₹1,12,000 करोड़ से अधिक का कर्ज है और सरकार कर्ज चुकाने के लिए नया कर्ज ले रही है। गौरतलब है कि ये आँकड़े भाजपा की ओर से दिए गए हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
उन्होंने ₹8,555 करोड़ की एक राशि का भी उल्लेख किया, हालाँकि उन्होंने स्पष्ट नहीं किया कि यह किस मद की लंबित देनदारी से जुड़ी है। इसके अलावा, उन्होंने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की लंबित देनदारियों का मुद्दा भी उठाया।
शिक्षण संस्थान बंद और पद समाप्त करने के आरोप
ठाकुर ने दावा किया कि पिछले चार वर्षों में राज्य में हज़ारों शिक्षण संस्थान बंद किए गए और डेढ़ लाख पद समाप्त कर दिए गए। उन्होंने शिक्षा विभाग में 5,109 पद खाली होने का भी दावा किया। ये आरोप कांग्रेस सरकार की शिक्षा और रोज़गार नीतियों पर सीधा हमला हैं।
चुनाव आयोग पर विपक्ष के रुख की आलोचना
अनुराग ठाकुर ने चुनाव आयोग पर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों को 'पूर्व नियोजित रणनीति' करार दिया। उन्होंने कहा कि जब समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव को पिछले चुनाव में अपेक्षित सीटें नहीं मिली थीं, तब विपक्ष ने आयोग पर सवाल नहीं उठाए थे। उनका आरोप है कि विपक्ष चुनाव हारने से पहले ही माहौल बनाता है ताकि हार का दोष आयोग पर मढ़ा जा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, 2027 के चुनाव से पहले हिमाचल में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपनी-अपनी रणनीति तेज़ कर दी है — और ठाकुर का यह हमला उसी व्यापक अभियान का हिस्सा प्रतीत होता है।