एपेक वित्त मंत्रियों की 33वीं बैठक हांगकांग में संपन्न, 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने लिया भाग
सारांश
मुख्य बातें
एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) के वित्त मंत्रियों की 33वीं बैठक 21 अक्टूबर 2026 को हांगकांग में संपन्न हुई, जिसमें एपेक सदस्य देशों, पर्यवेक्षकों और संबंधित अंतरराष्ट्रीय संगठनों के 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। चीनी वित्त मंत्री लान फोआन ने चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए इस बैठक की अध्यक्षता की।
मुख्य घटनाक्रम
बैठक में वैश्विक और क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक एवं वित्तीय स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अलावा, लोगों की आजीविका को सहारा देने वाली राजकोषीय नीतियाँ, डिजिटल अवसंरचना का वित्तपोषण, स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल समावेशी वित्त को बढ़ावा देना और युवा एपेक वित्तीय पेशेवरों के बीच आदान-प्रदान व सहयोग को प्रोत्साहित करना जैसे महत्त्वपूर्ण विषय भी एजेंडे में शामिल रहे।
यह बैठक ऐसे समय में आयोजित हुई जब एशिया-प्रशांत क्षेत्र में डिजिटल अर्थव्यवस्था तेज़ी से विस्तार पा रही है और कई सदस्य देश अपनी राजकोषीय नीतियों में बड़े बदलाव कर रहे हैं।
महत्त्वपूर्ण दस्तावेज़ अपनाए गए
बैठक में दो प्रमुख दस्तावेज़ों की समीक्षा की गई और उन्हें सर्वसम्मति से अपनाया गया — 'एपेक वित्त मंत्रियों का संयुक्त वक्तव्य 2026' और 'एशिया-प्रशांत क्षेत्र में डिजिटल अवसंरचना के वित्तपोषण पर नीति वक्तव्य'। इन दस्तावेज़ों ने एशिया-प्रशांत अर्थव्यवस्थाओं के बीच वित्तीय सहयोग को और गहरा करने का मार्ग प्रशस्त किया है।
गौरतलब है कि डिजिटल अवसंरचना पर नीति वक्तव्य एपेक के इतिहास में इस विषय पर पहली बार इतने विस्तृत रूप में अपनाया गया दस्तावेज़ माना जा रहा है, जो क्षेत्र में डिजिटल बुनियादी ढाँचे में निवेश की बढ़ती प्राथमिकता को दर्शाता है।
चीन का रुख और लान फोआन का संबोधन
चीनी वित्त मंत्री लान फोआन ने बैठक में चीन की अर्थव्यवस्था के निरंतर सकारात्मक रुझान का परिचय दिया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि चीन उच्च गुणवत्ता वाले विकास को दृढ़ता से बढ़ावा देगा, नए विकास चालकों के संवर्धन में तेज़ी लाएगा और घरेलू मांग के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि चीन उच्च स्तरीय खुलेपन का विस्तार जारी रखेगा, ताकि चीनी शैली वाले आधुनिकीकरण की नई उपलब्धियों के साथ एशिया-प्रशांत क्षेत्र और वैश्विक विकास के लिए नए अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
एपेक और भारत के लिए प्रासंगिकता
एपेक का यह मंच एशिया-प्रशांत क्षेत्र की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच नीतिगत समन्वय का एक अहम मंच है। वित्तीय सहयोग, डिजिटल अवसंरचना और समावेशी वित्त पर लिए गए निर्णय आने वाले समय में क्षेत्र की आर्थिक दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। इस बैठक के निष्कर्ष एपेक नेताओं की आगामी शिखर बैठक में भी इनपुट के रूप में काम आएंगे।