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8वीं एपेक मानव संसाधन मंत्री बैठक नानचिंग में, शन यिछिन ने एशिया-प्रशांत सहयोग का आह्वान किया

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8वीं एपेक मानव संसाधन मंत्री बैठक नानचिंग में, शन यिछिन ने एशिया-प्रशांत सहयोग का आह्वान किया

सारांश

नानचिंग में 8वीं एपेक मानव संसाधन मंत्री बैठक में चीन ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में कौशल विकास, रोज़गार और प्रतिभा आदान-प्रदान पर सामूहिक प्रयास का आह्वान किया — ऐसे दौर में जब AI और जनसांख्यिकीय बदलाव श्रम बाज़ार को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं।

मुख्य बातें

8वीं एपेक मानव संसाधन मंत्री स्तरीय बैठक 21 सितंबर 2026 को नानचिंग, च्यांगसु में आयोजित हुई।
चीनी राज्य परिषद सदस्य शन यिछिन ने उद्घाटन समारोह में भाषण दिया।
शन यिछिन ने उच्च गुणवत्तापूर्ण रोज़गार , व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभा आदान-प्रदान पर सहयोग का आह्वान किया।
चीन ने जन-केंद्रित विकास दृष्टिकोण और आधुनिक मानव संसाधन प्रणाली निर्माण की अपनी नीति को दोहराया।
बैठक में एशिया-प्रशांत क्षेत्र में तकनीकी क्रांति और जनसांख्यिकीय परिवर्तन को प्रमुख चुनौती के रूप में स्वीकार किया गया।

मानव संसाधन विकास पर 8वीं एपेक मंत्री स्तरीय बैठक 21 सितंबर 2026 को चीन के च्यांगसु प्रांत के नानचिंग शहर में आयोजित की गई। चीनी राज्य परिषद के सदस्य शन यिछिन ने उद्घाटन समारोह में भाग लेकर मुख्य भाषण दिया, जिसमें उन्होंने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में मानव संसाधन विकास के महत्व और चीन की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

बैठक की मुख्य पृष्ठभूमि

एपेक (एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग) के मंच पर यह बैठक ऐसे समय में आयोजित की गई जब एशिया-प्रशांत क्षेत्र तकनीकी क्रांति और जनसांख्यिकीय बदलावों की दोहरी चुनौती से जूझ रहा है। गौरतलब है कि यह इस श्रृंखला की 8वीं बैठक है, जो दर्शाती है कि सदस्य अर्थव्यवस्थाएँ मानव पूँजी विकास को क्षेत्रीय प्राथमिकता के रूप में लगातार देखती आ रही हैं।

बैठक का आयोजन ऐसे समय में हुआ जब वैश्विक स्तर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और स्वचालन के चलते श्रम बाज़ार में बड़े बदलाव आ रहे हैं और व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।

शन यिछिन का संबोधन

शन यिछिन ने अपने भाषण में कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने इस बात पर बल दिया है कि मानव संसाधन प्राथमिक संसाधन हैं और नवाचार के सबसे सक्रिय एवं सकारात्मक कारक हैं। उन्होंने बताया कि चीनी सरकार जन-केंद्रित विकास दृष्टिकोण का अनुसरण करती है तथा उच्च गुणवत्ता, प्रचुरता, अनुकूलित संरचना और तर्कसंगत वितरण वाली आधुनिक मानव संसाधन प्रणाली विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करती है।

शन यिछिन के अनुसार, इस प्रणाली का लक्ष्य 'विशिष्ट चीनी विशेषताओं वाला मानव संसाधन विकास पथ' बनाना है, जो आर्थिक प्रगति और जन-जीवन के उत्थान — दोनों को एक साथ बढ़ावा दे।

एशिया-प्रशांत सहयोग पर ज़ोर

शन यिछिन ने रेखांकित किया कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में मानव संसाधन विकास की अपार संभावनाएँ हैं, परंतु तकनीकी क्रांति और जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के चलते इसे महत्वपूर्ण चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि चीनी सरकार सभी पक्षों के साथ मिलकर काम करने को तत्पर है।

इस संदर्भ में उन्होंने निम्नलिखित प्राथमिकताएँ गिनाईं: एशिया-प्रशांत सहयोग की मूल आकांक्षा को बनाए रखना, उच्च गुणवत्ता और पूर्ण रोज़गार को संयुक्त रूप से बढ़ावा देना, व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण को मज़बूत करना, श्रमिकों के वैध अधिकारों की रक्षा करना तथा उच्च स्तरीय अंतरराष्ट्रीय प्रतिभा आदान-प्रदान को प्रोत्साहन देना।

क्या होगा आगे

बैठक में लिए गए निर्णयों और अनुशंसाओं को एपेक के व्यापक ढाँचे में समाहित किए जाने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की मंत्री स्तरीय बैठकें नीतिगत समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, हालाँकि ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वयन की गति सदस्य अर्थव्यवस्थाओं की अपनी प्राथमिकताओं पर निर्भर करती है। एक खुले, गतिशील, लचीले और शांतिपूर्ण एशिया-प्रशांत समुदाय के निर्माण का लक्ष्य इस बैठक की केंद्रीय थीम रही।

संपादकीय दृष्टिकोण

इन घोषणाओं और वास्तविक क्रियान्वयन के बीच की खाई का प्रश्न खुला रहता है — विशेष रूप से जब श्रम अधिकारों की स्वतंत्र निगरानी की बात आती है। एपेक जैसे बहुपक्षीय मंच पर 'उच्च स्तरीय प्रतिभा आदान-प्रदान' और 'खुलेपन' की बात करना उस समय और भी अहम हो जाता है जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के चलते प्रतिभा और तकनीक का प्रवाह बाधित हो रहा है।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

8वीं एपेक मानव संसाधन मंत्री स्तरीय बैठक कहाँ और कब हुई?
यह बैठक 21 सितंबर 2026 को चीन के च्यांगसु प्रांत के नानचिंग शहर में आयोजित की गई। यह एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) के मानव संसाधन विकास पर केंद्रित मंत्री स्तरीय श्रृंखला की 8वीं कड़ी थी।
शन यिछिन कौन हैं और उन्होंने बैठक में क्या कहा?
शन यिछिन चीनी राज्य परिषद के सदस्य हैं। उन्होंने बैठक के उद्घाटन समारोह में कहा कि चीन एशिया-प्रशांत सहयोगियों के साथ मिलकर रोज़गार की गुणवत्ता सुधारने, व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण को मज़बूत करने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभा आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए काम करने को तत्पर है।
एपेक मानव संसाधन बैठक में किन प्रमुख चुनौतियों की चर्चा हुई?
बैठक में तकनीकी क्रांति और जनसांख्यिकीय परिवर्तनों को एशिया-प्रशांत क्षेत्र के मानव संसाधन विकास के लिए प्रमुख चुनौती के रूप में रेखांकित किया गया। इन बदलावों के चलते व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण और श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा पर विशेष ज़ोर दिया गया।
चीन की मानव संसाधन विकास नीति क्या है?
चीन की नीति जन-केंद्रित विकास दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसमें उच्च गुणवत्ता, प्रचुरता, अनुकूलित संरचना और तर्कसंगत वितरण वाली आधुनिक मानव संसाधन प्रणाली बनाने पर ध्यान केंद्रित है। इसका उद्देश्य आर्थिक विकास और जनता के जीवन स्तर — दोनों को एक साथ बढ़ावा देना है।
एपेक मानव संसाधन बैठक का एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए क्या महत्व है?
यह बैठक एशिया-प्रशांत सदस्य अर्थव्यवस्थाओं को मानव पूँजी विकास पर नीतिगत समन्वय का अवसर देती है। इसमें रोज़गार, प्रतिभा आदान-प्रदान और श्रम अधिकारों पर साझा रणनीति तैयार होती है, जो एक खुले और गतिशील एशिया-प्रशांत समुदाय के निर्माण में सहायक मानी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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